गिल की चोट ने दोनों पारी में खेल बिगाड़ा: दो दिन इंडिया के कंट्रोल में मैच रहा, तीसरे दिन बाजी पलटी; जानिए अफ्रीका के खिलाफ हार के 5 कारण
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टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच 2 टेस्ट की सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से खेला जाएगा। यह मुकाबला गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। (@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 टेस्ट की सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम को 30 रन से हार झेलनी पड़ी। यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया। यह मुकाबला शुरुआती दो दिनों तक पूरी तरह भारतीय टीम के कंट्रोल में दिख रहा था, लेकिन तीसरे दिन बाजी पूरी तरह पलट गई।
7 विकेट के बावजूद तीसरे दिन के शुरुआत से ही साउथ अफ्रीका टीम पूरी तरह हावी रही। आइए जानते हैं अफ्रीका के खिलाफ इस कोलकाता टेस्ट में भारतीय टीम की हार के 5 कारण…
गिल की चोट ने दोनों पारी में खेल बिगाड़ा
भारतीय कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण मैच के बीच से ही बाहर हो गए थे। ऐसे में टीम को 10 बल्लेबाजों के साथ खेलना पड़ा। गिल पहली पारी में बैटिंग के लिए आए थे, लेकिन 4 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुए। उन्हें गर्दन में दर्द की शिकायत थी। गिल बैटिंग के लिए दोबारा नहीं आए। उनकी जगह रवींद्र जडेजा ने कप्तानी संभाली।
यदि गिल चोटिल नहीं होते तो दोनों पारियों में वे कुछ रन बनाते, जो बेहद निर्णायक होते। उनका चोटिल होना ही टीम की हार की असली वजह भी मान सकते हैं। दूसरी पारी में भारतीय टीम 10 बल्लेबाजों के साथ ही उतरी थी। वे यदि एक छोर पर खड़े रहते, तब भी मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।
टॉप ऑर्डर का फ्लॉप परफॉर्मेंस
कोलकाता टेस्ट में भारतीय बैटिंग में टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप नजर आया। ओपनर यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 12 रन बनाए। सेकंड इनिंग में खाता तक नहीं खोल सके। दूसरी केएल राहुल ने पहली पारी में 39 रन बनाए, लेकिन दूसरी पारी में 1 रन बनाकर ही चलते बने।
तीसरे नंबर पर उतरे वॉशिंगटन सुंदर ने थोड़ी राहत दी, लेकिन जीत के लिए काफी नहीं रही। उन्होंने पहली पारी में 29 और फिर सेकंड इनिंग में 31 रन बनाए।
मिडिल ऑर्डर भी संभाल नहीं सका
टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने और गिल के बाहर होने के बाद फैन्स को भारतीय मिडिल ऑर्डर से उम्मीदें थीं, लेकिन यह भी बेमानी साबित हुई। ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल टीम को जीत दिलाने जैसी शानदार पारी नहीं खेल सके।
इस मैच की दोनों पारियों में जुरेल ने 14-13, ऋषभ पंत ने 27-2, रवींद्र जडेजा ने 27-18 और अक्षर पटेल ने 16-26 रन ही बनाए। यह जीत के लिए काफी नहीं रही।
तीसरे दिन मॉर्निंग में फायदा नहीं उठा सके
पहले दो दिन पूरा मैच भारतीय टीम के शिकंजे में दिख रहा था। मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम पहली पारी में 159 रन पर ऑलआउट हुई। इसके बाद दूसरे दिन भारतीय टीम ने पहली पारी में 189 रन बनाकर 30 रन की बढ़त बना ली थी।
दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका के 7 विकेट पर 93 रन थे। उसके पास सिर्फ 63 रन की ही लीड थी। यहां भी मैच भारतीय टीम के कंट्रोल में दिख रहा था, लेकिन तीसरे दिन बाजी पूरी तरह पलट गई।
अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने कॉर्बिन बॉश के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए 44 रन की अहम पार्टनरशिप की। इसी के दम पर अफ्रीकी टीम ने 124 रन का टारगेट सेट किया। भारतीय बॉलर्स तीसरे दिन सुबह खेल में जरा भी फायदा नहीं उठा सके।
दूसरी पारी में सिराज का सही इस्तेमाल नहीं हुआ
गिल के चोटिल होने के बाद जडेजा ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। वे दूसरी पारी में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का सही इस्तेमाल नहीं कर सके। उन्होंने सिराज से सिर्फ 2 ओवर बॉलिंग करवाई। इसमें सिराज ने 2 रन देकर 2 विकेट लिए।
अब जरा सोचिए यदि तीसरे दिन खेल की शुरुआत से ही यदि सिराज और बुमराह को दोनों ओर से बॉलिंग पर लगाते, तो शायद मैच का नतीजा भारत के पक्ष में आ सकता था।
दूसरी पारी में 50 ओवर के बाद सिराज को पहली बार बॉलिंग पर लगाया। तब तक साउथ अफ्रीकी टीम का स्कोर 148 पहुंच गया था और लीड 118 रनों की हो गई थी। सिराज ने दूसरी पारी का 52वां और 54वां ओवर ही किया। इन 2 ओवर में 2 रन देकर 2 विकेट लिए।

