कॉमनवेल्थ गेम्स की दावेदारी करेगा भारत: मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी; अहमदाबाद में गेम्स कराने की तैयारी; आखिरी बार 2010 में दिल्ली में हुए थे
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यह तस्वीर 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स की है। (फाइल फोटो)
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करेगा। मोदी कैबिनेट ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बिड्स को मंजूरी दी है। सरकार अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स कराना चाहती है। मेजबानी की दावेदारी में कनाडा भी था, लेकिन वो रेस से बाहर हो गया है। ऐसे में भारत अब सबसे मजबूत दावेदार है। कुछ दिन पहले कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के डायरेक्टर ने अहमदाबाद का दौरा किया था।
सरकार का मानना है कि अहमदाबाद इसके लिए सबसे अच्छी जगहों में एक है। यहां वर्ल्ड क्लास स्टेडियम, हाई क्लास ट्रेनिंग सेंटर और स्पोर्टस् कल्चर मौजूद है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है। यहां पर कई बड़े विश्वस्तरीय इवेंट्स हो चुके हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप भी शामिल हैं। इससे पहले भारत ने UPA के शासन में 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। तब दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे।
नवंबर के आखिर में होगा तय
कैबिनेट ने मेजबान सहयोग समझौता (HCA) पर साइन करने और बोली स्वीकार होने की स्थिति में गुजरात सरकार को अनुदान राशि देने को भी मंजूरी दी है। साथ ही इससे संबंधित मिनिस्ट्री, विभाग और प्राधिकरणों से आवश्यक गारंटी को भी सहमति दी गई है। इवेंट के लिए IOA में बिड सबमिट करने की आखिरी डेट 31 अगस्त 2025 तक है। 48 घंटे में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। नवंबर के आखिर में यह फैसला होगा कि भारत को मेजबानी मिलेगी या नहीं।

72 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे
इवेंट के लिए IOA (इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन) में बिड सब्मिट करने की आखिरी डेट 31 अगस्त 2025 तक है। 48 घंटे में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 में 72 देश और कई राज्यों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इन खेलों से देश में बड़े स्तर पर रोजगार, ट्यूरिज्म में बढ़ावा और खेल के विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेशनल खिलाड़ी बनाने का मौका मिलेगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन करेगी फैसला
कनाडा के रेस से बाहर होने के बाद भारत को मेजबानी मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पिछले महीने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के डायरेक्टर डैरेन हॉल ने एक टीम के साथ अहमदाबाद में आयोजन स्थल का दौरा किया था। उन्होंने गुजरात सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। बता दें कॉमनवेल्थ स्पोर्ट (CGF) वह संस्था है जो किसी देश को मेजबानी देने का फैसला करती है।
यदि कॉमनवेल्थ की मेजबानी मिलती है, तो यह भारत में होने वाला चौथा मेजर मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट होगा। इससे पहले 1951 और 1982 में एशियन गेम्स हुए थे। फिर 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए।
ऐतिहासिक होने वाला है 2030 कॉमनवेल्थ
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को 100 साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में यह गेम्स का शताब्दी वर्ष भी रहेगा। 1930 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स खेले गए थे। तब इन्हें ब्रिटिश साम्राज्य के नाम से जाना जाता था। पहला सीजन कनाडा में ओंटारियो के हेमिल्टन में हुआ था। यदि मेजबानी के लिए बोली लगाने में कनाडा आगे बढ़ता और उसे मेजबानी मिलती, तो यह उसके लिए ऐतिहासिक हो जाता।
बता दें कि 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीट्स ने शानदार प्रदर्शन किया था। तब देश ने कुल 101 मेडल जीते थे। इसमें 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मेडल थे। जबकि पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने 1 सिल्वर समेत कुल 5 मेडल जीते थे। इसमें एक भी गोल्ड नहीं था।

