द्रविड़ और गंभीर की कोचिंग की तुलना: अश्विन ने की द्रविड़ मॉडल की तारीफ, कहा- 2027 वर्ल्ड कप तक सिर्फ 17-18 प्लेयर ही खिलाएं
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कोच गंभीर के साथ कप्तान शुभमन गिल
स्पोर्ट्स डेस्क. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया की वर्ल्ड कप की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ के काम करने के तरीके की तुलना की है।
अश्विन का कहना है कि द्रविड़ के दौर में खिलाड़ियों के रोल बिल्कुल तय थे। जबकि मौजूदा टीम मैनेजमेंट ऑलराउंडर्स पर ज्यादा भरोसा कर रहा है, जो पूरी तरह बैटिंग या पूरी तरह बॉलिंग में माहिर नहीं होते। उन्होंने साफ कहा कि अगर भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतना है, तो पहले टीम में क्लैरिटी लानी होगी।
हार्दिक की जगह कौन?
ESPNcricinfo से बातचीत में अश्विन ने कहा- टीम इंडिया की सबसे बड़ी परेशानी हार्दिक पंड्या का बैकअप है। हार्दिक लगातार इंजरी से जूझ रहे हैं, इसलिए उनकी फिटनेस को लेकर भरोसा नहीं किया जा सकता। फिलहाल नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को विकल्प माना जा रहा है, लेकिन नीतीश भी बार-बार चोटिल हो रहे हैं। ऐसे में भारत के पास कोई पक्का विकल्प नहीं दिख रहा।

द्रविड़ मॉडल की तारीफ क्यों की?
अश्विन ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हार्दिक के चोटिल होने के बाद राहुल द्रविड़ और टीम मैनेजमेंट ने घबराहट में नया ऑलराउंडर ढूंढने की कोशिश नहीं की। उन्होंने टीम का कॉम्बिनेशन बदला, पांच गेंदबाजों के साथ खेला और बाकी खिलाड़ियों के रोल साफ रखे। इसी वजह से भारत फाइनल तक पहुंचा।
टीम के खिलाड़ियों को अपने रोल की पूरी समझ थी। ड्रेसिंग रूम का माहौल और खिलाड़ियों की स्पष्ट जिम्मेदारी ही आपको वर्ल्ड कप जिताती है।
गंभीर के सिस्टम पर क्या बोले?
अश्विन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों का खेल है। टीम को ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो बैट और बाॅल दोनों से मैच जिता सकें, न कि सिर्फ थोड़ा-थोड़ा सब कुछ करने वाले (ऑलराउंडर) हों।

2027 वर्ल्ड कप के लिए क्या दिया रोडमैप?
अश्विन ने सुझाव दिया कि अब टीम इंडिया को 17-18 खिलाड़ियों का एक तय ग्रुप बना लेना चाहिए। अगले 14 महीनों तक इन्हीं खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए जाएं और इन्हीं में बदलाव करते हुए सबसे मजबूत प्लेइंग-11 तैयार की जाए।
अश्विन के मुताबिक इस पूल में:
- 2 विकेटकीपर
- 3 स्पिनर
- 5 तेज गेंदबाज
होने चाहिए, ताकि वर्ल्ड कप से पहले हर खिलाड़ी अपना रोल अच्छी तरह समझ सके।

