एक ओवर तुम खेलो, एक ओवर मैं: जब इंडिया से डरे अमला तो बनाया प्लान, फिर आखिरी ओवर में भज्जी ने जिताया टेस्ट
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स्पोर्ट्स डेस्क. वनडे और टी20 में तो लगभग हर दूसरे मैच में ऐसा होता होगा कि किसी टीम को आखिरी ओवर में जाकर जीत मिली है। मगर टेस्ट में बहुत ही कम ऐसा देखने को मिलता है। ऐसा ही एक रोमांचक टेस्ट इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच 2010 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया था। तब हार करीब देख साउथ अफ्रीका के हाशिम अमला ने एक ने प्लान बनाया।
9 विकेट के बाद उन्होंने मोर्ने मोर्केल के साथ 21 ओवर तक लंबी पार्टनरशिप की और हार को टालने की पूरी कोशिश की। अमला ने मोर्केल के साथ मिलकर एक ओवर तुम खेलो एक ओवर मैं खेलूं, ऐसा करके मैच ड्रॉ कराने का प्लान बनाया था। लेकिन भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने मैच के आखिरी दिन आखिरी ओवर में 10वां विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई। आइए जानते हैं इस रोमांचक मैच के बारे में…
इंडिया के लिए करो या मरो का टेस्ट था
साउथ अफ्रीका टीम फरवरी 2010 में भारत दौरे पर आई थी। तब दोनों टीमों के बीच 2 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेली गई। पहला टेस्ट नागपुर में खेला गया, जिसमें ग्रीम स्मिथ की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने पारी और 6 रन से जीत दर्ज की। ऐसे में कोलकाता में होने वाला दूसरा टेस्ट भारतीय टीम के लिए करो या मरो वाला था।
इस मैच के लिए महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम एकदम तैयार नजर आई। अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और पहली पारी में 296 रन बनाए। इस दौरान हाशिम अमला ने 114 और अल्विरो पीटरसन ने 100 रन की पारी खेली। पेसर जहीर खान ने 4 और हरभजन ने 3 विकेट लिए।
टीम इंडिया की ओर से 4 शतक लगे
फिर भारतीय टीम ने दमदार बैटिंग की और जवाब में 6 विकेट पर 643 रन बनाकर पहली पारी घोषित की। इस तरह 347 रन की बढ़त बनाई। इस पारी में भारतीय टीम की ओर से 4 शतक लगे। वीरेंद्र सहवाग ने 165, वीवीएस लक्ष्मण ने नाबाद 143, धोनी ने नाबाद 132 और सचिन तेंदुलकर ने 106 रन बनाए।
अफ्रीका के लिए मोर्ने मोर्केल ने 2 विकेट लिए। 1-1 सफलता डेल स्टेन, पॉल हैरिस और जेपी डुमिनी को मिली।
शुरुआती दो पारियों के बाद भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई थी। ऐसे में अफ्रीकी टीम के सामने दूसरी पारी में फॉलोऑन उतारने के साथ बड़ा टारगेट देने की चुनौती थी। या फिर यह टेस्ट ड्रॉ करवा दें।
यदि कोलकाता टेस्ट ड्रॉ होता तो भारतीय टीम यह सीरीज 0-1 से हार जाती। ऐसे में उसने भी पूरा जोर लगाया।
आखिर तक लड़ते रहे हाशिम अमला
दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका की शुरुआत ठीक नहीं रही। उसने 54 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए थे। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक अफ्रीकी टीम ने 3 विकेट गंवाकर 115 रन बना लिए थे। हाशिम अमला और एश्वेल प्रिंस नाबाद लौटे थे। पांचवें दिन इन दोनों पर ही मैच ड्रॉ कराने की जिम्मेदारी थी।
पांचवें दिन एक बार फिर अफ्रीकी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेकती नजर आई। लंच तक 5 विकेट पर 164 रन बनाए। जबकि टी-ब्रेक तक टीम ने 7 विकेट गंवा दिए थे और 250 रन ही बना पायी थी।
इसके बाद भी साउथ अफ्रीका टीम संभल नहीं सकी। लड़खड़ाते हुए टीम ने 264 के स्कोर पर 9वां विकेट भी गंवा दिया था। हालांकि अच्छी बात यह थी कि अमला अब भी क्रीज पर थे। 11वें नंबर पर मोर्ने मोर्केल बैटिंग के लिए आए। यहां से लगभग 22 ओवर का ही खेल बचा हुआ था। तब अमला ने मोर्केल के साथ मिलकर एक प्लान बनाया। उन्होंने कहा कि एक ओवर तुम खेलो और एक ओवर वे खेलते हैं। रन नहीं बनाना है और कोई जोखिम नहीं लेना है। सिर्फ ड्रॉ ही टारगेट था।
मोर्केल के साथ मिलकर 21 ओवर खेले
यह प्लान कारगर होता दिख रहा था। अमला और मोर्केल ने मिलकर 21 ओवर खेल लिए थे। दोनों ने 10वें विकेट के लिए पार्टनरशिप करते हुए 126 बॉल खेलीं और सिर्फ 21 रन बनाए थे। इसमें अमला ने 66 बॉल खेलकर 7 रन बनाए। जबकि मोर्केल ने 60 बॉल खेलकर 12 रन बनाए थे।
बॉलिंग लाइनअप में जहीर और भज्जी के अलावा ईशांत शर्मा और अमित मिश्रा भी थे। मगर कप्तान धोनी ने सहवाग और सचिन को भी बॉलिंग पर लगाया। उन्हें किसी भी हालत में आखिरी विकेट लेना था। अब मैच का आखिरी ओवर बचा था। धोनी ने बॉल भज्जी को थमाई, जो पहले ही दूसरी पारी में 4 विकेट ले चुके थे।
भज्जी का जादू चला और इंडिया जीती
स्ट्राइक पर मोर्केल थे। भज्जी ने पारी का आखिरी ओवर किया। सभी को लग रहा था कि मोर्केल यह ओवर भी आसानी से खेल लेंगे और मैच ड्रॉ पर खत्म होगा। पहली दो बॉल मोर्केल ने शानदार अंदाज में खेली थी। तीसरी बॉल भज्जी ने सीधी मिडिल स्टम्प पर डाली। डिफेंड करने के चक्कर में बॉल मोर्केल के पैड पर लगी। भज्जी ने अपील की और अंपायर ने आउट दिया। इस तरह भज्जी ने आखिरी ओवर में टीम इंडिया को रोमांचक जीत दिलाई थी। यह दूसरी पारी में भज्जी का 5वां विकेट था। मैच के बाद धोनी ने कहा था कि ईडन गार्डन्स ने कभी निराश नहीं किया। यहां हमेशा जादू चलता है।
दूसरी पारी में अमला ने नाबाद 123 रन बनाए थे। सीरीज में उन्होंने कुल 490 रन बनाए थे। उन्हें ही प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। भज्जी ने 5, अमित मिश्रा ने 3 और ईशांत ने 2 विकेट लिए थे।

