धोनी की वजह से टीम से बाहर हुए थे पठान: इरफान बोले- कोच कर्स्टन के पास भी नहीं था जवाब, प्लेइंग 11 तो कप्तान चुनता है
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महेंद्र सिंह धोनी (बाएं) तीनों ICC ट्रॉफी जीतने वाले पहले कप्तान थे। इरफान पठान ने 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के पहले ही ओवर में हैट्रिक ली थी। (फाइल फोटो)
टीम इंडिया के पूर्व लेफ्ट आर्म पेसर इरफान पठान ने कहा है कि वो महेंद्र सिंह धोनी की वजह से टीम से बाहर हुए थे। पठान के मुताबिक, जब उन्हें टीम से निकाला गया तब वो अच्छा परफॉर्मेंस दे रहे थे। इस ऑलराउंडर ने इसके अलावा भी कुछ बातें बताईं हैं।
लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल से बातचीत में पठान ने कहा- यह बात 2009 की है। मैंने उस वक्त के कोच गैरी कर्स्टन से पूछा कि मुझे न्यूजीलैंड सीरीज की प्लेइंग XI में क्यों नहीं रखा। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ पठान ने अच्छा परफॉर्मेंस दिया था। पूर्व ऑलराउंडर के मुताबिक- मैं यह जानना था कि मुझे टीम से बाहर क्यों किया गया? अगर कोई कमी थी मैं उसे सुधार कर वापसी कर सकता था।
उन्होंने कहा - ये बात 2009 की है। हम न्यूजीलैंड में थे। उससे पहले मेरे भाई (युसुफ पठान) और मैंने श्रीलंका में भारत को जीत दिलाई थी। हमने जिन हालात में मैच जीता था, अगर हमारी जगह कोई और होता तो उसे एक साल तक टीम से बाहर नहीं किया जाता। उस श्रीलंका वाले मैच में हमें 27-28 गेंदों पर 60 रन चाहिए थे और वहां से हमने टीम को जीत दिलाई।
पठान कहते हैं- न्यूजीलैंड दौरे पर मैं पहले, दूसरे और तीसरे मैच में बेंच पर रहा। चौथा मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। आखिरी मैच में भी मुझे मौका नहीं मिला। तब मैंने गैरी सर से पूछा- मुझे क्यों ड्रॉप किया गया। अगर मुझे किसी चीज पर काम करना चाहिए तो बता दें, मैं वजह जानना चाहता हूं। इस पर उन्होंने दो कारण बताए।
पहला- ऐसी चीजें जो उनके हाथ में नहीं थी
गैरी ने कहा - कुछ चीजें मेरे हाथ में नहीं हैं। मैंने पूछा कि यह किसके हाथ में है, लेकिन उन्होंने नाम नहीं लिया। मुझे पता था कि फैसला किसने लिया है। प्लेइंग XI का सिलेक्शन कप्तान करता है और आखिरी फैसला कप्तान, कोच और मैनेजमेंट के पास होता है। उस समय धोनी कप्तान थे। मैं यह नहीं कहूंगा कि फैसला सही या गलत था, क्योंकि हर कप्तान को अपनी टीम को चुनने का हक है।
दूसरा- नंबर 7 पर एक बैटिंग ऑलराउंडर की जरूरत
दूसरी वजह यह थी कि टीम को नंबर 7 के लिए बैटिंग ऑलराउंडर चाहिए था। यह भी ठीक है कि मेरा भाई बैटिंग ऑलराउंडर था, मैं बॉलिंग ऑलराउंडर था। दोनों में फर्क था, लेकिन टीम में जगह एक के लिए थी। आज की बात करें तो लोग खुशी-खुशी दोनों ऑलराउंडर ले लेंगे।
पठान का क्रिकेट कॅरियर
इरफान ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। 2009 में टीम से बाहर होने के बाद 2011 में ODI में वापसी की। अगले साल भारत के लिए 12 मैच खेले और 172 रन बनाए और 19 विकेट लिए। पठान ने 2020 में सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले लिया।


