जडेजा के सपोर्ट में सचिन: स्टोक्स से हाथ नहीं मिलाने पर कहा- यह इंडिया की प्रॉब्लम नहीं थी, ब्रुक से बॉलिंग कराओ या किसी और से
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मैनचेस्टर टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने नाबाद 107 और वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 101 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने दोनों की तारीफ की। (सोशल मीडिया)
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत 5 टेस्ट की सीरीज खेली, जो 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई। चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था, जिसमें कप्तान गिल, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार बल्लेबाजी की थी। इसी मैच में बेन स्टोक्स और जडेजा के बीच एक विवाद भी हुआ था, जो काफी चर्चा में रहा। इस पर सचिन तेंदुलकर ने जडेजा का सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि किससे गेंदबाजी करवानी है ये इंडिया की प्रॉब्लम नहीं थी, ब्रुक से बॉलिंग कराओ या किसी और से।
दरअसल, चौथे टेस्ट के 5वें दिन आखिरी एक घंटे का खेल बचा था, यानी 15 ओवर और होने थे। भारतीय टीम ने सिर्फ 4 विकेट गंवाए थे और मैच का नतीजा निकलना नामुमकिन सा था। तभी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बैटिंग कर रहे जडेजा और सुंदर के सामने हाथ मिलाकर मैच ड्रॉ पर खत्म करने की बात कही।
जडेजा और सुंदर ने नाबाद शतक लगाए
मगर टीम इंडिया ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि जडेजा और सुंदर शतक के करीब थे। वे सेंचुरी पूरी करना चाहते थे। उन्होंने खेल जारी रखा। इस पर स्टोक्स और जडेजा की बहस भी हुई। इंग्लिश कप्तान ने जडेजा से कहा कि क्या तुम ब्रूक, रूट और डकेट की बॉल पर शतक बनाना चाहते हो। फिर स्टोक्स ने पार्ट टाइम बॉलर्स जो रूट और हैरी ब्रूक से गेंदबाजी करवाई।
हालांकि आखिर में जडेजा और सुंदर ने नाबाद शतक लगाए। स्टोक्स की बाद में जमकर आलोचना हुई। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा। हालांकि मैच के बाद स्टोक्स ने कहा था कि वे तेज गेंदबाजों की चोट को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहते थे। मैच का नतीजा नहीं निकलता तो मैंने ड्रॉ पर खत्म करना ही सही समझा। हालांकि यह मैच ड्रॉ पर ही खत्म हुआ।
जडेजा-सुंदर के सपोर्ट में सचिन ने क्या कहा?
अब इस मामले में सचिन ने जडेजा का सपोर्ट किया। उन्होंने रेडिट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा- "लोग पूछ रहे हैं कि वॉशिंगटन ने शतक बनाया, जडेजा ने शतक बनाया, लेकिन क्या यह सही भावना से किया गया था? ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए? वे (जडेजा-सुंदर) ड्रॉ के लिए खेल रहे थे। इससे पहले जब इंग्लैंड उन पर दबाव बना रहा था, तब उन्होंने अच्छी तरह से मुकाबला किया था।"
सचिन ने कहा- "मेरे हिसाब से सीरीज में जान बची थी, तो फिर उन्हें (भारत को) हाथ मिलाकर इंग्लैंड के फील्डर्स और बॉलर्स को आराम क्यों देना चाहिए? अगर वे (इंग्लैंड) हैरी ब्रुक या किसी और से बॉलिंग कराना चाहते थे, तो यह बेन स्टोक्स की पसंद थी। यह भारत की समस्या नहीं है, इसलिए मेरे लिए यह बिल्कुल ठीक था। वे ड्रॉ के लिए खेल रहे थे, अपने शतकों के लिए नहीं।"
उन्होंने कहा- "अगर वे आउट हो जाते तो हम टेस्ट हार सकते थे। कुछ विकेट और गिरने पर हम मुश्किल में पड़ जाते। जब वे (जडेजा-सुंदर) बैटिंग करने आए थे तब हैरी ब्रुक गेंदबाजी नहीं कर रहे थे, है ना? कोई और कर रहा था तो इंग्लैंड के बॉलर्स और फील्डर्स को 5वें टेस्ट के लिए तरोताजा क्यों रखा जाए? क्या आपके पास इसका कोई जवाब है? नहीं।"

