भारत-इंग्लैंड दूसरा टेस्ट: रूट के विवादित विकेट पर आ गया फैसला, MCC ने कहा- 'आकाशदीप की गेंद नो-बॉल नहीं थी'
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आकाशदीप (फाइल फोटो) सोर्स: PTI Images
भारत-इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन टेस्ट की चौथी पारी में रूट के विवादित विकेट पर मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) का बयान आया है। 100 साल तक क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी रही इस संस्था ने कहा है कि आकाशदीप की जिस गेंद पर रूट आउट हुए थे, वह नो बॉल नहीं थी। MCC के इस स्टेटमेंट के बाद उन सारी बहस पर विराम लग गया है जो इंग्लिश बल्लेबाज रूट के इस विकेट को लेकर चल रही थी।
MCC ने और क्या-क्या कहा
MCC ने कहा, ‘भारत और इंग्लैंड के टेस्ट के चौथे दिन, आकाश दीप की गेंद पर सवाल खड़े किए गए थे। कमेंटेटरों और फैंस को लगा कि यह नो-बॉल थी। लेकिन थर्ड अंपायर ने इसे सही गेंद माना और नियम के हिसाब से यह सही फैसला था।'
MCC ने समझाया, ‘गेंद सही होने के लिए जरूरी है कि गेंदबाज का पिछला पैर रिटर्न क्रीज को छूने से पहले अंदर की ओर पड़े। जब गेंद फेंकते समय गेंदबाज का पैर पहली बार जमीन को छूता है, वही मायने रखता है। आकाश का पैर पहली बार जमीन पर पड़ा, तब वब क्रीज के अंदर था। इसलिए गेंद नो-बॉल नहीं बल्कि पूरी तरह से सही थी।’
No Ball or Legal delivery?
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 6, 2025
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क्या था पूरा मामला
यह घटना टेस्ट के चौथे दिन हुई। तेज गेंदबाज आकाशदीप की गेंद रूट समझ नहीं पाए और गेंद ऑफ-स्टंप पर जा लगी। रीप्ले में दिखा कि आकाश का पिछला पैर ‘रिटर्न क्रीज’ को टच कर रहा था।
पहली बार में देखने से लगा कि यह नो-बॉल है। लेकिन थर्ड अंपायर ने देखा कि आकाश का पिछला पैर पहली बार जमीन पर टच हुआ, तब वह क्रीज के अंदर था। नियम के हिसाब से यह सही गेंद थी। इसलिए नो-बॉल नहीं दी गई।
आकाश के 10 विकेट
आकाश ने एजबेस्टन टेस्ट में 10 विकेट लिए। इंग्लैंड में ऐसा करने वाले वह दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। उनकी धारदार गेंदबाजी के साथ-साथ शुभमन गिल की कप्तानी पारी की बदौलत भारत ने यह मैच 336 रन से जीता।
यह पहली बार था, जब एजबेस्टन में भारत ने जीत हासिल की। इसके साथ ही 5 मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर टेस्ट सीरीज भी अब 1-1 से बराबर हो चुकी है।

