एशिया कप के बाद फिर पाकिस्तान को हराया: 6 ओवर का मुकाबला इंडिया ने 2 रन से जीता, उथप्पा ने 28 और भरत ने 24 रन बनाए
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इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी पूर्व विकेटकीपर बैटर दिनेश कार्तिक संभाल रहे हैं। (@Fancode)
स्पोर्ट्स डेस्क. एशिया कप 2025 में लगातार 3 मुकाबले हराने के बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर पाकिस्तान को शिकस्त दी है। इस बार हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल सिक्सेस टूर्नामेंट में इंडिया ने पाकिस्तान को डकवर्थ लुइस नियम के तहत 2 रन से हराया। मैच में उथप्पा ने 28 और भरत ने 24 रन बनाए। यह मुकाबला मोंग कोक (हॉन्ग कॉन्ग) के मिशन रोड ग्राउंड में हुआ।
दरअसल, टूर्नामेंट में सभी मुकाबले 6-6 ओवर के खेले जा रहे हैं। इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी। इसके बाद भारतीय टीम ने 87 रनों का टारगेट सेट किया। जवाब में पाकिस्तान ने 3 ओवर में 41 रन बनाए तभी बारिश के कारण मैच रोक दिया गया। फिर डकवर्थ लुइस नियम से फैसला हुआ।
कार्तिक की कप्तानी में खेल रही इंडिया
इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी पूर्व विकेटकीपर बैटर दिनेश कार्तिक संभाल रहे हैं। टीम के लिए ओपनर रोबिन उथप्पा ने 11 बॉल पर 28 रन बनाए। जबकि भरत चिपली ने 13 बॉल पर 24 रनों की पारी खेली।
स्टुअर्ट बिन्नी ने 4 और अभिमन्यू मिथुन ने 6 रन बनाए। कप्तान कार्तिक ने 6 बॉल पर 17 रन बनाए। पाकिस्तान के लिए मोहम्मद शहजाद ने 2 और अब्दुल समद ने 1 विकेट लिया।
इस तरह रही पाकिस्तान की पारी
87 रनों के टारगेट के जवाब में पाकिस्तानी टीम बारिश के कारण खेल रुकने तक 3 ओवर में 41 रन ही बना सकी थी। ओपनर ख्वाजा नफाय ने 9 गेंदों पर नाबाद 18 और माज सदाकत ने 3 बॉल पर 7 रन बनाए।
अब्दुल समद 6 बॉल पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे। एकमात्र विकेट स्टुअर्ट बिन्नी ने लिया। उन्होंने सदाकत को कार्तिक के हाथों कैच आउट कराया। इस तरह यह मैच भारतीय टीम ने अपने नाम किया।
भारत की प्लेइंग-6: दिनेश कार्तिक (कप्तान), रॉबिन उथप्पा, स्टुअर्ट बिन्नी, भरत चिपली (विकेटकीपर), अभिमन्यु मिथुन और शाहबाज नदीम।
पाकिस्तान की प्लेइंग-6: अब्बास आफरीदी (कप्तान), अब्दुल समद, ख्वाजा मोहम्मद नफाय (विकेटकीपर), माज सदाकत, मुहम्मद शहजाद और शाहिद अजीज।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट एकदम अलग
इस टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हैं, जिन्हें 4 ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप सी में इंडिया और पाकिस्तान के साथ कुवैत भी है। इस टूर्नामेंट में हर एक टीम प्लेइंग-11 के साथ नहीं उतरती, बल्कि 6 खिलाड़ी के साथ मैच खेलती है। मुकाबला भी 6-6 ओवर का ही होता है।
खास बात ये है कि विकेटकीपर को छोड़कर सभी 5 प्लेयर्स को 1-1 ओवर करना जरुरी है। कोई एक बॉलर ही 2 ओवर कर सकता है। 5 ओवर पूरे होने से पहले यदि 5 विकेट होते हैं तो आखिरी बैटर अकेले ही बैटिंग करेगा। हालांकि उसके साथ एक रनर जरूर मौजूद रहेगा, लेकिन स्ट्राइक उस बैटर को ही लेनी होगी।
छठा विकेट गिरने पर टीम ऑलआउट मानी जाएगी। फिफ्टी लगाते ही बैटर को रिटायर्ड होना पड़ेगा, जो सबसे आखिर में बैटिंग के लिए आ सकता है। सेमीफाइनल तक हर एक ओवर में 6 बॉल रहती हैं। सिर्फ फाइनल मुकाबले में हर एक ओवर 8 बॉल का होता है।
पाकिस्तान, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका ने सबसे ज्यादा 5-5 बार यह खिताब जीते हैं। श्रीलंकाई टीम 2 बार चैम्पियन बनी है। जबकि इंडिया, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने 1-1 खिताब जीता है। भारतीय टीम ने यह टूर्नामेंट 2005 में वेस्टइंडीज को हराकर जीता था।

