इंग्लैंड ने इस WC में पैटर्न ब्रेक किया: जापान को जिस टीम ने नॉकआउट में हराया, वो कभी चैंपियन नहीं बनी- यहां इंटरस्टिंग स्टोरी
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स्पोर्ट्स डेस्क. इस खबर में बात होगी जापान के 'अभिशाप' और 'वरदान' की। कुछ समय से FIFA वर्ल्ड कप में एक अजीब थ्योरी कहें या मिथ वायरल रही है कि जो टीम जापान को नॉकआउट में हराती है, वो कभी वर्ल्ड कप नहीं जीतती है। उसे जापान का अभिशाप लग जाता है। हालांकि जापान को हराने वाली टीम, जिस दूसरी टीम से हारती है, वह चैम्पियन बन जाती है। कहा जाता है कि वह टीम जापान की हार का बदला लेती है, इसके चलते उसे जापान दुआएं देता है। 2002 से 2022 तक यह पैटर्न हर बार सही साबित हुआ।
मगर 2026 में इस कहानी ने नया मोड़ ले लिया। इस बार अभिशाप बदस्तूर जारी रहा, लेकिन वरदान टूट गया। इस वर्ल्ड कप में ब्राजील ने जापान को हराया। ऐसे में अभिशाप के चलते ब्राजील भी हारकर बाहर हो गया, लेकिन उसे हराने वाली नॉर्वे चैम्पियन नहीं बनेगी। इंग्लैंड ने उसे हराकर बाहर कर दिया। यानी 'जापान का वरदान' तो टूट गया... लेकिन 'अभिशाप' अब भी कायम है। क्योंकि जापान को हराने वाली टीम, यानी ब्राजील, इस बार भी ट्रॉफी नहीं जीत पाई।
अब सवाल है... ऐसा कैसे? चलिए, पूरी कहानी ग्राफिक से समझते हैं।



2006 और 2014 क्यों नहीं गिने जाते?
2006 और 2014 में जापान ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था। इसलिए इस थ्योरी में इन दोनों वर्ल्ड कप को शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि नॉकआउट वाला पैटर्न शुरू ही नहीं हुआ था।


कैसे शुरू हुई यह थ्योरी?
यह थ्योरी किसी एक्सपर्ट या फुटबॉल एनालिस्ट ने नहीं बनाई थी। सोशल मीडिया पर कुछ फैन्स ने पुराने वर्ल्ड कप के रिजल्ट देखते हुए यह अजीब पैटर्न नोटिस किया। धीरे-धीरे यह बात हर जगह फैल गई।
इंग्लैंड ने वायरल थ्योरी तोड़ दी
इस बार जापान राउंड ऑफ-32 में ब्राजील से हार गया। इसके बाद नॉर्वे ने ब्राजील को हराकर बाहर कर दिया। बस यहीं से सोशल मीडिया पर दावा शुरू हो गया कि अब नॉर्वे वर्ल्ड कप जीतेगा। फैन्स ने मजाक में कहना शुरू कर दिया कि अब 'जापान कर्स' नॉर्वे के साथ है। क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हरा दिया। इसके साथ ही 24 साल से चल रहा यह पैटर्न भी टूट गया

