PCB चीफ नकवी ने BCCI से माफी मांगी: कहा- जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था; सूर्या को ट्रॉफी अपने हाथ से देने पर अब भी अड़े
Published:
4 min read

एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी ACC की मीटिंग मंगलवार रात दुबई में हुई। इसमें PCB चीफ मोहसिन नकवी (राइट) ने BCCI से माफी मांगी। राजीव शुक्ला (लेफ्ट) ने BCCI को इस मीटिंग में रिप्रेजेंट किया। (फाइल फोटो)
स्पोर्ट्स डेस्क. एशिया कप 2025 जीतने के बाद भी टीम इंडिया बगैर ट्रॉफी के देश लौटी। इसकी वजह यह थी कि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन पाकिस्तान के मोहसिन नकवी हैं। वो सरकार में होम मिनिस्टर होने के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ भी हैं। टीम इंडिया ने 28 सितंबर को फाइनल जीतने के बाद नकवी के हाथों से ट्रॉफी और इंडिविजुअल मोमेंटोज (स्मृति चिन्ह) लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद नकवी ट्रॉफी और मोमेंटोज अपने होटल ले गए थे।
मंगलवार को दुबई में ACC की मीटिंग हुई। इसमें भी दोनों देशों के बीच तनाव देखने मिला। BCCI की तरफ से वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला और मेंबर आशीष शेलार शामिल हुए। पाकिस्तान की तरफ से मोहसिन नकवी और उनकी टीम मौजूद थी। इस मीटिंग के बारे में हम आपको सिलसिलेवार तरीके से अपडेट दे रहे हैं। ये तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर हैं।
नकवी ने माफी मांगी
रिपोर्ट्स के मुताबिक- जैसे ही मीटिंग शुरू हुई तो राजीव शुक्ला ने एशिया कप ट्रॉफी टीम इंडिया को न देने पर सख्त ऐतराज और नाराजगी जताई। इस पर PCB चीफ नकवी ने कहा- एशिया कप और ट्रॉफी का मसला मीटिंग के एजेंडे में नहीं है।
इस पर शुक्ला ने कहा- जीती हुई टीम को ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह नहीं मिलेंगे तो टूर्नामेंट का क्या मतलब? आपको ट्रॉफी देनी ही होगी। अगर इसको जल्द से जल्द भारत नहीं भेजा गया तो हम पहले ICC के सामने यह मसला उठाएंगे। अगर वहां भी इंसाफ नहीं मिला तो हमारे पास कई सख्त ऑप्शन हैं। शुक्ला के कड़े तेवर देखकर नकवी सकपका गए। उन्होंने कहा- 28 सितंबर को फाइनल के बाद जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। ये नहीं होना चाहिए था। मसला बेहतर तरीके से निपटाया जा सकता था।

रस्सी जली, बल नहीं गया
नकवी ने माफी तो मांग ली, लेकिन एक बात पर वो अड़ गए। उन्होंने कहा- मैं ACC का चेयरमैन हूं। अगर भारत को ट्रॉफी चाहिए तो उनके कप्तान सूर्यकुमार यादव को दुबई में ACC के ऑफिस आना होगा और मेरे हाथ से ट्रॉफी लेनी होगी। इस पर शुक्ला के साथ मौजूद BCCI मेंबर आशीष शेलार ने कहा- भारत को ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता। आप हमें एक्शन के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके बाद आशीष कुछ देर के लिए मीटिंग से उठकर चले गए। इस दौरान मीटिंग में सन्नाटा छाया रहा।

ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह तो देने ही होंगे
शुक्ला ने मीटिंग में कहा- ट्रॉफी भारतीय टीम ने जीती है। लिहाजा, न सिर्फ ट्रॉफी बल्कि स्मृति चिन्ह भी आपको देने ही होंगे। सवाल सिर्फ ये है कि ट्रॉफी और मोमेंटोज देने का तरीका क्या होगा। अब हम ही ये तय करेंगे। वैसे भी ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह ACC की प्रॉपर्टीज हैं, आपकी निजी जागीर नहीं। हम जानते हैं कि हमें क्या करना है।
मैं कॉर्टून की तरह खड़ा रहा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- नकवी अव्वल तो इस मीटिंग में आने के लिए तैयार ही नहीं थे, जब प्रेशर पड़ा तो पहुंचे। इसके बाद शुक्ला ने उन्हें हर सवाल का जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया। शुक्ला के सख्त रुख को देखकर PCB चीफ सकते में आ गए। उन्हें इतने कड़े रवैये की उम्मीद नहीं थी। बाद में उन्होंने कहा- मैं वहां कार्टून की तरह खड़ा था। किसी इंडियन प्लेयर ने मुझसे हाथ तक नहीं मिलाया, आखिर मैं ACC का भी चीफ हूं।

नकवी ने आगे कहा- टीम इंडिया और उनके मैनेजमेंट ने मुझे पहले क्यों नहीं बताया कि वो मेरे हाथों से ट्रॉफी या स्मृति चिन्ह नहीं लेंगे। हमारी टीम ने तो स्मृति चिन्ह शौक से लिए। यह कहते वक्त नकवी रुआंसे नजर आए। इसके जवाब में शुक्ला ने कहा- ये कोई नियम या कानून नहीं है कि आप किसी से हाथ मिलाएं। ये टीम का फैसला था कि वो आपसे ट्रॉफी रिसीव नहीं करेंगे।

