मैनचेस्टर टेस्ट में बने 20 रिकॉर्ड: ब्रैडमैन-गावस्कर के क्लब में शुभमन गिल, पहली बार तीसरी पारी में 3 भारतीय प्लेयर्स ने शतक लगाए
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भारतीय टीम और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट की सीरीज खेली जा रही है। चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में ड्रॉ रहा। फिलहाल इंग्लैंड इस सीरीज में 2-1 से आगे है। (BCCI)
भारतीय टीम और इंग्लैंड के बीच खेला गया मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ रहा है। इस मैच में शुभमन गिल, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर का बल्ला जमकर चला। इसी के साथ मुकाबले में कुल 20 शानदार रिकॉर्ड बने। गिल भी दमदार पारी के बदौलत सर डॉन ब्रैडमैन और सुनील गावस्कर जैसे लीजेंड्स के क्लब में शामिल हुए। आइए जानते हैं उन रिकॉर्ड्स के बारे में
- भारतीय टीम का मैनचेस्टर में यह 10वां टेस्ट था। इसमें उसे एक भी जीत नहीं मिली। इस तरह किसी एक वेन्यू पर भारतीय टीम द्वारा खेले गए यह सबसे अधिक टेस्ट हैं, जहां उन्हें जीत नहीं मिली है।
- जीरो रन पर ही 2 विकेट गंवाने के बाद तीसरे विकेटे के लिए सबसे बड़ी भारतीय पार्टनरशिप का रिकॉर्ड भी इस मैच में बना। गिल और केएल राहुल ने 188 रन की साझेदारी की। इससे पहले 1977 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहिंदर अमरनाथ और गुंडप्पा विश्वनाथ ने 105 रन की पार्टनरशिप की थी।
- शुभमन गिल ने किसी एक द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 4 शतक लगाने वाले भारतीय बैटर बन गए हैं। उनसे पहले सुनील गावस्कर और विराट कोहली ने ऐसा किया था। गावस्कर ने वेस्टइंडीज (1971 और 1978-79) और कोहली ने ऑस्ट्रेलिया (2014-15) के खिलाफ 4-4 शतक लगाए थे।
- गिल बतौर कप्तान सर डॉन ब्रैडमैन और गावस्कर के क्लब में भी शामिल हो गए हैं। वे ऐसे तीसरे कप्तान बन गए, जिनके नाम एक टेस्ट सीरीज में 4 शतक हैं। ब्रैडमैन (1947-48) ने भारत और गावस्कर (1978-79) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐसा किया था।
- गिल ने एक और मामले में ब्रैडमैन की बराबरी की है। वे एक सीजन में इंग्लैंड की जमीन पर संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 4 शतक लगाने वाले विदेशी बैटर बन गए हैं। ब्रैडमैन ने 1930 में ऐसा किया था।
- गिल के इस सीजन में 722 रन हो गए हैं। एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में उनका नाम गावस्कर के बाद आता है। गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 2 बार हाइएस्ट स्कोर बनाए हैं। उन्होंने 1970 सीजन में 774 और 1978 सीजन में 732 रन बनाए थे। अगले टेस्ट में गिल के पास यह रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है।
- ब्रैंडम मैक्कुलम की कोचिंग में इंग्लैंड ने अब तक 40 टेस्ट खेले, जिसमें 2 ही मैच ड्रॉ हुए हैं। यह दूसरा ही है। बैजबॉल ऐरा में पहला टेस्ट 2023 में ड्रॉ हुआ था। यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर में ही हुआ था।
- भारत एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा 7 बार 350+ स्कोर बनाने वाली पहली टीम बन गई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार एशेज सीरीज (1920-21, 1948, 1989) में 6 बार 350+ स्कोर बनाए थे।
- मैनचेस्टर में कोई भी टीम टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए टेस्ट मैच नहीं जीत सकी है। अब तक 12 टेस्ट में किसी टीम ने पहले बॉलिंग चुनी। इसमें उसे 3 बार हार मिली, जबकि 9 मुकाबले ड्रॉ रहे।
- रवींद्र जडेजा ने नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड में शानदार रिकॉर्ड बनाया। वे संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 9 बार 50+ स्कोर बनाने वाले विदेशी प्लेयर बन गए हैं। इससे पहले वेस्टइंडीज के गारफील्ड सोबर्स ने ऐसा किया था। साथ ही यही दोनों विदेशी प्लेयर हैं जिन्होंने नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड में एक हजार रन बनाए।
