इंडिया ने इस एशिया कप में सबसे ज्यादा कैच छोड़े: मिडिल ऑर्डर फ्लॉप, सूर्या भी आउट ऑफ फॉर्म; फाइनल से पहले इन पहलुओं पर काम जरूरी
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28 सितंबर को एशिया कप फाइनल है। भारत की भिड़ंत पाकिस्तान या बांग्लादेश में किसी एक से होगी। फोटो क्रेडिट- सोनी लिव।
स्पोर्ट्स डेस्क: भारत ने बांग्लादेश को हराकर एशिया कप के फाइनल में जगह बना ली है। मैच भले ही टीम इंडिया ने जीत लिया हो, लेकिन कुछ ऐसे पहलू हैं जिन पर फाइनल से पहले काम करना जरूरी है।
भारत ने इस मैच में टोटल 5 कैच छोड़े। इनमें से 4 कैच तो बांग्लादेश के टॉप स्कोरर सैफ हसन के ही थे। अगर ये कैच लपक लिए जाते तो मैच काफी पहले खत्म हो जाता। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर को भी अपना खेल सुधारना होगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पूरी तरह ऑफ कलर लग रहे। ये भारतीय टीम के लिए चिंता की बात है।
एशिया कप में सबसे ज्यादा कैच भारत ने छोड़े
ताज्जुब की बात है कि इस एशिया कप में सबसे ज्यादा कैच भारतीय टीम ने छोड़े हैं। भारत ने अभी तक 5 मैच खेले हैं। इन 5 मैचेस में टीम इंडिया ने 12 कैच ड्रॉप किए हैं। 11 कैच ड्रॉप के साथ हॉन्गकॉन्ग दूसरे नंबर पर है।
बांग्लादेश ने 8, श्रीलंका ने 6 और पाकिस्तान ने 3 कैच ड्रॉप किए। सोचने वाली बात यह है कि भारत को इन सभी टीमों से बेहतर फील्डिंग यूनिट माना जाता है। 28 सितंबर को फाइनल है। फाइनल से पहले भारत को अपनी फील्डिंग सुधारनी होगी। कहा जाता है कि कैच से ही मैच पकड़े जाते हैं।
ओपनर्स का ऑफ डे रहा तो मुसीबत हो जाएगी
भारत ने इस एशिया कप में अब तक 5 मैच खेले हैं। सभी मुकाबलों में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन शानदार रहा है। इन दोनों ने मिलकर 359 रन बनाए हैं, जबकि बाकी पूरी टीम ने सिर्फ 337 रन जोड़े हैं।
कल बांग्लादेश के खिलाफ हुए मैच का ही उदाहरण लीजिए। जब तक अभिषेक और गिल क्रीज पर थे, टीम का प्रोजेक्टेड स्कोर 200 रन से अधिक दिख रहा था। लेकिन उनके आउट होने के बाद टीम 168 रन ही बना सकी। इसमें से 104 रन तो सिर्फ इन दोनों बल्लेबाजों के थे। इनके बाद सिर्फ हार्दिक पंड्या ही ऐसे बैटर थे, जिन्होंने 30 से अधिक रन बनाए।
बेवजह के एक्सपेरिमेंट से भी बचने की जरूरत
जाहिर है कि भारत को बिग फाइनल से पहले मिडिल ऑर्डर में अपनी बल्लेबाजी दुरुस्त करनी होगी। वर्ना ओपनर्स का ऑफ डे रहा तो टीम मुश्किल में आ सकती है। साथ ही, मिडिल ऑर्डर में बेवजह के एक्सपेरिमेंट से भी बचना चाहिए।
कल वाले मैच में संजू सैमसन को बल्लेबाजी के लिए ही नहीं भेजा। पहला विकेट गिरने के बाद शिवम दुबे को बैटिंग के लिए भेजा गया, जिसका कोई मतलब नहीं निकला। वो सिर्फ 2 रन बनाकर चलते बने। सूर्यकुमार यादव ने पोस्ट प्रजेंटेशन में कहा भी कि उनकी यह रणनीति काम नहीं आई।
टीम इंडिया के लिए कप्तान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन चिंताजनक है। उनका बल्ला इस एशिया कप में खामोश है। 5 मैच की 4 इनिंग में उन्होंने सिर्फ 59 रन बनाए हैं। 59 रन बनाने में उन्होंने 53 बॉल लिए हैं। मतलब स्ट्राइक रेट भी 111 के आस-पास है। उनके स्टैंडर्ड को देखते हुए इसे किसी भी तरीके से बेहतर तो नहीं कहा जा सकता।
इन सब के बीच उन्हें अपनी बैटिंग ऑर्डर में भी स्टैब्लिटी लानी होगी। उन्हें कोई एक नंबर चुनना होगा और उसी बैटिंग ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी होगी। फाइनल से पहले सूर्या का फॉर्म में आना जरूरी है। फॉर्म खराब होने का असर उनकी कप्तानी पर भी पड़ सकता है।

