टीम इंडिया पर विदेशी पिच पर फ्लॉप रहने का टैग: असिस्टेंट कोच बोले- खेलने का तरीका बदलना होगा, तभी अगला T20I वर्ल्ड कप जीतेंगे
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इंग्लैंड ने सीरीज के चौथे टी20 में भारतीय टीम को 9 विकेट से हराया। इस हार के साथ टीम इंडिया को पिछले 6 टी20 मैच में से 5 में हार मिली। (फोटो सोर्स: BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भी भारतीय टीम विदेशी पिचों पर लगातार स्ट्रगल करती नजर आ रही है। हाल ही में आयरलैंड ने 2-0 से सीरीज में क्लीन स्वीप किया। अब भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज गंवानी पड़ी है। ब्रिस्टल में हुए चौथे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड टीम 9 विकेट से जीती है। इस हार के बाद भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने कहा- अगर टीम को 2028 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाला T20 वर्ल्ड कप जीतना है, तो विदेश में खेलने का तरीका बदलना होगा।
टीम को समझना होगा फॉरेन कंडीशन में नहीं खेल पाते
डोशेट ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सिर्फ भारत की आसान बल्लेबाजी वाली पिचों पर बड़े स्कोर बना लेना काफी नहीं है। असली चुनौती तब होती है, जब टीम इंग्लैंड, आयरलैंड या ऑस्ट्रेलिया जैसी जगहों पर खेले, जहां गेंद ज्यादा स्विंग और सीम होती है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों को अपनी सोच और खेलने का तरीका जल्दी बदलना होगा।
टीम को पहले यह मानना होगा कि फॉरेन 'कंडीशन में उसका परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। जब तक खिलाड़ी इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक सुधार करना मुश्किल होगा। उनका कहना था कि टीम के सामने दो रास्ते हैं। पहला, भारत में 250 रन बनाकर खुश होना और दूसरा, दुनिया के हर मैदान पर जीत हासिल करने वाली टीम बनना। अगर भारत को महान टीम बनना है तो दूसरे रास्ते पर चलना होगा।

आर्चर और टंग ने अच्छी गेंदबाजी की
कोच ने माना कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारतीय बल्लेबाज हालात के हिसाब से खुद को नहीं बदल पाए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की पिचें भारत से अलग हैं। यहां गेंद रुककर आती है, उछाल भी ज्यादा होता है। ऐसे में वही शॉट्स खेलना, जो भारत में चलते हैं, यहां नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा- टीम ने बदलाव की बातें तो बहुत कीं, लेकिन मैदान पर उसका असर नहीं दिखा। खिलाड़ियों को जल्दी सीखना होगा कि हर देश की पिच अलग होती है और उसी हिसाब से बल्लेबाजी करनी पड़ती है।
श्रेयस अय्यर 80 रन की पारी खेली
इस मुश्किल दौरे में अगर किसी बल्लेबाज ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, तो वह कप्तान श्रेयस अय्यर हैं। दिलचस्प बात यह है कि वह टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस दौरे पर सबसे ज्यादा रन वही बना रहे हैं। ब्रिस्टल टी20 में भी उन्होंने नाबाद 80 रन की पारी खेली।

डोशेट ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी को भी सपोर्ट किया। उन्होंने कहा- किसी नए कप्तान को कुछ मैचों के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। कप्तानी संभालने के लिए समय और भरोसा दोनों जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि श्रेयस बल्लेबाजी से भी टीम को लीड कर रहे हैं और धीरे-धीरे कप्तानी में भी बेहतर होते जाएंगे।
असिस्टेंट कोच ने कहा- जब जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम में लौटेंगे, तब भारतीय टीम और मजबूत नजर आएगी। इन दोनों खिलाड़ियों की कमी टीम को साफ महसूस हो रही है।
उन्होंने माना कि टीम को इस दौरे से पहले तैयारी का ज्यादा समय भी नहीं मिला। IPL, टी20 वर्ल्ड कप और अफगानिस्तान सीरीज के तुरंत बाद खिलाड़ी इंग्लैंड पहुंच गए। ऐसे में सिर्फ चार-पांच दिन की तैयारी विदेशी परिस्थितियों के लिए काफी नहीं होती।