- जडेजा किसी देश में एक हजार रन बनाने और सबसे ज्यादा विकेट (34) लेने वाले तीसरे विदेशी प्लेयर हैं। इससे पहले विल्फ्रेड रोड्स ने ऑस्ट्रेलिया में (1032 रन, 42 विकेट) और सोबर्स ने इंग्लैंड में (1820 रन, 62 विकेट) ऐसा किया था।
- केएल राहुल इंग्लैंड में किसी एक टेस्ट सीरीज में 511 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय ओपनर हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर ने 1979 में 542 रन बनाए थे। बतौर विदेशी ओपनर इंग्लैंड में एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई मार्क टेलर के नाम है। उन्होंने 1989 में 839 रन बनाए थे। किसी एक द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में 4 खिलाड़ियों दूसरी बार 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। भारतीय क्रिकेट में पहली बार ऐसा हुआ है। इससे पहले 1993 की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई बैटर्स ने ऐसा किया था। इस सीरीज में गिल, राहुल, ऋषभ पंत और जडेजा ने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं।
- टेस्ट इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब दूसरी पारी में 3 भारतीय प्लेयर्स ने शतक लगाए हैं। इससे पहले 21 बार 2-2 शतक लग चुके हैं। मैनचेस्टर टेस्ट की दूसरी पारी में गिल, जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने सेंचुरी लगाई।
- ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब एक टेस्ट में 5 लेफ्ट हैंड बैटर ने 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया है। मैनचेस्टर टेस्ट में कुल 7 बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने 50+ रन बनाए हैं। इनमें इंग्लैंड के बेन डकेट और बेन स्टोक्स भी शामिल हैं। यह किसी एक टेस्ट में सबसे ज्यादा हैं।
- एक टेस्ट में दूसरी बार सबसे ज्यादा 12 बैटर्स (दोनों टीम) ने 50+ रन बनाए हैं। इससे पहले 1939 में साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच डरबन टेस्ट में 13 प्लेयर्स ने ऐसा किया था।
- इस सीरीज में अब तक कुल 12 खिलाड़ियों ने शतक (दोनों टीम) लगाए हैं। यह संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच 1955 की टेस्ट सीरीज में 12 प्लेयर्स ने सेंचुरी लगाई थीं।
- इस सीरीज में भारतीय टीम की ओर से अब तक 11 शतक लगे हैं। इससे पहले 1978-79 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में इतनी सेंचुरी लगी थी। एक शतक लगते ही यह रिकॉर्ड भी टूट जाएगा। अब तक इस सीरीज में कुल 18 शतक लगे हैं। यह किसी टेस्ट सीरीज में तीसरा सबसे ज्यादा सेंचुरी का रिकॉर्ड है।
- मैनचेस्टर टेस्ट में बेन स्टोक्स को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 12वीं बार यह खिताब जीतकर इयान बॉथम (12 बार) की बराबरी कर ली है। जो रूट टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 13 बार प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले प्लेयर हैं। केविन पीटरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड ने 10 बार यह खिताब जीता।
- बेन स्टोक्स इंग्लैंड के ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने एक टेस्ट सीरीज में 300+ रन बनाए और 15 से ज्यादा विकेट लिए हैं। पिछले 40 साल में इससे पहले सिर्फ एक ही बार ऐसा हुआ है। बतौर प्लेयर एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने 2005 एशेज सीरीज में ऐसा किया था।
- पहली पारी में 300+ रन से पीछे रहने के बाद टीम इंडिया ने तीसरी बार थर्ड इनिंग में सबसे ज्यादा 143 ओवर खेले हैं। इससे पहले 2009 के नेपियर टेस्ट में 180 और 1979 के लॉर्ड्स टेस्ट में 148 ओवर बैटिंग की थी।

