मैच में बॉलर के एक्शन की जांच-22409: डे-टेस्ट में भी पिंक बॉल; पाकिस्तान को वुमन्स T20 WC की मेजबानी, देखिए ICC मीटिंग में क्या फैसले हुए
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की मीटिंग रविवार (31 मई) को अहमदाबाद में हुई। इसमें कई बड़े फैसले लिए गए। कुछ नियमों में बदलाव भी किया गया, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। साथ ही 2028 वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी पाकिस्तान को दी गई। हालांकि यह भी क्लियर किया गया कि टीम इंडिया अपने सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगी।
2028 वर्ल्ड कप में 12 टीमें खेलेंगी, जिसमें से टॉप-8 टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की रहेंगी। यदि होस्ट टीम डायरेक्ट क्वालिफाई करेगी। 10वीं टीम वुमन्स टी20 रैंकिंग में हाइएस्ट रैंक पर रहने वाली टीम होगी। बाकी दो टीमें क्वालिफायर टूर्नामेंट से शामिल होंगी।
फरवरी में होगी वुमन्स चैम्पियंस ट्रॉफी
साथ ही वुमन्स चैम्पियंस ट्रॉफी का पहला सीजन भी अगले साल यानी 2027 में खेला जाएगा। इसकी तारीखों को बदला गया है। पहले यह टूर्नामेंट जून-जुलाई की विंडो में होना था, लेकिन अब इसे साल के शुरुआत में कराने का फैसला किया गया है। अब यह चैम्पियंस ट्रॉफी 14 से 28 फरवरी तक खेली जाएगी।

डे-टेस्ट में पिंक बॉल यूज होगी
मीटिंग में फैसला किया गया है कि अब से डे-टेस्ट में भी पिंक बॉल इस्तेमाल की जा सकेगी। यह रूल भी 1 अक्टूबर से लागू होगा। पहले यह रूल ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यह नियम खराब रोशनी या बारिश से बाधित मैच को पूरा कराने के लिए बनाया गया है।
यदि किसी मैच के दौरान खराब मौसम की भविष्यवाणी हो या बारिश हो रही हो, ऐसी स्थिति में उस टेस्ट में रेड बॉल की जगह पिंक बॉल इस्तेमाल की जा सकती है। पिंक बॉल इस्तेमाल करके टेस्ट को रात में यानी फ्लड लाइट में भी पूरा कराया जा सकेगा। इसके लिए दोनों टीम की परमिशन जरूरी होगी।
T20I में 15 मिनट का इंटरवल
ICC ने टी20 इंटरनेशनल मैच में इंटरवल को 15 मिनट का कर दिया गया है। साथ ही ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम के हेड कोच मैदान में जाकर खिलाड़ियों से बात कर सकते हैं। रूल्स के मुताबिक, ब्रेक पूरा होते ही बैटर को खेलने के लिए तैयार रहना होगा। अभी तक वनडे मैचों के दौरान ही ब्रेक में कोचिंग स्टाफ मैदान में जाता था।

अंपायर मैच में बॉलर का लीगल एक्शन चेक कर सकेंगे
यदि किसी बॉलर का एक्शन लीगल नहीं हुआ तो इसकी जांच फील्ड अंपायर खुद ही मैच के दौरान कर सकेंगे। दरअसल, नए रूल के तहत फील्ड अंपायर को हॉकआई (HawkEye) टेक्निक के इस्तेमाल का अधिकार मिलेगा। इसके जरिए फील्ड अंपायर किसी संदिग्ध एक्शन की रिपोर्ट तुरंत थर्ड अंपायर से कर सकेंगे।
बीच मैच में ही बॉलर के हाथ की मूवमेंट और आर्म एक्सटेंशन की तुरंत जांच की जाएगी। अगर एक्शन अवैध पाया गया, तो उसी समय कार्रवाई की जा सकती है। एशिया कप 2025 के दौरान पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठे थे। हालांकि, ICC ने इसे सही बताया था। मौजूदा IPL 2026 सीजन में स्पिनर क्रुणाल पंड्या के एक्शन पर भी सवाल उठे हैं।
लेग साइड की वाइड का रूल
ICC के मुताबिक, अब बैटर के लेग साइड में जाने वाली हर बॉल वाइड नहीं होगी। फील्ड अंपायर चेक करेंगे कि बॉल कितनी दूर थी। उसी हिसाब से वाइड देने या नहीं देने का फैसला होगा। लेग साइड की वाइड को लेकर एक लाइन तैयार की जाएगी। इसी लिहाज से फैसला होगा। अभी यह रूल ट्रायल तौर पर होगा।

