गिल और रूट 3 नंबर की जिम्मेदारी लेने से बचते हैं: नासिर हुसैन बोले- पुजारा की तकनीक पुरानी लेकिन बेस्ट थी; विव रिचर्ड्स भी इस पोजिशन पर खेले
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चेतेश्वर पुजारा ने अपने करियर में 103 टेस्ट मैच खेले। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा है कि चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट के बाद टेस्ट क्रिकेट ने एक ऐसा बल्लेबाज खो दिया है, जो पुराने समय की तरह ध्यान और तकनीक से खेलता था। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर के कुछ बड़े खिलाड़ी जैसे शुभमन गिल और जो रूट भी नंबर 3 की कठिन जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।
द्रविड़ की तरह पुजारा ने टीम को संभाला
हुसैन ने एक इंटरव्यू में कहा- 1990 के दशक में नंबर 3 की जगह बहुत अहम मानी जाती थी। इस प्लेस पर टीम के सबसे भरोसेमंद और बेहतरीन बल्लेबाज को भेजा जाता था। हमारे समय में नंबर 3 पर विव रिचर्ड्स, रिकी पोंटिंग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खेलते थे। पुजारा ने भी उसी लेवल पर की बल्लेबाजी की। हालांकि, आजकल प्लेयर इस जिम्मेदारी से बचते हैं।

गिल को नंबर चार पसंद
हुसैन ने आगे कहा- जो रूट इंग्लैंड के लिए और शुभमन गिल भारत के लिए नंबर 3 पर नहीं खेलना चाहते। गिल अब कप्तान बन चुके हैं और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं।
इसके बाद हुसैन ने चेतेश्वर पुजारा को सराहा। कहा- पुजारा ने राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज की जगह लेकर नंबर 3 की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। पुजारा ने कभी हार नहीं मानी, वो एकदम पुराने स्टाइल के प्लेयर थे। बहुत शांत और समझदारी से खेलने वाले।
उन्होंने आगे कहा- पुजारा ने अपनी बैटिंग से भारत के मिडिल ऑर्डर को संभाला खासकर विराट कोहली जैसे बैटर को नई बाॅल से बचाया। जब टॉप ऑर्डर जल्दी आउट हो जाता था, तब पुजारा क्रीज पर टिककर बॉलर को थका देते थे। इसके बाद बाकी बल्लेबाज रन बनाने में आसानी महसूस करते थे।

पुजारा ने 1200 बाॅल फेस की थी
पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018 -19 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की 7 पारियों में 521 रन बनाए थे। उन्होंने इन 7 पारी में कुल 1200 बाॅल फेस की थी। 2020-21 वाली सीरीज के 4 मैच में 271 रन बनाए थे। इन दोनों सीरीज में भारत को जीत दिलाने अहम काम किया है।
पुजारा का कॅरियर
टेस्ट मैच: 103
रन: 7,195
एवरेज : 43.60
सेंचुरी : 19
फिफ्टी : 35

