खेल को राजनीति से अलग रखें: IOC ने कहा- भारत-PAK तनाव से रुकावट बढ़ी, वीजा-बॉयकॉट से ओलंपिक न्यूट्रैलिटी को खतरा
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International Olympic Committee (IOC) की स्थापना 23 जून 1894 को हुई थी। (@olympics)
स्पोर्ट्स डेस्क. इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने खेल को राजनीति से दूर रखने की बात दोहराई है। उसके मुताबिक, स्पोर्ट्स में कॉम्पटीशन जरूर होना चाहिए, लेकिन यह स्पोर्ट्स मैन स्पिरिट यानी खेल भावना के दायरे में होना चाहिए।
IOC ने ओलंपिक की फंडामेंटल पॉलिसी को बचाने के लिए एक ग्रुप बनाया। IOC के ‘फिट फॉर द फ्यूचर’ इस बात का ध्यान रखेगा कि ओलंपिक और खेल राजनीति से दूर रहें। IOC ने कहा कि देशों के बीच मतभेद को बातचीत से सुलझाना चाहिए न कि हिंसा से।
बायकॉट और कैंसिल का खतरा
IOC ने खेलों में बढ़ती राजनीति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें यह डर है कि राजनीतिक तनावों की वजह से प्रतियोगिताएं रुक सकती हैं। खिलाड़ियों को मेजबान देशों में एंट्री से रोका जा सकता हैं। इसके कारण गेम्स के बायकॉट और कैंसिल होने का खतरा रहता है।
खेल की आजादी और न्यूट्रैलिटी जरूरी
IOC ने कहा कि ओलंपिक रूल के हिसाब से खेल कमेटी को राजनीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूनाइटेड नेशन्स यानी UN कई बार कह चुका है कि खेल की आजादी और IOC की न्यूट्रैलिटी से दुनिया को जोड़ना जरूरी है।
खेलों में भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ रहा है
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंध अक्सर राजनीति के कारण बिगड़ जाते हैं। भारत ने हाल ही में ब्लाइंड क्रिकेट, स्क्रैबल (वर्ड बॉक्स मैचिंग), स्नूकर और स्क्वैश जैसे खेल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को वीजा देने से मना कर दिया।
टीम इंडिया ने पाकिस्तान दौरे से किया इनकार
फुटबॉल और क्रिकेट टीमों को भी कई बार आखिरी समय में वीजा की मंजूरी मिलती। एशिया कप 2025 के ग्रुप स्टेज मैच में टीम इंडिया ने टॉस और मैच के बाद पाकिस्तानी टीम से हैंडशेक नहीं किया था। इसे कुछ लोगों ने खेल भावना के खिलाफ माना था। इसके पहले टीम इंडिया को ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की मंजूरी नहीं मिली थी।

