अफगान रेफ्यूजी वुमन्स टीम के लिए रोडमैप: 2010 में पहली बार क्रिकेट टीम बनी, तालिबान सरकार आते ही देश छोड़ना पड़ा, अब ICC-BCCI दे रहे साथ
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अफगान रेफ्यूजी वुमन्स टीम के लिए 5 साल का डेवलपमेंट प्लान बनाया है। बोर्ड का टारगेट है कि यह टीम 2030 तक ICC के इंटरनेशनल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेलने के लिए तैयार हो जाए। इसके लिए ICC ने एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
अफगानिस्तान के नाम से नहीं खेलेगी टीम
यह टीम फिलहाल अफगानिस्तान के नाम से नहीं खेलेगी, क्योंकि इसे अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) का सपोर्ट नहीं है। यह टीम अलग पहचान के साथ ICC क्वालिफिकेशन का हिस्सा बनने की तैयारी करेगी।
इस प्रोजेक्ट में BCCI, ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) भी ICC के साथ मिलकर काम करेंगे। सभी मिलकर इस नई वुमन्स टीम के लिए लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट रोडमैप तैयार करेंगे।
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अगले 5 साल में क्या होगा?
ICC प्लेयर्स को कोचिंग, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, फिजियो सपोर्ट और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग देगा। इसके अलावा उन्हें लगातार मैच, ट्रेनिंग कैंप, इंटरनेशनल टूर और बेहतर कॉम्पिटिटिव एक्सपोजर भी मिलेगा। अफगान रेफ्यूजी वुमन्स टीम को यह सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी टास्क फोर्स की रहेगी।
क्यों बनी यह टीम?
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में वुमन क्रिकेट खत्म हो गया। कई वुमन्स क्रिकेटर्स देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में जाकर बस गईं। अब ICC इन्हीं प्लेयर्स को एकजुट कर फिर से इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

पहला एग्जीबिशन मैच 2025 में खेला था
2025 में अफगान रेफ्यूजी वुमन्स टीम ने ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला एग्जीबिशन मैच खेला था। इसके बाद भारत और इंग्लैंड का टूर भी किया। टूर से प्लेयर्स को इंटरनेशनल एक्सपोजर मिला और उनका कॉन्फिडेंस भी बढ़ा।

