जडेजा ने स्टोक्स से हाथ नहीं मिलाया: गंभीर-पिच क्यूरेटर की बहस, ड्यूक बॉल पर सवालिया-निशान; 5 टेस्ट की सीरीज में 5 बड़े विवाद
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पहला और तीसरा टेस्ट इंग्लैंड ने जीता था। दूसरे मैच में टीम इंडिया को सफलता मिली। जबकि चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। आखिरी मुकाबला जीतकर भारतीय टीम ने सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म की। (BCCI)
भारतीय टीम और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट की सीरीज 2-2 से बराबर रही। इस एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में कई बड़े विवाद देखने को मिले हैं। इसमें सबसे अहम ड्यूक बॉल की क्वालिटी पर सवालिया-निशान रहा है। साथ ही आखिरी टेस्ट से ठीक पहले पिच क्यूरेटर और भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के बीच बहस भी चर्चाओं में रही।
इंडिया और इंग्लैंड के बीच हुई 5 टेस्ट की सीरीज में कई विवाद हुए, लेकिन इनमें से 5 सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहे। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं...
ड्यूक बॉल पर विवाद
इस पूरी सीरीज में ड्यूक बॉल को लेकर काफी विवाद हुआ। बॉल काफी जल्दी खराब होती दिखी। 20-25 ओवर्स के बाद ही कुछ बॉल्स का शेप बदल जाता था। अंपायर्स को बॉल बार-बार बदलनी पड़ रही थी। ड्यूक बॉल को लेकर दोनों ही टीमें खुश नहीं थी। तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में हुआ था, जिसमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल को काफी परेशानी हुई।
खराब बॉल के कारण ही टीम इंडिया को लॉर्ड्स टेस्ट भी गंवाना पड़ा। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया ने 20 ओवर में (80 से 99 ओवर के बीच) 3 बार बॉल बदली, लेकिन हर बार भारतीय खिलाड़ी शिकायत करते ही दिखे। यही कारण रहा कि टीम ने जीता हुआ मैच गंवा दिया।
मैच के बाद टीम इंडिया ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से ड्यूक बॉल को लेकर शिकायत की। इसमें कहा कि जो दूसरी गेंद उन्हें दी गई, उसका शेप 10 ओवर में ही बदल गया था। असल में वह गेंद 30-35 ओवर पुरानी थी। इंडियन टीम का मानना है कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ और मैच में हार का एक कारण भी यही रहा।
ड्यूक्स बॉल कंपनी के मालिक दिलीप जाजोदिया ने कहा- 'तीन टेस्ट के दौरान जिन बॉल्स का इस्तेमाल किया गया, हम उनकी जांच करेंगे।' दिलीप ने कहा- हम हर चीज की जांच करेंगे, चाहे वह लेदर हो, टैनिंग हो या बाकी कच्चा माल। हर चीज को बारीकी से परखा जाएगा। जहां जरूरत होगी, सुधार करेंगे। हर देश होम सीरीज में अपने हिसाब से बॉल सिलेक्ट करता है। नियम के मुताबिक- इस पर मेहमान टीम ऑब्जेक्शन नहीं कर सकती।
बॉल को लेकर विवाद के बीच शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में रिजल्ट निकले थे। इस दौरान इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली थी। हालांकि चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। पांचवें मुकाबले में टीम इंडिया ने जीत दर्ज कर सीरीज 2-2 से बराबर कर दी।
लॉर्ड्स में समय बर्बाद करने पर क्रॉली से भिड़े गिल
इसी लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल और इंग्लैंड के ओपनर जैक क्रॉली के बीच जमकर बहस देखने को मिली थी। दरअसल, दिन का खेल खत्म होने वाला था। इसी दौरान क्रॉली ज्यादा बॉल ना खेलनी पड़े इसके लिए समय बर्बाद करने लगे। वे ग्लव्ज, हेलमेट जैसी चीजों में वक्त बर्बाद कर रहे थे।
इसी बीच गिल से रहा नहीं गया और उन्होंने क्रॉली को समझाना चाहा। मगर क्रॉली मान नहीं रहे थे, इस कारण दोनों के बीच जमकर बहस हुई। यह भी काफी सुर्खियों में रहा था।
जडेजा ने स्टोक्स से हाथ नहीं मिलाया
चौथे टेस्ट में एक अलग ही मामला देखने को मिला। 5वें दिन आखिरी एक घंटे का खेल बचा था, यानी 15 ओवर और होने थे। भारतीय टीम ने सिर्फ 4 विकेट गंवाए थे और मैच का नतीजा निकलना नामुमकिन सा था। तभी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बैटिंग कर रहे जडेजा और सुंदर के सामने हाथ मिलाकर मैच ड्रॉ पर खत्म करने की बात कही।
मगर टीम इंडिया ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि जडेजा और सुंदर शतक के करीब थे। वे सेंचुरी पूरी करना चाहते थे। उन्होंने खेल जारी रखा और दोनों ने नाबाद शतक लगाए। स्टोक्स की बाद में जमकर आलोचना हुई। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा। हालांकि मैच के बाद स्टोक्स ने कहा था कि वे तेज गेंदबाजों की चोट को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहते थे। मैच का नतीजा नहीं निकलता तो मैंने ड्रॉ पर खत्म करना ही सही समझा। हालांकि यह मैच ड्रॉ पर ही खत्म हुआ। जडेजा और सुंदर ने नाबाद शतक लगाए थे।
गंभीर और पिच क्यूरेटर की बहस
पांचवें टेस्ट से ठीक पहले भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर की ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टी (Lee Forti) से बहस हुई। गंभीर स्टेडियम में व्यवस्थाओं और ग्राउंड स्टाफ के व्यवहार से खुश नहीं थे। वे पिच देख रहे थे, तभी क्यूरेटर ने उनसे 2.5 मीटर दूर खड़े रहने को कहा। साथ ही सपोर्ट स्टाफ आइस बॉक्स ले रहा था, तब क्यूरेटर उस पर चिल्लाया था। गंभीर ने इस पर आपत्ति जताई। उसने जिस तरह बात की, उससे गंभीर चिढ़ गए थे।
गंभीर को क्यूरेटर से ये कहते सुना गया- 'तुम यह नहीं बता सकते कि हमें क्या करना है। तुम यहां सिर्फ एक ग्राउंड्स मैन हो, इससे ज्यादा कुछ नहीं।' क्यूरेटर ने शिकायत की धमकी दी। तब गंभीर ने कहा- "जाओ और जहां चाहो रिपोर्ट कर सकते हो, लेकिन आप हमें यह नहीं बता सकते कि हमें क्या करना है।"
अंपायर धर्मसेना से केएल राहुल की बहस
ओवल टेस्ट में भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और इंग्लिश प्लेयर जो रूट के बीच बहस बाजी हुई थी। इसके बाद केएल राहुल और फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच बहस हुई। दरअसल, रूट से बहस के दौरान धर्मसेना ने कृष्णा को रोका था। रूट से कुछ नहीं कहा। इस पर राहुल गुस्सा गए।
राहुल ने कहा- 'आप चाहते हैं कि हम चुप रहें। अगर कोई गेंदबाज आपके पास आकर कुछ बोले तो आपको कैसा लगेगा ऐसा नहीं चल सकता।' धर्मसेना बोले- राहुल, ये सही तरीका नहीं है।
राहुल ने कहा- 'तो क्या हमें सिर्फ खेलना है और घर चले जाना है।' इस पर धर्मसेना ने कहा- 'हम मैच के बाद बात करेंगे। आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए।'

