जिस बैट ने तुम्हें इज्जत-शोहरत दी, उसका सम्मान करो: कैफ ने बताई युवी को सचिन की सीख की कहानी; तेंदुलकर सबको साथ लेकर चलते थे
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युवराज सिंह 2011 ODI वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। (फोटो फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क- इस खबर की शुरुआत हमें एक सीधी घटना से करते हैं, क्योंकि इसका संबंध क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से है.... बात 2013 की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में युवराज सिंह गलत स्ट्रोक खेलकर जल्दी आउट हो गए। ड्रैसिंग रूम में लौटे तो गुस्से में थे। आते ही अपना बैट फेंक दिया। यह सब सचिन तेंदुलकर की आंखों के सामने हुआ। कुछ देर बाद उन्होंने युवी को करीब बुलाया और कहा- जिस बैट ने तुम्हें सब कुछ दिया, उसका सम्मान करना सीखो। यह किस्सा वैसे युवराज ने काफी जगह बताया। अब मोहम्मद कैफ ने इसका जिक्र किया है और यंग जेनरेशन को एक मैसेज भी दिया।
सचिन की बात ने युवराज की सोच बदली
सचिन के इन अल्फाज ने युवराज की सोच ही बदल दी। बाद में युवी ने खुद कई इंटरव्यू में इस घटना को तफ्सील से बताया। युवी खुद कह चुके हैं- सचिन पाजी ने मुझे सिखाया कि क्रिकेट में इमोशन होने चाहिए, लेकिन गुस्सा नहीं। ये वो वक्त था जब टीम इंडिया में एक अलग ही माहौल हुआ करता था। प्लेयर भाईयों की तरह रहा करते थे।
सचिन सब को साथ लेकर चलते
कैफ ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा- सचिन कभी अकेले प्रैक्टिस खत्म करके नहीं निकलते थे। चाहे उनका बैटिंग सेशन खत्म हो जाए, फिर भी वो आखिरी बैटर की प्रैक्टिस पूरी होने तक रुकते थे। वो कहते थे- यार, पहले सबका नेट सेशन पूरा हो जाए, इसके बाद सभी साथ चलेंगे।
25 साल के कॅरियर बहुत कुछ देखा
कैफ कहते हैं- सचिन ने अपने 25 साल के कॅरियर में काफी अच्छे मोमेंट देखे तो बुरा वक्त भी फेस किया। एक प्लेयर की जिंदगी में अच्छे और बुरे दौर आते रहते हैं। उन्होंने अपना डेब्यू श्रीकांत की कप्तानी में किया था। श्रीकांत BCCI की सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन भी रहे। सचिन ने तीन जनरेशन के साथ क्रिकेट खेला। अपने सामने बहुत कुछ बदलते देखा। वो हर प्लेयर को सपोर्ट करते थे।
कैफ ने आगे कहा-आजकल मैच ज्यादा होने लगे हैं। जब मैंने नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल खेला। इसके बाद मैंने अगला वनडे तीन महीने बाद श्रीलंका में चैंपियंस ट्रॉफी में खेला। उस समय मैच कम होते थे और बीच में ब्रेक मिलते थे। हम ट्रेनिंग और कंडीशनिंग कैंप्स कर पाते थे।
कैफ कहते हैं- अब खिलाड़ी लगातार मैच खेलते हैं एक मैच से सीधे अगले मैच में चले जाते हैं। इसलिए अब फिजियो, डॉक्टर, पर्सनल शेफ और ट्रेनर लेकर चलते थे। हालांकि पहले ऐसा नहीं होता। आजकल के प्लेयर में वो बात नहीं है। IPL में खिलाड़ी प्रैक्टिस के बाद सीधे होटल चले जाते थे। हमारे टाइम पर ऐसा नहीं होता था, क्योंकि वहां सचिन थे।
कैफ ने ये भी बताया कि आजकल सोशल मीडिया और कैमरे देखकर खिलाड़ी हमेशा तैयार रहते है कि कब उन्हें कैप्चर किया जा रहा है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। हम जैसे हैं, वैसे ही रहते थे, दिखावा नही करते थे।

सचिन का ओवरऑल रिकॉर्ड
मैच: 664
रन : 34,357
सेंचुरी: 100
फिफ्टी: 164

