गुवाहाटी में पेसर्स को मदद मिलेगी: यहां बॉल ज्यादा स्विंग होगी, इस मैदान पर पहली बार टेस्ट होगा; लंच से पहले टी ब्रेक
Published:
3 min read

भारत अब सीरीज में 0-1 से पीछे है। टीम अब गुवाहाटी में होने वाले अंतिम टेस्ट को जीतकर सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगी। आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा। (@ShubmanGill)
स्पोर्ट्स डेस्क. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट मैच गुवाहाटी में शनिवार से खेला जाएगा। खास बात यह है कि गुवाहाटी में पहली बार कोई टेस्ट मैच होगा। यहां कंडीशन अलग हैं। सूरज जल्दी निकलता है। इसके अलावा ठंडी हवा, पिच में नमी इस मैदान को खास बनाती हैं। यहां सूर्यास्त भी जल्द होता है। लिहाजा, मैच का टाइम बदला गया है। ईडन गार्डन्स की हार के बाद टीम इंडिया पहले ही दबाव में है और गुवाहाटी की ये मुश्किलें चुनौती उस पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
9.01 मिनट पर पहली बॉल
गुवाहाटी में सूरज काफी जल्दी निकलता है और बहुत जल्दी डूब भी जाता है। लेकिन भारत एक ही टाइम जोन पर चलता है, इसलिए यहां मैच के समय को बदलना पड़ा है। पहली बाॅल सुबह 9:01 बजे फेंकी जाएगी। ये भारत में टेस्ट मैचों के लिए बहुत जल्दी शुरुआत मानी जाती है।
प्लेयर्स को रूटीन बदलना होगा
इतनी जल्दी खेल शुरू होने से खिलाड़ियों को अपना रूटीन बदलना होगा। सुबह-सुबह ठंड भी ज्यादा रहती है। इससे पिच पर नमी रहती है और पेस बॉलर्स को स्विंग और मूवमेंट मिलती है। ऐसे में बैटिंग मुश्किल हो जाती है।

पहला सेशन 9-11
इंडिया-साउथ अफ्रीका का मैच सुबह 9 बजे शुरू होगा। टॉस आधे घंटे पहले यानी 8:30 बजे होगा। पहला सेशन सुबह 9 से 11 बजे तक चलेगा। उसके बाद खिलाड़ी लंच नहीं बल्कि टी ब्रेक लेंगे, जो 11 से 11:20 बजे तक होगा।
दूसरा सत्र 11:20 से 1:20 तक चलेगा और फिर असली लंच ब्रेक होगा। ये 1:20 से 2 बजे तक रहेगा। दिन का आखिरी सेशन 2 से 4 बजे तक होगा। इसे जरूरत पड़ने पर आधे घंटे बढ़ाया जा सकता है।
लोकल प्लेयर की राय
सिक्किम के बल्लेबाज अंकुर मलिक ने एक इंटरव्यू कहा- मैच वाले दिन सुबह 6 बजे नाश्ता करना पड़ता है, क्योंकि पहले सेशन के बाद सिर्फ 20 मिनट की टी ब्रेक होता है। यहां की पिच बाहरी खिलाड़ियों को आम तौर पर परेशान करती हैं।
सिक्किम टीम के कप्तान क्या कहा-
सिक्किम टीम के कप्तान ली योंग लेपचा ने कहा- इतनी जल्दी शुरू होने वाले मैचों में आमतौर पर बाॅलर को फायदा मिलता है। गेंद लंबे समय तक स्विंग करती रहती है। दोपहर बाद, यानी करीब 3 बजे फिर से ठंड बढ़ने लगती है। इससे गेंद फिर मूव करने लगती है। इससे दिन के समय में भी बल्लेबाजों को मुश्किल आती है।

असम टीम के कोच की सलाह
पूर्व असम कोच आरएक्स मुरली ने कहा- गुवाहाटी की विकेट आमतौर पर रन बनाने के लिए अच्छी रहती है। लेकिन शुरुआती घंटे में गेंदबाजों के लिए मदद जरूर रहती है।त्रिपुरा के खिलाड़ी विजय शंकर बताते हैं।
8:30 बजे हम चेन्नई में तो वार्म-अप करते हैं। यहां उसी समय मैच शुरू हो जाता है और शाम 4:30 बजे ऐसा लगता है जैसे हमारे यहां रात के 8 बजे गए है।
मैच के कुछ अहम पॉइंट
मैच जल्दी शुरू होने से सुबह गेंद ज्यादा स्विंग होगी।शाम को रोशनी जल्दी खत्म होगी बैटर के लिए शुरुआत और आखिरी दोनों सेशन मुश्किल ब्रेक टाइम चेंज। इसलिए खाने-पीने और बॉडी क्लॉक में बदलाव जरूरी।

