गंभीर ने वैभव का कॉन्फिडेंस तोड़ दिया: श्रीकांत बोले- सिर्फ 3 फेलियर के बाद ड्रॉप करना गलत, फिर भी सूर्यवंशी ने 18 बॉल में फिफ्टी लगाई
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स्पोर्ट्स डेस्क. भारत के पूर्व कप्तान के. श्रीकांत ने गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) पर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को ड्रॉप करने पर निशाना साधा है। श्रीकांत का कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 3 मैच में फ्लॉप होने के बाद वैभव को टीम से ड्रॉप करना गलत फैसला था। इससे उनका कॉन्फिडेंस टूट सकता था।
हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले T20I में वैभव ने सिर्फ 18 बॉल में अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी जड़ दी। उन्होंने 19 बॉल में 50 रन की पारी खेली। इसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 126 रन का टारगेट 7 विकेट रहते और 40 बॉल पहले ही हासिल कर लिया।

गंभीर ने आखिर उन्हें क्यों ड्रॉप किया?
अपने यूट्यूब चैनल 'चीकी चीका' पर श्रीकांत ने कहा- वैभव के पास शॉट्स की अच्छी रेंज है। उनकी कोई भी शॉट क्रॉस-बैटेड नहीं थी। यह लड़का वाकई स्पेशल है। आखिर गंभीर ने सिर्फ 3 फेलियर के बाद उन्हें ड्रॉप क्यों कर दिया? इससे उनका कॉन्फिडेंस टूट सकता था।
उन्होंने कहा- 250 के स्ट्राइक रेट से इतनी आसानी से रन बनाना बेहतरीन है। ज्यादातर प्लेयर 3 फेलियर के बाद टीम में अपनी जगह बचाने के लिए सिंगल-डबल खेलते हैं। वैभव ने बिना किसी डर के अपनी नैचुरल बैटिंग जारी रखी। उनके लिए 18 बॉल में फिफ्टी बनाना अब बच्चों का खेल लगता है।

इंग्लैंड सीरीज के बाद घर नहीं गए
श्रीकांत ने वैभव की डेडिकेशन की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड सीरीज खत्म होने के बाद वैभव घर जाने के बजाय सीधे राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के कैंप पहुंच गए। उन्होंने कहा - वैभव की डेडिकेशन को सलाम। वह शॉर्ट बॉल के खिलाफ अपनी बैटिंग पर लगातार काम कर रहे। वह पूरी दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वह कितने स्पेशल हैं।
इंग्लैंड में नहीं चला था बैट
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले 3 T20I मैच में 14, 13 और 15 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें 5वें T20I से बाहर कर दिया गया। हालांकि, जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने कमबैक किया। इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बैटर बन गए।


