कैच लेते वक्त चोटिल हुए श्रेयस अय्यर: नितीश रेड्डी पहले ही बाहर; इंजरीज से जूझ रही टीम इंडिया के लिए मुश्किल बढ़ी
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में श्रेयस अय्यर चोट के कारण मैदान से बाहर जाते हुए।
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के वाइस कैप्टन श्रेयस अय्यर को तीसरे वनडे के दौरान सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में कैच लेते समय चोट लग गई। श्रेयस कुछ समय के लिए जमीन पर ही गिरे रहे। मेडिकल टीम मैदान पर आई और इलाज के बाद एक स्टाफ के सहारे उन्हें मैदान से बाहर लाना पड़ा। बाद में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के पहले नितीश कुमार रेड्डी को भी चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा।
कैच पकड़ते समय लगी चोट
श्रेयस के साथ यह घटना 34वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने शॉट खेला और अय्यर बैकवर्ड प्वाइंट से गेंद को पकड़ने के लिए दौड़े। उन्होंने पीछे की तरफ भागते हुए डाइव लगाई और शानदार कैच पकड़ा। इस दौरान वो बाईं तरफ गिर गए। इससे उनको पसलियों में दर्द महसूस हुआ। 30वें ओवर में ही कुलदीप यादव की गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने कैरी का कैच छोड़ दिया था।
चोट के कारण नितीश बाहर
अय्यर की चोट भारत के लिए चिंता का सबब है। इससे पहले ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी भी चोटिल हो चुके हैं। शुभमन गिल ने टॉस के दौरान बताया था कि टीम में दो बदलाव किए गए हैं। अर्शदीप सिंह और नितीश की जगह प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव को टीम में शामिल किया गया है।
BCCI ने दी चोट की जानकारी
BCCI ने बताया कि नितीश के बाएं जांघ के आगे वाले हिस्से (क्वाड्रिसेप्स) की चोट के कारण उन्हें बाहर किया गया है, जो उन्हें दूसरे वनडे (एडिलेड) में लगी थी। मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। BCCI ने अर्शदीप सिंह को तीसरे वनडे में नहीं खिलाने पर कोई बयान नहीं दिया। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, अर्शदीप सिंह भी फिटनेस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं। एडिलेड में मांसपेशियों में खिंचाव की दिक्कत हो रही थी और उन्हें साइडलाइन पर फिजियो से ट्रीटमेंट मिल रहा था।
अय्यर केवल वनडे में एक्टिव
श्रेयस ने टेस्ट फॉर्मेट से ब्रेक ले रखा है और टी-20 टीम में उन्हें चुना नहीं जाता। श्रेयस ने बताया कि पीठ की समस्या के कारण वे फिलहाल टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। टेस्ट मैचों में लंबी फील्डिंग करनी पड़ती है, जिससे उनकी रिकवरी में परेशानी होती है। वहीं, वनडे फॉर्मेट में केवल ज्यादा से ज्यादा 50 ओवर ही फील्डिंग करनी होती है।

