कुलदीप को न खिलाना गलत: सौरव गांगुली बोले- टेस्ट के चौथे और पांचवें दिन वो खतरनाक बॉलर, कम्बोज-मुकेश को ज्यादा मौके दें
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पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली BCCI के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा- कुलदीप जैसे स्पिनर को लगातार नजरअंदाज करना टीम के लिए गलत साबित हो सकता है। (Photo: BCCI)
सौरव गांगुली ने कहा है कि टीम इंडिया मैनेजमेंट ने कुलदीप को नजरअंदाज किया है, उन्हें प्लेइंग 11 में मौका मिलना चाहिए था। गांगुली के मुताबिक- टेस्ट के चौथे और पांचवे दिन कुलदीप खतरनाक साबित होते हैं। दादा के नाम से मशहूर टीम इंडिया के इस पूर्व कप्तान ने अंशुल कम्बोज और मुकेश को ज्यादा मौके दिए जाने की भी बात की। उनके मुताबिक- इन दोनों बॉलर्स को जल्दबाजी में नहीं आंकना चाहिए। उन्हें इसके लिए वक्त देना होगा।
तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज में आखिरी और पांचवां टेस्ट चल रहा है और कुलदीप इस मैच में भी प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं हैं। इस लेफ्ट आर्म चाइनामैन बॉलर ने अब तक 13 टेस्ट खेले हैं। इनमें 22.16 की औसत से 56 विकेट लिए हैं।
कुलदीप को नजरअंदाज मत कीजिए
गांगुली ने कहा- कुलदीप जैसे स्पिनर को लगातार नजरअंदाज करना टीम के लिए गलत साबित हो सकता है। मुझे लगता है मैनचेस्टर, लॉर्ड्स और बर्मिंघम जैसी पिचों पर कुलदीप को मौका मिलना चाहिए था। पांचवें दिन किसी टीम को आउट करना है तो हमें अच्छे स्पिनर चाहिए।
गांगुली ने कहा- इंग्लैंड के पास कोई टॉप क्लास स्पिनर नहीं था, इसलिए वे भारत की दूसरी पारी में विकेट नहीं निकाल सके। कुलदीप जैसे खिलाड़ी नजरअंदाज कैसे किया जा सकता है।
बॉलिंग यूनिट मजबूत होना जरूरी
सौरव ने कहा- गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों को ज्यादा मौका दिया है। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर को टीम में बरकरार रखा। मेरा मानना है कि मैच जिताने वाले गेंदबाज ज्यादा जरूरी होते हैं। कुलदीप जैसे खिलाड़ी भारत के लिए जरूरी हैं। उसके पास वो खासियत है जो किसी भी बल्लेबाज को परेशान कर सकती है। उसे लगातार खिलाना होगा। वो हमारे फ्यूचर का अहम हिस्सा है।
कम्बोज को एक टेस्ट के बाद बाहर क्यों किया
गांगुली ने अंशुल कम्बोज का भी बचाव किया, जिन्हें एक ही टेस्ट के बाद बाहर कर दिया गया। कम्बोज को मैनचेस्टर टेस्ट में डेब्यू मिला था, लेकिन वे सिर्फ एक विकेट ही ले पाए थे।
गांगुली ने कहा- एक मैच से किसी प्लेयर को जज नहीं किया जा सकता। कम्बोज ने डोमेस्टिक क्रिकेट में काफी विकेट लिए हैं। उसे 5-6 या 8 टेस्ट तक मौका देना चाहिए।
कम्बोज ने अपने फर्स्ट क्लास कॅरियर में 25 मैच में 3.15 की इकोनॉमी से 80 विकेट लिए है। बेस्ट बॉलिंग 10/49 है।
मुकेश को नहीं मिला मौका
गांगुली ने कहा- मुझे हैरानी होती है कि मुकेश कुमार को मौका मिलना चाहिए था। फरवरी 2024 में इंग्लैंड खिलाफ मुकेश ने 3 टेस्ट में 25.27 की एवरेज से मैच में 7 विकेट हासिल किए थे।
मुकेश का फस्ट क्लास का रिकॉर्ड
मुकेश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 52 मैच में 21.55 के एवरेज से 210 विकेट लिए। उनका बेस्ट 6/32 है।

