वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया का बॉलिंग टेस्ट: 2027 वर्ल्ड कप के लिए कोच मोर्केल का प्लान, कृष्णा-गुरनूर समेत इन गेंदबाजों को मिलेगा मौका
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भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 23 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में अपना वनडे डेब्यू किया था।
स्पोर्ट्स डेस्क. भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज 27 सितंबर से शुरू हो रही है। भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल इस सीरीज में प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार जैसे गेंदबाजों को ज्यादा मौके देकर उन्हें परखना चाहते हैं। उनका मानना है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले गेंदबाजी की मजबूत टीम तैयार करने का काम अभी से शुरू होना चाहिए।
वेस्टइंडीज सीरीज में गेंदबाजों को मिलेगा बड़ा मौका
भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की ODI सीरीज भारतीय गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का अच्छा मौका होगी। टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा है कि इस सीरीज में दूसरी लाइन के गेंदबाजों को भी पर्याप्त मैच खेलने का मौका दिया जाएगा। भारत की नजर अगले साल होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर है और इसी वजह से टीम अभी से अपने गेंदबाजी विकल्पों को मजबूत करना चाहती है।
सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। मैच से पहले मोर्केल ने कहा- पिछले एक साल से टीम अलग-अलग खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में आजमा रही है। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ भी यही कोशिश जारी रहेगी। उनका मानना है कि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार जैसे खिलाड़ियों के लिए मैदान पर ज्यादा समय बिताना जरूरी है, ताकि वे टीम की उम्मीदों के हिसाब से खुद को साबित कर सकें।
मोर्केल ने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ टीम में अपनी जगह बचाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। जब टीम मुश्किल स्थिति में हो, तब गेंदबाजों को खुद आगे आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर हालात मुश्किल हों या कोई बल्लेबाजी साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही हो, तो गेंदबाजों को खुद गेंद मांगनी चाहिए और विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए।

दबाव में प्रदर्शन करना सीखना होगा
मोर्ने मोर्केल चाहते हैं कि भारतीय गेंदबाज मुश्किल परिस्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करें। उनका मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव के बीच अच्छा प्रदर्शन करने की आदत अभी से बनानी होगी। मोर्केल ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर टीम 30 रन पर 4 विकेट गंवा दे, तो ऐसे समय में किसी खिलाड़ी को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनका मानना है कि इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों में खिलाड़ियों को खुद रास्ता निकालने का मौका मिलेगा और इससे उनके खेल में सुधार होगा।
उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी अभी से दबाव वाली परिस्थितियों में खेलने और जिम्मेदारी लेने के आदी हो जाते हैं, तो इसका फायदा आगे चलकर टीम को मिलेगा। यही अनुभव 2027 वर्ल्ड कप में भारत की गेंदबाजी को और मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

मेडिकल टीम के साथ मिलकर खिलाड़ियों की वापसी पर काम
मोर्केल ने चोटिल खिलाड़ियों को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि टीम मैनेजमेंट BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मेडिकल टीम के साथ मिलकर खिलाड़ियों की वापसी का प्लान तैयार कर रहा है। इसमें हर्षित राणा जैसे चोटिल खिलाड़ी भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हर्षित राणा और बाकी चोटिल खिलाड़ियों की वापसी का टीम को इंतजार है। मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर हर खिलाड़ी के लिए अलग प्लान बनाया जा रहा है और उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसका मकसद यह है कि चयनकर्ताओं के पास आगे चलकर खिलाड़ियों का एक मजबूत ग्रुप उपलब्ध हो।
इंजरी के बीच भारत के पास बैकअप
मोर्केल ने माना कि हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती जैसे प्रमुख गेंदबाजों का बार-बार चोटिल होना निराशाजनक है। टीम मैनेजमेंट चाहता है कि उसके सबसे मजबूत और परिस्थितियों के हिसाब से सही खिलाड़ी मैदान पर उतरें, लेकिन चोटें खेल का हिस्सा हैं।
हालांकि, भारत के पास अच्छी बेंच स्ट्रेंथ मौजूद है। ऐसे में दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी यह मौका है कि वे भारत के लिए खेलें, खुद को साबित करें और टीम में अपनी जगह बनाने की दावेदारी मजबूत करें। मोर्केल को उम्मीद है कि अब टीम चोटों की समस्या से बाहर निकलेगी और साल के आगे के हिस्से में सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे।

