पाकिस्तान के खिलाफ मैच में इंडिया से बेईमानी: 2 इंटरनेशनल अंपायर्स का खुलासा, कहा- कैच के नियम को गलत समझा
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एशिया कप राइजिंग स्टार के मैच में पाकिस्तान ने भारतीय टीम को 13.2 ओवर में 8 विकेट से हराया था। (सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. कतर की राजधानी दोहा में खेले जा रहे एशिया कप राइजिंग स्टार टूर्नामेंट में रविवार (16 नवंबर) को इंडिया और पाकिस्तान के बीच मैच खेला गया। यह मैच पाकिस्तान ने 8 विकेट से जीत लिया। इसी मुकाबले में भारतीय टीम के साथ एक बेईमानी भी हुई। पाकिस्तान के बल्लेबाज को कैच आउट नहीं दिया गया।
Espncricinfo ने इस मामले में दो इंटरनेशनल अंपायर्स से बात की और फिर अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया। इसमें बताया गया कि मैच के दौरान थर्ड अंपायर ने कैच के नए नियम को गलत तरीके से समझा और उसी के हिसाब से फैसला दिया, जो गलत था। इस दौरान अंपायर्स ने एक नहीं बल्कि दो गलती की थीं।
सदाकत को कैच आउट नहीं दिया गया
दरअसल, मैच में टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 137 रन का टारगेट दिया था। जवाब में 20 ओवर का यह मुकाबला पाकिस्तानी टीम ने 13.2 ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। ओपनर माज सदाकत ने सबसे ज्यादा 79 रन की पारी खेली। यश ठाकुर और सुयश शर्मा ने 1-1 विकेट लिया।
मैच में पाकिस्तान को 66 बॉल पर 44 रनों की दरकार थी। तब पारी का 10वां ओर लेग स्पिनर सुयश शर्मा ने किया। पहली बॉल पर लेफ्ट हैंड बैटर माज सदाकत ने लॉन्ग ऑन की ओर हवाई शॉट खेला। वहां बाउंड्री पर नेहल वढेरा खड़े थे। उन्होंने दौड़ते हुए बॉल पकड़ी और संतुलन बिगड़ने पर बॉल बाउंड्री के अंदर खड़े नमन धीर की ओर फेंकी।
नमन ने कैच किया और फिर टीम इंडिया विकेट का जश्न मनाने लगी। लेकिन फील्ड अंपायर ने नए नियम के तहत कैच को अवैध करार दिया। यानी माज सदाकत को नॉटआउट दिया गया। भारतीय कप्तान जितेश शर्मा इस बात पर अंपायर से भिड़ गए और काफी देर तक मैच रुका रहा, लेकिन फैसला नहीं बदला।
इंटरनेशनल अंपायर्स ने फैसले को गलत बताया
2 इंटरनेशनल अंपायर्स ने ESPN से कहा कि इस मामले में थर्ड अंपायर ने एक नहीं बल्कि दो गलतियां कीं। पहली तो यही है कि बल्लेबाज क्लियर आउट था। वढेरा ने बाउंड्री के बाहर जाने से पहले ही कैच कर लिया था। साथ ही उन्होंने बाउंड्री के बाहर जाने से पहले ही बॉल अंदर की ओर फेंक दी थी। ऐसे में यह कैच क्लियर था और बल्लेबाज को आउट दिया जाना चाहिए था।
दूसरी गलती यह है कि यदि बल्लेबाज को नॉटआउट देने के बाद बॉल को डेड करार दिया। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था। यदि नए नियम के मुताबिक बैटर नॉटआउट था तो उसे छक्का भी मिलना चाहिए था।
क्या है यह नया नियम
पुराना नियम था कि फील्डर बाउंड्री के बाहर हवा में रहते हुए कितनी भी बार बॉल को छू (हवा में) सकता है। हालांकि कैच के लिए उसे बाउंड्री के अंदर आना होता था।
- मगर अक्टूबर 2025 में यह नियम बदला गया। नए रूल्स के मुताबिक, फील्डर बाउंड्री के बाहर हवा में बॉल को सिर्फ एक ही बार छू सकता है।
- कैच तभी माना जाएगा जब फील्डर बॉल दोबारा पकड़े जाने से पहले बाउंड्री के अंदर रहे।
- नियम 19.5.2.1 के मुताबिक, यदि फील्डर बाउंड्री के बाहर ही लैंड करता है तो फिर कैच नहीं माना जाएगा, लेकिन बल्लेबाज को बाउंड्री मिल जाएगी।
- नमन ने बाउंड्री के अंदर कैच लिया, तब वढेरा बाउंड्री के अंदर लैंड कर चुके थे और कैच लेने से पहले ही बाउंड्री घोषित हो गई थी। इस कारण कैच नहीं माना गया।
फिर विवाद क्यों हुआ
- कुछ दिग्गजों का मानना है कि वढेरा ने जब बॉल मैदान में अंदर फेंकी थी, तब वे बाउंड्री पार नहीं पहुंचे थे। उन्होंने बाउंड्री क्रॉस करने से पहले ही बॉल अंदर फेंक दी थी। जबकि कुछ बोल रहे हैं कि बाउंड्री के बाहर जाकर हवा में रहते हुए बॉल अंदर फेंकी थी।
- विवाद ये भी है कि यदि वढेरा ने बाउंड्री के बाहर हवा में रहते हुए बॉल अंदर फेंकी थी और वे लैंड भी बाहर ही हुए, तब नियम के अनुसार सिक्स दिया जाना चाहिए था, लेकिन अंपायर ने ऐसा नहीं किया। आखिर ऐसा क्यों?

