हिटलर ने जिन मेजर ध्यानचंद को नौकरी ऑफर की थी: उन्होंने भारत को लगातार 3 ओलंपिक गोल्ड जिताए; आज 120वीं जयंती पर 4 को खेल रत्न अवॉर्ड
Published:
2 min read

स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की आज (29 अगस्त 2025) 120वीं जयंती है। इस मौके पर हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। साथ ही इस दिन राष्ट्रपति खिलाड़ियों को भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड, अर्जुन अवॉर्ड, द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित करते हैं। इस साल 4 एथलीट्स को खेल रत्न अवॉर्ड मिला है।
ध्यानचंद ने भारत को ओलंपिक में लगातार 3 गोल्ड जिताए हैं। एक बार तो ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने उन्हें अपनी सेना में बड़े पद पर नौकरी का ऑफर भी दिया था। हालांकि ध्यानचंद ने इसे ठुकरा दिया था।
हिटलर की नौकरी को ठुकरा दिया था
यह वाकया बर्लिन ओलंपिक 1936 के दौरान का है। इस सीजन में भारतीय हॉकी टीम ने गोल्ड जीता था। फाइनल में जर्मनी को 8-1 से हराया था। यह खिताबी मुकाबला देखने जर्मनी के तानाशाह हिटलर भी पहुंचे थे।
हिटलर इस दौरान ध्यानचंद का खेल देखकर इतना प्रभावित हुए कि भारतीय लीजेंड को जर्मन सेना में बड़े पद पर नौकरी ऑफर कर दी। हालांकि ध्यानचंद ने साफ इनकार करते हुए कहा – “मैं भारतीय हूं और अपने देश के लिए ही खेलूंगा।”
इस साल 4 को मिला खेल रत्न अवॉर्ड
इस साल (2025) मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड चार लोगों को दिया गया है। ये सभी मनु भाकर (शूटिंग), डी. गुकेश (शतरंज), हरमनप्रीत सिंह (हॉकी) और प्रवीण कुमार (पैरा एथलेटिक्स) हैं।
खेल दिवस के मौके पर देशभर में फिटनेस कैम्प, वॉकथॉन, रन फॉर फन और योग जैसे प्रोग्राम किए जाते हैं। फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहल भी इसी दिन शुरू की गई थीं। यह पहल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की थी।

