लॉर्ड्स में क्रांति गौड़ ने इतिहास रचा : 5 विकेट लेकर ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली वुमेन प्लेयर बनीं
Published:
3 min read

स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में 5 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। वह लॉर्ड्स के टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली वुमेन प्लेयर बन गईं। 21 साल की क्रांति ने 17 ओवर में 37 रन देकर 5 विकेट लिए। उन्होंने 7 मेडन ओवर भी फेंके। उनकी अच्छी बॉलिंग की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहली पारी में 170 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिससे टीम को 115 रन की बढ़त मिली।
दूसरे टेस्ट में ही बना बड़ा रिकॉर्ड
यह क्रांति गौड़ का सिर्फ दूसरा टेस्ट मैच था। उन्होंने अपने दूसरे ही टेस्ट में लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। वह टेस्ट में 5 विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय वुमेन पेसर भी बन गईं।
एक हफ्ते पहले इसी मैदान पर मिली थी निराशा
करीब एक हफ्ते पहले क्रांति ने इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वुमेन T20 वर्ल्ड कप मैच खेला था। उस मुकाबले में उन्होंने सिर्फ एक ओवर फेंका था और 12 रन दिए थे। भारत टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। अब उसी मैदान पर उन्होंने कमबैक किया और इंग्लैंड की बैटिंग लाइनअप को पूरी तरह बिखेर दिया।
टॉप ऑर्डर को परेशान किया
क्रांति ने टैमी ब्यूमोंट को LBW आउट कर पहला विकेट लिया। इसके बाद माइया बाउचियर को ऋचा घोष के हाथों कैच कराया। उनकी सबसे बेहतरीन बॉल एलिस कैप्सी के खिलाफ आई। आउटस्विंग डिलीवरी पर कैप्सी का ऑफ स्टंप उड़ गया।
कप्तान का भी विकेट लिया
नेट साइवर-ब्रंट और एमी जोंस ने 70 रन की पार्टनरशिप कर इंग्लैंड की पारी संभालने की कोशिश की। क्रांति ने साइवर-ब्रंट को 44 रन पर LBW आउट कर यह पार्टनरशिप तोड़ दी। इसके बाद लॉरेन बेल का कैच स्लिप में कराया और अपना पहला 5 विकेट हॉल पूरा किया। स्नेह राणा से कैच छूट गया, लेकिन पहली स्लिप में खड़ी शेफाली वर्मा ने शानदार रिएक्शन दिखाते हुए कैच पूरा कर लिया।
पहली बार खेला गया वुमेन टेस्ट
लॉर्ड्स में पहली बार वुमेन टेस्ट मैच खेला गया। इस ऐतिहासिक मुकाबले को देखने के लिए 10 हजार से ज्यादा फैंस स्टेडियम पहुंचे। इंग्लैंड के लिए एमी जोंस ने 52 रन और नेट साइवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए। लेकिन क्रांति गौड़ की शानदार बॉलिंग के सामने पूरी इंग्लैंड टीम टिक नहीं सकी।

