पॉलिटिकल स्टेटमेंट मंजूर नहीं: ICC की सूर्यकुमार यादव को सलाह; पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में पायक्रॉफ्ट मैच रेफरी नहीं होंगे
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एशिया कप 2025 का फाइनल 28 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होगा। इस टूर्नामेंट में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने हुईं हैं। पहली बार 14 सितंबर और दूसरी बार 28 सितंबर को। दोनों ही बार टीम इंडिया ने जीत हासिल की।
स्पोर्ट्स डेस्क. एशिया कप 2025 का फाइनल 28 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होगा। इस टूर्नामेंट में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने हुईं हैं। पहली बार 14 सितंबर और दूसरी बार 28 सितंबर को। दोनों ही बार टीम इंडिया ने जीत हासिल की। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और इसके बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की छाया इन पर देखने मिली। दोनों टीमों ने हैंडशेक तक नहीं किया। दोनों तरफ से हुई बयानबाजी ने आग में घी डाला।
अब तनाव से बचने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC ने फाइनल के लिए दो बातें तय की हैं और इस बारे में दोनों टीमों के मैनेजमेंट को आगाह कर दिया गया है। पहली- सूर्यकुमार यादव मैच के पहले और बाद में कोई पॉलिटिकल स्टेटमेंट नहीं देंगे। दूसरी- फाइनल में एंडी पायक्रॉफ्ट मैच रेफरी नहीं होंगे। पाकिस्तान ने पहले भी इसकी मांग की थी। उनकी जगह वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान रिची रिचर्डसन यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
ये फैसला क्यों
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऑफिशियली ICC के पास एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद पॉलिटिकल स्टेटमेंट दिए थे, इसकी वजह से माहौल बिगड़ा। इसके बाद BCCI पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान के गन सेलिब्रेशन और पेसर हारिस रउफ के खिलाफ उकसाने वाली हरकतें करने की कम्प्लेन दर्ज कराई। इस मामले में फैसला आना बाकी है। माना जा रहा है कि ये आज ही आ सकता है। दरअसल, ICC को आशंका है कि फाइनल में हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं, लिहाजा इससे निपटने के लिए हर तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।
ICC के सामने पेश हुए सूर्या
गुरुवार 25 सितंबर को सूर्या ICC के पैनल के सामने पेश हुए। इस दौरान BCCI के लीगल अफसरान भी उनके साथ मौजूद थे। रिचर्डसन ने सूर्या से कहा कि इस टूर्नामेंट में अब वो कोई सियासी बयानबाजी नहीं करेंगे। अगर ऐसा होता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। यह मामला लेवल 1 के तहत वॉयलेशन ऑफ कोड ऑफ कंडक्ट माना जाएगा।

अब तक दो बार NO हैंडशेक
इस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के दो मैच हो चुके हैं। 14 सितंबर को दोनों बार टीम इंडिया जीती और दोनों ही बार टीम इंडिया ने पाकिस्तान टीम के प्लेयर्स के साथ हैंडशेक नहीं किया था। 21 सितंबर के मैच में भी वही कन्ट्रोवर्सी हुई, जो 14 सितंबर को खेले गए इन्हीं दो टीमों के मैच के पहले और बाद हुई थी। टीम इंडिया ने पाकिस्तान के प्लेयर्स से हैंडशेक नहीं किया। ऑफिशियल्स खासतौर पर ग्राउंड अंपायर्स से भी हैंडशेक नहीं किया था। 21 सितंबर के मैच में एक बात अलग रही कि टीम इंडिया ने हेड कोच गौतम गंभीर के कहने पर मैच के तमाम ऑफिशियल्स से हैंडशेक किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
फरहान को पछतावा नहीं
साहिबजादा ने मीडिया में बातचीत कर कहा था – वो सेलिब्रेशन बस अचानक हुआ था। मैं जब भी हाफ सेंचुरी लगाता हूं तो किसी भी तरह का सेलिब्रेशन नहीं करता हूं। लेकिन जब मैं उस आंकड़े पर पहुंचा तो अचानक मेरे मन में सेलिब्रेट करने का ख्याल आया और मैंने वो इशारा कर दिया। बिना यह सोचे कि लोग उसे किस तरह से समझेंगे। हमें इंडिया ही नहीं, किसी भी टीम के खिलाफ एग्रेसिव क्रिकेट खेलना चाहिए।
पाकिस्तानी प्लेयर्स की हरकतें समझ से परे
21 सितंबर को मैच में साहिबजादा फरहान ने हाफ सेंचुरी लगाई और उसके बाद बैट को बंदूक की तरह पकड़कर ‘गन सेलब्रेशन’ किया। कुछ इसी तरह की हरकत हारिस रऊफ ने बाउंड्री लाइन पर की। फैन्स उनको ‘कोहली-कोहली’ कहकर चिढ़ा रहे थे। टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद पाकिस्तान से किसी तरह की राइवलरी की बात को मजाक में टाल दिया था। उन्होंने कहा था- अगर कोई टीम 10 में 8 या 9 बार जीतती है तो फिर कैसी राइवलरी? इस पर टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने कहा था- पाकिस्तान टीम किस तरह की हरकतें कर रही थी, इसका जवाब अभिषेक ने पहले बैट और बाद में सोशल मीडिया पर भी दिया। इस नए लड़के पर पर्सनल अटैक किए जा रहे थे। पोस्ट मैच प्रेजेन्टेशन में भी उसने इस बात का जिक्र किया था। उसने कहा था- आप बोलते रहिए, हम जीतते रहेंगे।

