माराडोना की 'हैंड ऑफ गॉड' फुटबॉल 32 करोड़ में बिकी: उम्मीद से 64 करोड़ रु कम; 1986 वर्ल्ड कप में हुआ था गोल, रेफरी ने बॉल संभालकर रखी थी
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1986 FIFA वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में यह 'हैंड ऑफ गोड' गोल किया था। (फोटो ग्रेब- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. अर्जेंटीना के पूर्व लीजेंड फुटबॉलर डिएगो माराडोना की 'हैंड ऑफ गॉड' वाली फुटबॉल को ऑक्शन में बेचा गया। इस फुटबॉल के लिए 3.35 मिलियन डॉलर (करीब 32 करोड़ भारतीय रुपए) की बोली लगी। इस एडिडास एज्टेका बॉल (Adidas Azteca ball) को हेरिटेज ऑक्सन्स (Heritage Auctions) में बेचा गया।
फुटबॉल की यह कीमत उम्मीद से 64 करोड़ रुपए कम थी। डलास की कंपनी को 10 मिलियन डॉलर (करीब 96 करोड़ रुपए) मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऑक्शन में इस फुटबॉल की बेस प्राइस 2.5 मिलियन डॉलर रखी गई थी। 25 नवंबर 2020 को माराडोना का 60 साल की उम्र में निधन हो गया।
1986 वर्ल्ड कप में हुआ था यह गोल
1986 के FIFA वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच क्वार्टरफाइनल खेला गया था। इसे अर्जेंटीना ने 2-1 से जीता था। दोनों गोल माराडोना ने 52 और 55वें मिनट में किए थे।

इंग्लैंड के लिए एक गोल Gary Lineker ने किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके थे। इसमें माराडोना का पहला गोल 'हैंड ऑफ गोड' के नाम से आज भी जाना जाता है।
ये गोल माराडोना के हाथ से लगकर हुआ था
दरअसल, मामला कुछ यूं है कि जब बॉल अर्जेंटीनाई प्लेयर्स के पास थी और वे गोल की ओर आगे बढ़ रहे थे। तभी इंग्लैंड के गोल पोस्ट के नजदीक खड़े माराडोना के ऊपर से बॉल निकली। इंग्लैंड के गोलकीपर पीटर शिल्टन (Peter Shilton) भी बॉल पकड़ने आए, तभी माराडोना ने हवा में छलांग लगाते हुए बॉल को सिर से मारने की कोशिश की।
हालांकि बॉल उनके सिर से नहीं लगी, लेकिन इस दौरान माराडोना का हल्का हाथ बॉल से लग गया और गोल हो गया। तब रेफरी ट्यूनीशिया के अली बिन नासेर (Ali Bin Nasser) और लाइनमैन बोगदान दोचेव (Bogdan Dochev) थे। वे माराडोना का हाथ बॉल से लगते हुए नहीं देख सके। उन्हें लगा कि सिर से बॉल लगकर गोल हुआ है।
...तो इसलिए कहते हैं 'हैंड ऑफ गॉड'
रेफरी ने इसे गोल करार दिया था, जबकि इंग्लैंड के प्लेयर विरोध करते रहे। तब VAR या रीप्ले जैसा कोई सिस्टम नहीं था। मैच के बाद माराडोना से इस गोल के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा था- यह गोल थोड़ा माराडोना के सिर से और थोड़ा भगवान के हाथ से हुआ है। तभी से इस गोल को 'हैंड ऑफ गॉड' कहा जाने लगा।
यह ऐतिहासिक मैच खत्म होने के बाद रेफरी ने यह बॉल अपने पास रख ली थी। करीब तीन दशक से ज्यादा समय तक इसे संभालकर रखा। 2023 में बिन नासेर ने एक लेटर के जरिए कन्फर्म किया कि यह वही बॉल है, जिसे वो 'हैंड ऑफ गॉड' गोल हुआ था। लेटर में उनके साइन थे और इसकी जांच भी हुई कि यह बॉल वही है या नहीं।
2023 में अनसोल्ड रही थी ये बॉल
बिन नासेर ने यह बॉल 2022 में 2.37 मिलियन डॉलर (आज करीब 23 करोड़ भारतीय रुपए) में बेच दी थी। जिसने इसे खरीदा था, उसने दोबारा इसे बेचने के लिए 2023 में ऑक्शन में रखा था। तब बेस प्राइस तक बोली नहीं लग सकी और यह बॉल अनसोल्ड रही थी।
माराडोना ने इसी 1986 के मैच में जो टी-शर्ट पहनी थी, उसे 2022 में लंदन के एक ऑक्शन में रखा गया था। तब यह टीशर्ट 9.28 मिलियन डॉलर (आज करीब 89 करोड़ भारतीय रुपए) में बिकी थी। तब यह एक रिकॉर्ड था।
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