चोट लगी, खून बहा पर मैदान नहीं छोड़ा: Top 5 क्रिकेटर जिन्होंने चोट के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा, पंत और कुंबले इस लिस्ट में शामिल
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ऋषभ पंत ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा 90 छक्के लगाने के मामले में वीरेंद्र सहवाग की बराबरी कर ली है। ( फाइल फोटो )
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। पहले दिन 37 रन पर बल्लेबाजी करते हुए ऋषभ पंत के पैर की उंगली में चोट लगी। स्कैन में फ्रेक्चर आया। BCCI ने हेल्थ अपडेट में कहा- पंत विकेटकीपिंग नहीं कर सकेंगे। टीम को जरूरत महसूस हुई तो बैटिंग करेंगे।
अगले दिन पंत लंगड़ाते हुए विकेट पर पहुंचे। 37 के स्कोर को 54 तक ले गए और फिर आउट हो गए। इंग्लिश बॉलर्स उनके उसी पैर को निशाना बनाने की कोशिश करते रहे, जिसमें फ्रेक्चर था। फैंस ने उनके हौसले को सलाम किया।
यहां कहानी उन पांच wounded warriors की, जिन्होंने चोट के बाद भी मैदान नहीं छोड़ा।
मैल्कम मार्शल – वेस्टइंडीज (1984)
वेस्टइंडीज के इस पेसर का एक मैच के दौरान हाथ टूट गया। इसके बावजूद भी वे बैटिंग के लिए आए। एक हाथ से बैटिंग की और मैदान पर डटे रहे। इतना ही नहीं, अपने पार्टनर लैरी गोम्स को शतक तक पहुंचाया। बाद में गेंदबाजी से भी कमाल दिखाया। 53 रन देकर 7 विकेट लिए और टीम को जीत दिलाई। इस पारी से मार्शल मैच के साथ फैंस का दिल भी जीत ले गए।
अनिल कुंबले – भारत (2002)
2002 में एंटीगा टेस्ट के दौरान जब जंबो यानी अनिल कुंबले बल्लेबाजी कर रहे थे, तब मर्व डिलन की गेंद उनके जबड़े पर जा लगी। खून बहने और जबड़ा टूटने के बाद भी वह 20 मिनट मैदान में डटे रहे। भारत ने 513/9 रन पर पारी घोषित की। किसी को उम्मीद नहीं थी कि अनिल गेंदबाजी करेंगे, लेकिन वो चेहरे पर पट्टी बांधकर बॉलिंग करने आए। इस दौरान ब्रायन लारा जैसे दिग्गज खिलाड़ी को भी आउट किया और लगातार 14 ओवर तक गेंदबाजी की।
सर्जरी से पहले कुंबले ने कहा - अब मैं चैन से जा सकता हूं यह सोचकर कि मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। सर विव रिचर्ड्स ने भी बाद में कहा - मैदान पर इस तरह की बहादुरी और जज्बा मैंने पहले कभी नहीं देखा।
ग्रीम स्मिथ – दक्षिण अफ्रीका (2009)
साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान स्मिथ का 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी मैच में मिशेल जॉनसन की बाउंसर पर हाथ टूट गया। मैच के आखिरी घंटे में ग्रीम एक हाथ से बल्लेबाजी करने के लिए मैदान में उतरे। यह क्रिकेट इतिहास के उन लम्हों में से एक था जब पूरे स्टेडियम के लोगों ने उनकी हिम्मत और जज्बे को सलाम किया। आखिर में यह मैच अफ्रीका ने जीत लिया। बाद में रिकी पोंटिंग भी उनके लिए ताली बजाते नजर आए।
शेन वॉटसन – ऑस्ट्रेलिया / चेन्नई सुपर किंग्स (2018)
2018 का IPL फाइनल चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला गया। वॉटसन को मैच के दौरान पैर में चोट लग गई। चोट इतनी गहरी थी कि खून निकलने लगा। इसके बाद भी वह मैदान पर डटे रहे और 80 रन की पारी खेली, पर टीम को मैच नहीं जिता सके। यह मैच मुंबई एक रन से जीत गई। लेकिन वॉटसन की पारी सबको याद रह गई।
ऋषभ पंत – भारत (2025)
इंडियन वाइस कैप्टन ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान 68वें ओवर में 37 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब क्रिस वोक्स की यॉर्कर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में गेंद उनके सीधे पैर में जा लगी। दर्द से लंगड़ाते हुए वह मैदान से बाहर चले गए और रिटायर्ड हर्ट हो गए। ट्रीटमेंट के दौरान उनकी उंगली में फ्रैक्चर बताया गया। इसके बावजूद पंत ने हिम्मत दिखाई और दूसरे दिन छठवां विकेट गिरने के बाद वह दोबारा मैदान पर उतरे। पंत ने 75 गेंदों पर 54 रन बनाकर टीम को 350 रन के स्कोर तक पहुंचाया।

