भारत Vs इंग्लैंड चौथा टेस्ट ड्रॉ: सुंदर के कॅरियर का पहला शतक, मैनचेस्टर में 89 साल से नहीं जीता भारत; आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से
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वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा के बीच 203 रन की पार्टनरशिप की मदद से चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। सुंदर ने लगाया पहला शतक।
भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। टीम इंडिया ने पांचवें दिन 4 विकेट के नुकसान पर 415 रन बनाए और मैच ड्रॉ कराने में सफल रही। इंग्लैंड के पास सीरीज में 2-1 की बढ़त बरकरार है। अब भारत की निगाहें 31 जुलाई से द ओवल में शुरू होने वाले आखिरी टेस्ट पर टिकी हैं। अगर इंग्लैंड यह मुकाबला जीत लेता है, तो वह सीरीज अपने नाम कर लेगा, वहीं भारतीय टीम जीती तो वह लगातार दूसरी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ करा लेगी।
इंडिया Vs इंग्लैंड मैच रिपोर्ट
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहली पारी में साई सुदर्शन (61), यशस्वी जायसवाल (58) और ऋषभ पंत (54) रन की पारी खेली। भारत ने 358 रन बनाए। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 5 विकेट और जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट अपने नाम किए।
जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। जैक क्रॉली (84) और बेन डकेट (94) ने पहले विकेट के लिए 166 रन जोड़े। जो रूट ने 150 और स्टोक्स ने 141 रन बनाए। इंग्लिश टीम ने 10 विकेट खोकर 669 रन बनाए और 311 रन की बढ़त हासिल की। रवींद्र जडेजा ने 4 विकेट लिए। यह स्कोर मैनचेस्टर के मैदान पर अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
इंडिया की दूसरी पारी में 2 विकेट शुरुआत में ही गिर गए। इस वक्त तक टीम का खाता भी नहीं खुला था। एक समय ऐसा लग रहा था भारत यह टेस्ट मैच हार जाएगी। लेकिन कप्तान शुभमन गिल (90) और केएल राहुल (103) ने तीसरे विकेट के लिए 188 रन की पार्टनरशिप की। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर (101 नॉटआउट ) और जडेजा (107 नॉटआउट) रन की पारी खेली। क्रिस वोक्स ने दो विकेट लिए।
89 साल बाद भी नहीं जीत पाई टीम इंडिया
भारतीय टीम ने ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ 10 टेस्ट मैच खेले हैं। 4 बार हार मिली और 6 टेस्ट ड्रॉ रहे। टीम इंडिया ने इस मैदान पर पहला मुकाबला 1936 में खेला था।
पांचवां टेस्ट ओवल में
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से केनिंग्टन ओवल (लंदन) में खेला जाएगा। इस मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 15 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें से दो जीते, 6 हारे और 7 ड्रॉ रहे हैं। 15 अगस्त 1936 को इस मैदान पर भारत ने पहला टेस्ट मैच खेला था।

