वैभव कोे सचिन की सलाह: बोले- कप्तानी पर नहीं, रेड-बॉल क्रिकेट पर ध्यान दें; सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में कप्तानी संभाली थी
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सचिन तेंदुलकर और वैभव सूर्यवंशी। (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को लेकर स्पेशल एडवाइज दी है। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में वैभव को कप्तानी देना जल्दबाजी होगी। अभी उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में ज्यादा मैच खेलने चाहिए। इससे उन्हें अपना गेम बेहतर करने का मौका मिलेगा।
वैभव ने कम उम्र में अपनी बैटिंग से पहचान बनाई है। वह भारत की सीनियर मेंस टीम के लिए खेलने वाले सबसे यंग प्लेयर हैं। IPL में भी उनका परफॉर्मेंस चर्चा में रहा है। रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) उन्हें जनरेशन टैलेंट बता चुके हैं।
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पहले रेड-बॉल क्रिकेट पर ध्यान दें - सचिन
अगस्त में ईशान किशन (Ishan Kishan) के चोटिल होने के बाद वैभव को दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी मिली थी। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 15 साल थी।
मंगलवार (3 नवंबर) को Reddit पर सवाल-जवाब के सेशन में सचिन से वैभव को इतनी कम उम्र में कप्तानी देने के बारे में पूछा गया।
इस पर सचिन ने कहा- मुझे लगता है कि दलीप ट्रॉफी में उन्हें वाइस-कैप्टन बनाना भी जल्दबाजी है। हमें उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में ज्यादा मैच खेलने देना चाहिए। उन्हें एक-एक कदम आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
वैभव को अभी भारत की T20I टीम में टॉप ऑर्डर पर खेलने का मौका नहीं मिला है। संजू सैमसन (Sanju Samson) और अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने लगातार अच्छे परफॉर्मेंस से इस जगह पर अपनी दावेदारी मजबूत की है। दोनों ने इस साल भारतीय टीम को T20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने में अहम भूमिका निभाई थी।

सचिन ने जो रूट की भी तारीफ की
सचिन ने अपने पसंदीदा विदेशी बैटर्स के नाम भी बताए। इनमें हैरी ब्रूक (Harry Brook), जो रूट (Joe Root) और स्टीव स्मिथ (Steve Smith) शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर इंग्लैंड के बैटर जो रूट की तारीफ की। रूट टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के सचिन के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं।
सचिन से रूट के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सचिन के साथ नाम जुड़ना ही उनके लिए सम्मान की बात है।
इस पर सचिन ने रूट की शुरुआती परफॉर्मेंस को याद किया। उन्होंने कहा- मैंने उन्हें हमेशा बहुत ऊंचे स्तर का खिलाड़ी माना है। उनके पहले टेस्ट मैच में ही मुझे दिख गया था कि वह आगे चलकर बड़ा नाम बनने वाले हैं।

