ढाका में फंसे भारतीय तीरंदाज: 10 घंटे परेशानी झेली, गंदी जगह रहना पड़ा; 23 मेंबर टूर में शामिल
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एशियन चैम्पियनशिप से लौट रहे भारतीय तीरंदाजों को ढाका में एक रद्द हुई फ्लाइट की वजह से लगभग 10 घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसा रहना पड़ा।
स्पोर्ट्स डेस्क.एशियन चैम्पियनशिप से लौट रहे भारतीय तीरंदाजों को ढाका में एक रद्द हुई फ्लाइट की वजह से लगभग 10 घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसा रहना पड़ा। इसके बाद उन्हें शहर में फैली हिंसा के बीच एक बेहद गंदे और अनसेफ ठिकाने पर रात बितानी पड़ी। यहां महिलाओं और नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा तक खतरे में पड़ गई।
क्या है मामला
एशियन चैंपियनशिप में बेहतरीन परफॉर्मेंस करके लौट रही भारतीय तीरंदाजों की टीम के लिए घर वापसी किसी डरावने अनुभव से कम नहीं रही। शनिवार रात ढाका एयरपोर्ट पर उनकी 9:30 बजे की उड़ान जैसे ही बोर्डिंग के बाद रद्द हुई, पूरी टीम मुश्किलों में घिर गई।
फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ गई थी और एयरलाइन की ओर से कोई साफ जानकारी नहीं दी जा रही थी।टीम में 23 मेंबर थे। इनमें दो नाबालिग भी थे। सीनियर खिलाड़ी अभिषेक वर्मा, ज्योति सुरेखा और ओलंपिक धीरज बोम्मदेवरा भी शामिल थे।

शेख हसीना मामले के कारण हुआ सब
ढाका शहर उस समय मुसीबत में था। बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना को एक मामले में फंसी सुनाई जानी थी। कोर्ट से वह फैसला आने वाला था। इस माहौल में भारतीय टीम बता दिया गया कि रात के 2 बजे तक कोई फ्लाइट अवेलेबल नहीं है।
तीरअदांज अभिषेक ने क्या कहा
एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही खिलाड़ियों की परेशानी और बढ़ गई। उन्हें एक बस में बैठकर आधे घंटे दूर एक जगह ले जाया गया। इसे एक तरह की धर्मशाला जैसा ठिकाना बताया जा रहा था। अभिषेक वर्मा के मुताबिक, वह जगह होटल तो बिल्कुल नहीं लगती थी। एक कमरे में छह-छह बेड लगाए गए थे और सिर्फ एक ही गंदा सा टॉयलेट था, जिसकी हालत देखकर नहाना तो दूर, इस्तेमाल करना भी मुश्किल था।

कैसी मुसीबत का समना किया प्लेयर ने
महिला खिलाड़ियों जिनमें से चार 20 साल से कम उम्र की लड़कियों को भी इसी कमरे में ठहराया गया। टीम ने खुद से सारी फैसिलिटी अरेंज कीं। उनके इंटरनेशनल कार्ड काम नहीं कर रहे थे और न ही ऐप से गाड़ियां बुक हो पा रही थीं। एयरलाइन ने कोई रहने की सुविधा नहीं करके दी गई थी।
सुबह 7 बजे वे फिर एयरपोर्ट लौटे, लेकिन वहां भी और देरी का सामना करना पड़ा। दिल्ली पहुंचने के बाद कई खिलाड़ियों की आगे की फ्लाइट छूट गई, जिसके कारण उन्हें महंगी नई टिकटें लेना पड़ीं या सड़क रास्ते से घर जाना पड़ा। अभिषेक ने आखिर में एयरलाइन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- जब शहर में हिंसा हो रही थी, तब टीम को बिना सुरक्षा बिना सेफ्टी वाली बस में भेजना बेहद खतरनाक था। अगर किसी खिलाड़ी के साथ कुछ हो जाता, तो जिम्मेदारी कौन लेता?

इंडिया ने 10 मेडल जीते
इस घटना ने भारत के सबसे सफल एशियन चैम्पियनशिप टूर को फीका कर दिया। टीम ने इस बार कुल 10 मेडल जीते। इनमें 6 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल है।

