गंभीर को रणजी ट्रॉफी में कोचिंग देनी चाहिए: मोंटी पनेसर की एडवाइस; गौतम के कोच रहते दो बार क्लीन स्वीप हुआ
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इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि गंभीर खुद रणजी ट्रॉफी में कोचिंग करें तो टेस्ट प्लेयर्स को तैयार करने के प्रोसेस को समझ पाएंगे। (@BCCI &ICC)
स्पोर्ट्स डेस्क। टीम इंडिया इस समय टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष करती नजर आ रही है। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने हेड कोच गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि गंभीर व्हाइट बॉल क्रिकेट में अच्छे कोच हैं, लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में टीम मजबूत नहीं हो पाई।

पनेसर ने सुझाव दिया है कि गंभीर को रणजी ट्रॉफी से जुड़े कोचों से बातचीत करनी चाहिए। इससे रेड बॉल क्रिकेट की समझ बेहतर हो सकती है। उनका कहना है कि टेस्ट टीम की असली नींव घरेलू रेड बॉल क्रिकेट से तैयार होती है। गंभीर खुद रणजी ट्रॉफी में कोचिंग करें तो टेस्ट क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने के प्रोसेस को अच्छे से समझ पाएंगे।
पनेसर के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में मजबूत टीम बनाना आसान नहीं है। इसमें समय लगता है। 3 सीनियर खिलाड़ियों के रिटायरमेंट के बाद यंग प्लेयर्स को तैयार करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में कोहली की कमी महसूस नहीं होती, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम की इंटेंसिटी पहले जैसी नहीं दिखती।
ऑल फॉर्मेट कप्तानी के लिए अभी तैयार नहीं गिल
पनेसर ने कहा कि शुभमन गिल कई बार मैच के दौरान लापरवाह शॉट खेलते हैं। दबाव बढ़ने पर उनका खेल ढीला पड़ जाता है। उन्होने गिल की तुलना कोहली से की। उन्होंने कहा कि कोहली हर फॉर्मेट में पूरे आक्रामकता के साथ खेलते थे। वही बात गिल के खेल में लगातार नजर नहीं आती। ऑल फॉर्मेट कप्तानी बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। फिलहाल यह जिम्मेदारी गिल के लिए सही नही है।

टेस्ट क्रिकेट में दो बार क्लीन स्वीप
गंभीर के हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में दो बार क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है। न्यूजीलैंड ने भारत को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम को 2-0 से सीरीज गंवानी पड़ी। इन नतीजों के बाद गंभीर की कोचिंग और टीम की तैयारी पर सवाल उठने लगे हैं।

