स्पेन दूसरी बार FIFA WC के फाइनल में: फ्रांस को 2-0 से हराया; रोड्री की प्लानिंग, डिफेंस और बॉल कंट्रोल से सेमीफाइनल जीता
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। यह स्पेन का दूसरा वर्ल्ड कप फाइनल होगा। इससे पहले टीम ने सिर्फ एक बार 2010 में फाइनल खेला था, जिसमें नीदरलैंड्स को हराकर खिताब जीता था।
फ्रांस के खिलाफ जीत के सबसे बड़े हीरो मिडफील्डर और कप्तान रोड्री रहे, जिन्होंने पूरे मैच में अपनी स्ट्रेटेजी, सटीक पासिंग और मजबूत डिफेंसिव खेल से फ्रांस के प्लेयर्स को पूरी तरह बेअसर किया। मिकेल ओयार्जाबेल और पेड्रो पोरो ने गोल किए, लेकिन स्पेन की इस जीत की असली नींव रोड्री ने अपने मिडफील्ड परफॉर्मेंस से रखी।
22 महीने पहले घुटने की इंजरी हुई थी
करीब 22 महीने पहले घुटने की इंजरी (ACL) से जूझने वाले रोड्री अब पूरी तरह अपनी पुरानी लय में लौट चुके हैं। 2024 में बैलोन डी'ओर जीतने वाले इस खिलाड़ी ने फ्रांस के खिलाफ वही प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें दुनिया के मिडफील्डर्स में शामिल किया था। मैच के बाद स्पेन ने शुरुआत से ही गेम पर कब्जा बनाए रखा और फ्रांस को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
22वें मिनट में लामिन यामल पर हुए फाउल के बाद मिले पेनल्टी को मिकेल ओयार्जाबेल ने गोल में बदलकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ के 58वें मिनट में डानी ओल्मो के पास पर पेड्रो पोरो ने गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी।
रोड्री ने ऐसे तोड़ी फ्रांस की ताकत
फ्रांस के पास किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलिसे जैसे तेज और खतरनाक खिलाड़ी थे, लेकिन रोड्री ने आयमेरिक लापोर्टे और पाउ क्यूबार्सी के साथ मिलकर मजबूत डिफेंस किया। यही वजह रही कि फ्रांस का कोई भी खिलाडी गोल नहीं कर पाया। स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को पूरे मैच में एक भी मुश्किल बचाव नहीं करना पड़ा।

रोड्री बार-बार सही समय पर टैकल करते रहे, डेम्बेले से गेंद छीनी और एम्बाप्पे को बीच के हिस्से में जगह नहीं बनाने दी। उनकी वजह से फ्रांस की पूरी अटैकिंग प्लानिंग फेल हो गई। हालात ऐसे हो गए कि फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स को हाफ टाइम में मिडफील्डर एड्रियन राबियो को बदलना पड़ा, लेकिन उससे भी टीम की तस्वीर नहीं बदली।
पासिंग और पजेशन से बनाया दबाव
रोड्री ने सिर्फ डिफेंस में ही नहीं, बल्कि गेंद को एक छोर से दूसरे छोर तक तेजी से पहुंचाकर भी फ्रांस पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने कई बार गेंद को फुल-बैक मार्क कुकुरेला और पेड्रो पोरो तक पहुंचाकर गेम बदलने की कोशिश की। पूरे मैच में उन्होंने 12.5 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की और लगातार खेल की रफ्तार को अपने कंट्रोल में रखा।

लगातार 37वां मैच नहीं हारा स्पेन
यूरोपीय चैंपियन स्पेन का शानदार फॉर्म लगातार जारी है। टीम लगातार 37वें मैच में अजेय रही और पूरे वर्ल्ड कप में अब तक 7 मैचों में सिर्फ एक गोल खाया है। मजबूत डिफेंस और टीमवर्क की बदौलत स्पेन 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा है। अब 20 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले फाइनल में स्पेन का सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। अगर स्पेन यह मुकाबला जीतता है, तो वह 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनेगा।
मैच के बाद रोड्री ने कहा- हम एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं। टीम बेहद खुश है, लेकिन अभी हमें शांत रहकर फाइनल की तैयारी करनी होगी। हमें पता था कि फ्रांस तेज अटैक करने वाली टीम है, जबकि हमारी ताकत गेंद पर कब्जा रखना है। उसी के साथ हम आगे बढ़े।

