धोनी की वजह से देश के लिए खेल सका: अमित मिश्रा बोले- माही ने मेरा बहुत साथ दिया
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स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के कई बार खिलाड़ियों के कॅरियर को लेकर तरह-तरह की बातें होती रहती हैं। खासतौर पर जब कोई खिलाड़ी लंबे समय तक टीम से बाहर रहता है, तो लोग कप्तान को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं। ऐसा ही कुछ कहा जाता रहा है पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और लेग स्पिनर अमित मिश्रा के रिश्ते को लेकर। अब खुद अमित ने इन अफवाहों पर खुलकर बात की है और एक अलग ही नजरिया सामने रखा है।
मिश्रा ने हाल ही में धोनी को लेकर चल रही इन्हीं बातों पर रिएक्शन दिया है। कहा जाता है कि अगर धोनी टीम में नहीं होते तो मिश्रा का कॅरियर और बेहतर हो सकता था। मिश्रा ने इन सब बातों को खारिज किया है। उन्होंने कहा- लोग पहले गलत बात देखते हैं। सचाई किसी को नहीं पता होती।
धोनी की वजह से टीम में कमबैक किया
मिश्रा ने एक पॉडकास्ट में कहा- धोनी नहीं होते तो मैं कभी टीम इंडिया में नहीं आ पाता। माही की कप्तानी में भारतीय टीम में डेब्यू करने का मौका मिला। इसके अलावा बार-बार टीम में वापसी भी उन्हीं के भरोसे हो पाई है।।अगर धोनी नहीं होते तो मेरा कॅरियर बेहतर होता, लेकिन कौन जानता है, अगर धोनी नहीं होते तो शायद मैं टीम में होता ही नहीं।

इस बेहतरीन लेग स्पिनर ने आगे कहा- मैं धोनी की कप्तानी में टीम में आया और कई बार कमबैक किया। धोनी ने हमेशा साथ दिया। जब भी मैं प्लेइंग 11 में होता तो धोनी बात जरूर करते थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ मेरा आखिरी वनडे मैच था। भारत ने करीब 260–270 रन बनाए थे। जब मैं गेंदबाजी करने आया तो सोचा कि रन रोकना ज्यादा जरूरी हैं। हालांकि कुछ ओवर बाद धोनी पास आए और कहा कि तुम अपनी नैचुरल बॉलिंग पर फोकस करो।

मिश्रा ने 18 रन देकर 5 विकेट लिए थे
धोनी की सलाह मानते हुए मिश्रा ने अपनी लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी शुरू की और फिर विकेट मिलने लगे। उस मैच में मिश्रा ने 6 ओवर में सिर्फ 18 रन देकर 5 विकेट लिए। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 79 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 190 रन से बड़ी जीत हासिल की। इस मैच में मिश्रा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया।

मिश्रा ने कई ICC इंवेट खेले
मिश्रा 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। 2014 के टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने 10 विकेट लिए और भारत फाइनल तक पहुंचा। इसके अलावा उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक वनडे सीरीज में 18 विकेट लेकर जवागल श्रीनाथ का रिकॉर्ड भी बराबर किया।

