बेंगलुरु से छीनी IPL 2026 फाइनल की होस्टिंग: BCCI बोला-10 हजार टिकटें फ्री मांग रहा था KSCA; VIP लोगों के लिए डिमांड की गई थी
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IPL 2026 के फाइनल की मेजबानी इस बार बेंगलुरु को नहीं मिली। जबकि पिछले सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चैंपियन बनी थी, इसलिए फैंस को उम्मीद थी कि फाइनल मैच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क.IPL 2026 के फाइनल की मेजबानी इस बार बेंगलुरु को नहीं मिली। जबकि पिछले सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चैंपियन बनी थी, इसलिए फैंस को उम्मीद थी कि फाइनल मैच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। लेकिन अब BCCI ने इसके पीछे की बड़ी वजह सामने रखी है। बोर्ड का कहना है कि कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने जरूरत से ज्यादा फ्री टिकटों की मांग की, जिससे मामला बिगड़ गया।
BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा- IPL नियमों के मुताबिक किसी भी होस्ट एसोसिएशन को स्टेडियम की कैपेसिटी का सिर्फ 15 प्रतिशत हिस्सा कॉम्प्लिमेंट्री यानी मुफ्त टिकट के तौर पर दिया जाता है। यही नियम हर राज्य क्रिकेट कमेटी पर लागू होता है। लेकिन BCCI को जानकारी मिली कि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन IPL मैचों के दौरान तय लिमिट से कहीं ज्यादा टिकट मांग रहा था। इसके बाद BCCI ने KSCA से जवाब मांगा। देवजीत सैकिया के मुताबिक- KSCA ने ईमेल में बताया कि उन्हें 15 प्रतिशत टिकटों के अलावा करीब 10 हजार एक्स्ट्रा टिकट चाहिए। ये टिकट एसोसिएशन के मेंबर्स, क्लबों, नेताओं और दूसरे VIP लोगों के लिए मांगे गए थे।
नेताओं के लिए भी मांगे गए टिकट
सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात यह रही कि KSCA ने विधायकों (MLA), (MLC) और यहां तक कि कर्नाटक सरकार के लिए भी टिकट मांगे। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के लिए अकेले 700 फ्री पास की मांग की गई थी।
पहले भी हुआ था विवाद
IPL 2026 के दौरान यह मामला पहले भी चर्चा में आया था। कांग्रेस विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने कहा था कि विधायक VIP होते हैं, इसलिए उन्हें टिकट के लिए आम लोगों की तरह लाइन में नहीं लगना चाहिए। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ था।बाद में मामला इतना बढ़ गया कि कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी. के. शिवकुमार को बीच में आना पड़ा। इसके बाद MLAs, MLCs और MPs के टिकटों को लेकर समझौता किया गया

अब फाइनल कहां होगा?
BCCI ने फैसला किया है कि IPL 2026 का फाइनल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं बाकी प्लेऑफ मुकाबले धर्मशाला और न्यु चंडीगढ़ में होंगे।
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फैंस क्यों नाराज हैं?
बेंगलुरु के क्रिकेट फैंस इस फैसले से काफी निराश हैं। उनका कहना है कि टीम चैंपियन बनी थी, इसलिए फाइनल वहीं होना चाहिए था। लेकिन BCCI का साफ कहना है कि नियम सबके लिए बराबर हैं और किसी भी राज्य संघ को जरूरत से ज्यादा फायदा नहीं दिया जा सकता।

