पाकिस्तान क्रिकेट पर बड़ा खतरा: मोइन खान बोले- ऐसे ही चलता रहा तो टॉप टीम से बायलेटरल सीरीज खेलने में दिक्कत हो सकती है
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इंग्लैंड की क्रिकेट टीम 2026 के घरेलू सीजन में पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। इंग्लैंड इस सीरीज में 1-0 से आगे है।
स्पोर्ट्स डेस्क. पाकिस्तान क्रिकेट टीम लगातार खराब प्रदर्शन से जूझ रही है। टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान मोइन खान ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं बदले तो लोग पाकिस्तान क्रिकेट देखना ही कम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पाकिस्तान को दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ बायलेटरल सीरीज खेलने में भी दिक्कत हो सकती है।
तीनों फॉर्मेट में खराब दौर से गुजर रही पाकिस्तान टीम
मोइन ने न्यूज से कहा-हम सभी फॉर्मेट में संघर्ष कर रहे हैं, खासकर टेस्ट में। अगर यही सिलसिला चलता रहा तो मुझे डर है कि लोग पाकिस्तान क्रिकेट में दिलचस्पी खो देंगे। हम क्रिकेट की दुनिया के निचले हिस्से में पहुंच सकते हैं और टॉप टीमों के खिलाफ बायलेटरल खेलना भी मुश्किल हो सकता है।

बार-बार कप्तान और कोच बदलने पर नाराज मोइन
मोइन खान का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानी की बड़ी वजह बार-बार होने वाले बदलाव हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में कप्तान, कोच और खिलाड़ियों को लेकर लगातार फैसले बदले जाते रहे हैं। सिलेक्टर के फैसलों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
मोइन ने कहा आगे कहा- किसी भी टीम को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कप्तान, कोच और खिलाड़ियों पर भरोसा करना जरूरी है। अगर हर थोड़े समय में टीम में बदलाव होते रहेंगे तो खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करना मुश्किल है।मैं क्रिकेट सिस्टम में बार-बार होने वाले बदलावों को पाकिस्तान की परेशानी की बड़ी वजह मानता हूं। कप्तान, कोच और खिलाड़ियों को बार-बार बदलने से टीम पर असर पड़ता है। जब कप्तान, कोच और खिलाड़ियों को लगातार भरोसा ही नहीं मिलेगा तो अच्छे नतीजे कैसे आएंगे?
चेयरमैन बदलते ही बदल जाता है पूरा सिस्टम
पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट और नेशनल टीम में भी लगातार बदलाव हुए हैं। इससे खिलाड़ियों का भरोसा कमजोर हुआ है और टीम को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाया। मोइन के मुताबिक बोर्ड का चेयरमैन या मैनेजमेंट बदलते ही क्रिकेट सिस्टम में भी बदलाव शुरू हो जाते हैं। उनके हिसाब से कई फैसले किसी लंबी योजना के बजाय अधिकारियों की पसंद के हिसाब से लिए जाते हैं। मोइन ने सवाल किया, “जब भी चेयरमैन और मैनेजमेंट बदलता है, हमारे क्रिकेट सिस्टम में भी बदलाव हो जाते हैं। इनमें से कई बदलाव टीम के लिए अच्छे नहीं होते। आखिर स्थिरता कहां है?

खिलाड़ियों का ध्यान क्रिकेट से ज्यादा कमाई पर?
मोइन खान ने मौजूदा खिलाड़ियों की सोच पर भी सवाल उठाए। आज के कई खिलाड़ी अपनी क्रिकेट को बेहतर बनाने के बजाय लीग क्रिकेट से ज्यादा पैसा कमाने पर ध्यान दे रहे हैं।पहले खिलाड़ी अपनी स्किल और खेल को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करते थे। मोइन के मुताबिक जब खिलाड़ी मैदान पर अच्छा करता है और सफल होता है तो पैसा अपने आप उसके पीछे आता है।
मुझे लगता है कि आजकल कई खिलाड़ी अपनी स्किल और क्रिकेट की समझ को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय नहीं देते। उनका ध्यान इस बात पर ज्यादा रहता है कि लीग से कितना पैसा कमाया जाए, बजाय इसके कि एक क्रिकेटर के तौर पर खुद को कितना बेहतर बनाया जाए।
मोइन बोले- देश के लिए खेलना सबसे बड़ी बात
मोइन ने अपने दौर और आज के क्रिकेट की कमाई में अंतर भी बताया। उन्होंने कहा कि जब वह खेलते थे, तब खिलाड़ी लाखों रुपये कमाते थे। आज खिलाड़ी करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। लेकिन उनके मुताबिक देश के लिए अच्छा खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होनी चाहिए।
जब मैं खेलता था तो हम लाखों में कमाते थे। आज खिलाड़ी करोड़ों में कमाते हैं, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि देश के लिए सफल होकर खेलना सबसे बड़ी बात है।
मोइन ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे आजम खान को भी यही सलाह दी है कि वह निजी लीग से पहले पाकिस्तान की नेशनल टीम के लिए खेलने को सवाल उठाए दें। उनका कहना है कि PCB और सिलेक्टर ने लगातार बदलाव करके पाकिस्तान की टीम की कैप की अहमियत भी कम कर दी है।
पाकिस्तान टीम में जगह बनाना पहले आसान नहीं था
अपने खेल के दिनों को याद करते हुए मोइन खान ने कहा कि उस समय पाकिस्तान की टीम में जगह बनाना और फिर उसे बनाए रखना आसान नहीं था। इसके लिए खिलाड़ी को काफी तैयारी करनी पड़ती थी और मैदान के बाहर भी खूब मेहनत करनी पड़ती थी।उन्होंने बताया कि लोग अक्सर उनसे पूछते थे कि मुश्किल हालात में वह रन कैसे बना लेते थे। मोइन का कहना है कि इसका सीधा जवाब तैयारी है। उनके मुताबिक मैच में अच्छा प्रदर्शन तभी किया जा सकता है, जब खिलाड़ी पहले से पूरी तरह तैयार हो।
पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी पर भी मोइन की चिंता
मोइन खान ने पाकिस्तान की पेस अटैक के लेवल में आई गिरावट पर भी चिंता जताई।तेज गेंदबाजों को अपनी गेंदबाजी सुधारने के लिए नेट्स में ज्यादा समय देना होगा। उन्होंने वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे दिग्गज गेंदबाजों के साथ खेलने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी तरह की पिच पर अच्छी गेंदबाजी और ज्यादा रफ्तार हासिल करने के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। आज के कई गेंदबाज अपनी गेंदबाजी पर उतना समय नहीं दे रहे हैं, जितना जरूरी है। उनके मुताबिक गेंदबाजी में असली सुधार लगातार नेट्स में घंटों मेहनत करने से ही आता है।

