गंभीर बीमारी और नैपकिन कॉन्ट्रैक्ट: 26 साल पहले मेसी की जिंदगी दो बार बदली, फोटो स्टोरी में जानिए फुटबॉल कॅरियर
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स्पोर्ट्स डेस्क. अर्जेंटीना के फुटबॉल लीजेंड लियोनल मेसी आज (24 जून) 39 साल के हो गए हैं। उनका जन्म 24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो (Rosario) में हुआ था। उनके पिता जॉर्ज मेसी (Jorge Messi) एक स्टील फैक्ट्री में वर्कर थे। फिलहाल, वे फैमिली के रियल एस्टेट और अन्य बिजनेस को संभालते हैं। लियोनल मेसी 4 बहन-भाई हैं, जिनमें से वे तीसरे नंबर के हैं।

मेसी की मां का नाम सेलिया मारिया कुकिटिनी (Celia María Cuccittini) है, जो इटली की मूल निवासी थीं। लियोनल मेसी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रोसारियो शहर से ही की।

स्कूलिंग के साथ-साथ मेसी क्लब लेवल पर फुटबॉल भी खेला करते थे। उनका पहला क्लब अपने ही शहर रोसारियो का Newell's Old Boys था। इस फोटो में मेसी अपनी फैमिली के साथ हैं। मां की गोद में लियोनल मेसी का भतीजा है।

लियोनल मेसी को गंभीर बीमारी Growth Hormone Deficiency (ग्रोथ हार्मोन की कमी) भी हुई, जिसका पता 11 साल की उम्र में चला। इसका इलाज उनकी फैमिली के लिए महंगा पड़ रहा था। यह पहला मौका था जब मेसी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। हालांकि ऐसे वक्त में भी मेसी ने अपने खेल को कमजोर नहीं होने दिया। इसी खेल ने उनकी जिंदगी संवारी।

साल 2000 की बात है, जॉर्ज अपने 13 साल के बेटे लियोनल मेसी को स्पेन के फुटबॉल क्लब बार्सिलोना लेकर गए, जहां ट्रायल्स चल रहे थे। जूनियर क्लब में मेसी का ट्रायल हुआ और सभी को इम्प्रेस भी किया। हालांकि बाकी क्लब की तरह बार्सिलोना भी थोड़ा झिझक रहा था, क्योंकि क्लब को ही मेसी की बीमारी का इलाज कराना था। इसके बाद भी यह प्लेयर क्लब के लिए काम आता या नहीं, यह भी रिस्क था।
जॉर्ज अपने बेटे को वापस ले जाने लगे, तभी बार्सिलोना क्लब के तत्कालीन स्पोर्टिंग डायरेक्टर कार्ल्स रेक्साच (Carles Rexach) ने उन्हें रोका। उन्हें एक रेस्टोरेंट में लेकर गए, जहां डील का विश्वास दिलाया। जॉर्ज को भरोसा नहीं हुआ और वे जाने लगे। तह रेक्साच ने आनन-फानन में नैपकिन पर ही एक कॉन्ट्रैक्ट लिखकर साइन कर भरोसा दिलाया। यह दूसरा मौका था, जब मेसी की जिंदगी बदली। पहली बार जब जिंदगी बदली तो फैमिली के लोग बीमारी का सुनकर टूट से गए थे। दूसरी बार जिंदगी ऐसी बदली की, बार्सिलोना क्लब के कॉन्ट्रैक्ट ने पूरी लाइफ ही बदल दी।

दो साल पहले ही ब्रिटिश ऑक्शन हाउस बोनहम्स (British auction house Bonhams) में इस नैपकिन को ऑक्शन में रखा गया था। तब इसके लिए 965,000 डॉलर की बोली लगी थी। आज यह कीमत करीब 9 करोड़ भारतीय रुपए है।

मेसी को 2003 में बार्सिलोना के सीनियर क्लब में शामिल किया गया। इसके बाद मेसी ने इस क्लब के लिए अपना पहला गोल 1 मई 2005 को किया था। तब मेसी की उम्र 17 साल थी।

मेसी को स्पेन ने भी अपनी नागरिकता देकर देश के लिए खेलने का ऑफर दिया था, लेकिन इस स्टार ने नहीं लिया। मेसी ने अपने ही देश अर्जेंटीना के लिए खेलना पसंद किया। उन्होंने अर्जेंटीना के लिए अगस्त 2005 में डेब्यू किया। पहला मैच हंगरी के खिलाफ था। मेसी मैच के 63वें मिनट में मैदान पर आए थे, लेकिन 2 मिनट बाद ही उन्हें रेड कार्ड मिल गया। मेसी की कोहनी दूसरी टीम के डिफेंडर को लग गई थी।

लियोनल मेसी ने दिसंबर 2009 में पहला बेलोन डी'ओर (Ballon d'Or) अवॉर्ड जीता था। तब उन्हें वर्ल्ड के बेस्ट फुटबॉल के तौर पर पहचान मिली। तब से अब तक मेसी ने रिकॉर्ड सबसे ज्यादा 7 बार यह अवॉर्ड अपने नाम किया है।

FIFA वर्ल्ड कप 2010 की यह एक तस्वीर है। तब अर्जेंटीना के लीजेंड मैराडोना मेसी के सिर पर हाथ रखते दिखाई दिए थे। यह क्वार्टरफाइनल मैच के बाद की तस्वीर है, जिसमें अर्जेंटीना को जर्मनी से हार मिली थी। यह वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में हुआ था।

2014 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल, 2015 और 2016 कोपा अमेरिका फाइनल हारने के बाद मेसी ने 2016 में ही इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी थी। हालांकि फैन्स, साथी प्लेयर और कोच के मनाने पर एक हफ्ते बाद ही मेसी ने फैसला बदलकर वापसी की थी। इसके बाद मेसी ने अर्जेंटीना को 2021 कोपा अमेरिका, 2022 फाइनलिस्टिमा और 2022 फीफा वर्ल्ड कप जिताया। 2024 में दूसरी बार कोपा अमेरिका में चैम्पियन बनाया।

मेसी इस समय FIFA वर्ल्ड कप 2026 में खेल रहे हैं। अर्जेंटीना ने पहले मैच में अल्जीरिया को 3-0 और फिर दूसरे मैच में ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया। यह सभी 5 गोल मेसी ने ही किए। इस तरह मेसी FIFA वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 18 गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। अब अर्जेंटीना का तीसरा ग्रुप मैच जॉर्डन से 28 जून को होगा। अर्जेंटीना राउंड ऑफ 32 में एंट्री कर चुकी है।


