US में ड्रॉ के बाद लॉकर रूम में लेटर छोड़ गई ईरान टीम: इसमें #Minab168 क्यों लिखा- 74 शब्दों के खत में किसको-क्या मैसेज
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 11 जून से खेला जा रहा है। ईरान की टीम भी टूर्नामेंट खेल रही है। उसने अपने शुरुआती दो मैच लास एंजिलिस में खेले और दोनों ड्रॉ रहे। दूसरा मैच बेल्जियम के साथ बगैर गोल के ड्रॉ रहा। मुकाबले के बाद ईरान की टीम अपने लॉकर रूम में एक लेटर छोड़ गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वर्ल्ड कप इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई टीम मेजबान देश के लिए लेटर छोड़कर गई है। खास बात है कि यह 74 वर्ड का लेटर हाथ से लिखा है। टीम ने पूरा लेटर ब्लू इंक से लिखा, लेकिन बीच में दो वर्ड रेड इंक से लिखे।
पूरे लेटर में यही दोनों शब्द खास हैं। एक शब्द #168 और दूसरा #Minab है। ईरान टीम ने लेटर में ब्लू इंक से एक पर्शिया शब्द भी इस्तेमाल किया है। अब इस लेटर को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन शब्दों का मतलब क्या है?
ईरान की टीम ने यह लेटर क्यों लिखा और आखिर इसके जरिए अमेरिका को क्या मैसेज देना चाहती है? आइए जानते हैं इन तमाम सवालों के जवाब…

ईरान टीम को काफी परेशान किया गया
दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान की जंग हुई थी। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हुआ और पिछले हफ्ते ही दोनों देशों के बीच MoU साइन हुआ। इसी बीच ईरान की टीम अमेरिका में वर्ल्ड कप खेलने आई। ईरान ने शुरुआती दो ग्रुप मैच लास एंजिलिस में खेले।
इसी दौरान ईरान टीम के कोच और कप्तान ने कई बार दावा किया कि उन्हें काफी परेशान किया जा रहा है। उनकी टीम काफी मुश्किल हालात में खेल रही है।
ईरान ने पहला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। मैच के तुरंत बाद ईरान टीम को अमेरिका छोड़ने के लिए कह दिया गया था। उन्हें थोड़ा भी आराम नहीं करने दिया गया था। इस बात का खुलासा खुद ईरान टीम के कोच आमिर गलेनोई (Amir Ghalenoei) ने किया था।
कोच ने कहा था कि मैच के तुरंत बाद ही टीम से कहा गया था कि वे अपने ट्रेनिंग कैम्प लौट जाएं। ईरान का ट्रेनिंग कैम्प मेक्सिको के तिजुआना (Tijuana) में है। आदेश के बाद आनन-फानन में टीम को मेक्सिको लौटना पड़ा था।

रिकवरी का भी टाइम नहीं मिल रहा
उन्होंने कहा था- हमें रिकवरी का टाइम मिलना बेहद जरूरी है, लेकिन हमें तुरंत तिजुआना लौटने के लिए कहा गया। हम वाकई परेशान हो गए हैं। मुझे लगता है कि इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा हमारी टीम को परेशान किया जा रहा है।
दूसरे मैच के बाद कोच ने कहा- हमें यहां वर्ल्ड कप के लिए सबसे खराब माहौल में आए थे। इसके बावजूद हमें बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे रिजल्ट मिले। हमने अच्छे मैच खेले। हमने दो बड़ी टीम के खिलाफ बगैर हारे दो मैच खेले। इसको हम सेलिब्रेट करेंगे। एक और बड़ी टीम इजिप्ट के खिलाफ मैच की तैयारी में जुटेंगे।
शायद यही स्ट्रगल एक बड़ी वजह भी रही होगी कि ईरान टीम को यह लेटर लिखने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने नम्र शब्दों में यह सख्त मैसेज दिया। उनके लेटर का सार यही रहा कि आपने भले ही हमें कितना भी परेशान किया हो, लेकिन हमने हार नहीं मानी। हम इज्जत के साथ यहां आए थे और इज्जत के साथ ही यहां से जा रहे हैं।

आखिर ईरान टीम ने लेटर में क्या लिखा…
लेटर में लिखा, “हजारों साल पुराने पर्शिया से लेकर आज के सभ्य ईरान तक। इस देश की आत्मा जिंदा है और बेहद मजबूत है।
हम लास एंजिलिस गर्व के साथ आए थे। सम्मान के साथ मुकाबला किया और अब इज्जत के साथ वापस जा रहे हैं। लास एंजिलिस को उसकी मेहमान नवाजी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
हर उस ईरानी को भी धन्यवाद, जिसने 180 मिनट (दो मैच का फुल टाइम) तक हमें सपोर्ट किया। सभी देशों के बीच शांति, सम्मान और दोस्ती बनी रहे।”

#168 #Minab को समझते हैं
इस लेटर में ईरान टीम ने रेड इंक से #168 #Minab शब्द का इस्तेमाल किया है। दरअसल, अमेरिका ने जंग के दौरान ईरान के मिनाब शहर पर कई हवाई हमले किए थे। इसी दौरान एक स्कूल पर भी हमला हुआ था, जिसमें बच्चों और टीचर समेत 168 की जान गई थी। इस घटना के बाद से ईरान #168 #Minab या फिर #Minab168 शब्द का इस्तेमाल करता आ रहा है।
उसने अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भी इस शब्द का इस्तेमाल किया था। साथ ही ईरान ने अपने एक विशेष राजनयिक विमान का नाम भी मिनाब 168 रखा है, जिसका इस्तेमाल शांति वार्ता के दौरान किया था। ईरान टीम ने लेटर में इस शब्द को लिखकर अमेरिका और दुनिया को फिर से इस घटना की याद दिलाई है।

अब पर्शिया को समझते हैं
यह ईरान का ही पुराना नाम है। 1935 से पहले तक ईरान को पर्शिया नाम से ही जाना जाता था। 1935 के बाद इसका नाम बदला और ईरान रखा गया, लेकिन आज भी ईरान में इसी शब्द का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। इस समाज के लोग आज ईरान में बहुसंख्यक हैं। यही वजह भी है कि ईरान टीम ने लेटर में पर्शिया शब्द का इस्तेमाल यह बताने के लिए किया कि इस देश की संस्कृति और जड़ें आज भी मजबूत हैं।
वर्ल्ड कप में ईरान टीम की स्थिति
शुरुआती दो मैच ड्रॉ खेलने के बाद अपने ग्रुप-G में ईरान टीम दूसरे नंबर पर है। उसका तीसरा मैच इजिप्ट के खिलाफ 27 जून को होगा। खास बात है कि यह मैच भी अमेरिका में वॉशिंगटन के सिएटल शहर में होगा। इसके लिए ईरान टीम को फिर अमेरिका ही आना होगा। फिलहाल, ईरान टीम अगले राउंड में क्वालिफाई के लिए रेस में बनी हुई है।

