Women's T20 WC फाइनल का इमोशनल मोमेंट: बेटे को गोद में लेकर मैदान पर उतरीं इंग्लैंड की कप्तान साइवर-ब्रंट; सोशल मीडिया पर तस्वीर की इतनी चर्चा क्यों
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महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले इंग्लैंड की कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट अपने बेटे थियो के साथ मैदान पर नजर आई।
स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले ऐसा पल दिया। जिसे क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लॉर्ड्स मैदान पर मैच शुरू होने से पहले नैट अपने छोटे बेटे थियो को गोद में लेकर मैदान पर उतरीं। राष्ट्रगान के दौरान भी उन्होंने बेटे को अपनी गोद में ही रखा। यह भावुक नजारा देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाई।
फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में बेटे के साथ मैदान पर उतरना उनके लिए बेहद खास पल रहा। यह सिर्फ एक भावुक तस्वीर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि अब महिला क्रिकेट में मां बनने के बाद भी खिलाड़ी अपने करियर को पहले की तरह जारी रख सकती हैं। पहले कई महिला खिलाड़ियों को परिवार और क्रिकेट के बीच चुनाव करना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।

इंग्लैंड 7 साल बाद फाइनल में पहुंची थी
नैट साइवर-ब्रंट का इस टूर्नामेंट का सफर भी आसान नहीं रहा। पिंडली (काफ) की चोट की वजह से वह ग्रुप स्टेज के तीन मैच नहीं खेल पाई थीं। हालांकि, सेमीफाइनल में उन्होंने वापसी की। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों में 75 रन बनाए और हीदर नाइट के साथ 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। उनकी इस पारी की बदौलत इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा।

हाल ही में वुमेन्स के लिए ICC की नई गाइडलाइन
हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वुमन्स क्रिकेट के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई। हर खिलाड़ी के साथ एक केस मैनेजर होगा, जो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट हो सकता है। यह खिलाड़ी की मेंटल और फिजिकल हेल्थ का ध्यान रखेगा। शुरुआती हफ्तों में खिलाड़ी की मेडिकल जांच होगी। साथ ही मां बनने के बाद होने वाले मानसिक बदलावों को संभालने के लिए मदद भी दी जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे फिटनेस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू होगी। करीब 8 हफ्ते बाद डॉक्टर और फिजियो की सलाह के बाद खिलाड़ी फिर से रनिंग शुरू कर सकेंगी। मैदान पर वापसी से पहले मांसपेशियों, हड्डियों और पेल्विक फ्लोर से जुड़ी किसी भी परेशानी की जांच की जाएगी।
ICC चेयरमैन जय शाह ने भी कहा था कि हर महिला खिलाड़ी को अपने देश के लिए खेलने और परिवार बढ़ाने, दोनों का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ यह नई व्यवस्था शुरू की गई है।महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड की टीम फाइनल तक बिना कोई मैच हारे पहुंची थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड सातवां खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरा था।

