धोनी के अंडर खेलना कॅरियर का बेस्ट मोमेंट: अफगान स्पिनर नूर बोले- माही जैसा कोई नहीं, वो खुलकर खेलने की आजादी देते हैं
Published:
3 min read

अफगानिस्तान के यंग और टैलेंटेड स्पिनर नूर अहमद के लिए महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलना उनके कॅरियर का सबसे यादगार और खास पल रहा है। (सोशल मिडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. अफगानिस्तान के यंग और टैलेंटेड स्पिनर नूर अहमद के लिए महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलना उनके कॅरियर का सबसे यादगार और खास पल रहा है। 20 साल के इस बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज ने कहा कि धोनी ने उन पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दी।
IPL 2025 की नीलामी में नूर को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 10 करोड़ रुपए में खरीदा था। अपने पहले ही मैच में उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 4 विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट लिए।
अपने हिसाब से बाॅलिंग करो
नूर ने एक इंटरव्यू में कहा-पहले मैच में मैन ऑफ द मैच बनना तो खास था ही, लेकिन असली खुशी इस बात की थी कि मैं धोनी भाई के साथ खेल रहा था। उन्होंने कभी दबाव नहीं डाला। धोनी ने इतना कहा
कि मैच की कंडीशन समझो उसके हिसाब से बॉलिंग करो
माही भाई भरोसा करते हैं
नूर ने कहा- माही ने मुझ पर पूरा भरोसा दिखाया और बोला कि अपनी बाॅलिंग स्किल यूज करो। धोनी की यही हम्बलनेस उन्हें सबसे अलग बनाती है।
नूर कहते हैं- धोनी को यंग प्लेयर्स को समझने और उन्हें निखारने के लिए जाना जाता है। IPL में कई बार उन्होंने नए खिलाड़ियों को मौका देकर फेमस बनाया है।
एशिया कप जीतना है
नूर अहमद की नजर एशिया कप 2025 पर है। अफगानिस्तान 9 सितंबर को पहला मैच हॉन्गकॉन्ग से खेलेगा। हाल ही में पाकिस्तान और UAE के साथ हुई ट्राई सीरीज में नूर ने 4 मैचों में 7 विकेट लिए।
मेरा सपना ICC इंवेट जीतना
नूर ने आगे कहा- हम पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। इस बार हमारा टारगेट एशिया कप का फाइनल खेलना है। देश के लिए कोई भी बड़ी ट्रॉफी जीतना चाहे वो वर्ल्ड कप हो या चैंपियंस ट्रॉफी यह मेरा सपना है।
एशिया कप 2025 का 9 सितंबर से शुरू हो रहा है। इसमें शामिल होने वाले भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका समेत सभी 8 देशों ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में होगा।
एशिया कप के लिए अफगानिस्तान टीम
राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, दरविश रसूली, सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजई, करीम जनत, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, शराफुद्दीन अशरफ, मोहम्मद इशाक, मुजीब उर रहमान, अल्लाह गजनफर, नूर अहमद, फरीद मलिक, नवीन उल हक और फजलहक फारूकी।

