3 दिन में 2 बास्केटबॉल प्लेयर की मौत: पोल टूटकर छाती पर गिरा, पिता को लग्जरी जिंदगी देने का वादा किया था
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रोहतक में बास्केटबॉल प्रैक्टिस के दौरान नेशनल लेवल प्लेयर हार्दिक राठी की मौत।
स्पोर्ट्स डेस्क. खेल जगत से तीन दिन में दो दुखद खबर सामने आई हैं। हरियाणा में 15 साल और 16 साल के दो बास्केटबॉल प्लेयर की मौत हो गई। दोनों प्लेयर की मौत बास्केटबॉल का पोल गिरने से हुई है। हालिया मामला 16 साल के हार्दिक राठी का है, जिनकी मौत छाती पर पोल गिरने से हुई।
पिता संदीप राठी ने कहा कि हार्दिक के सपने काफी बड़े थे। वह बहुत बड़ा आदमी बनना चाहता था और हम सभी को लग्जरी लाइफ देने का वादा करता था।
15 साल के अमन की मौत
पहला मामला रविवार (23 नवंबर) का है। हरियाणा के बहादुरगढ़ में 15 साल के अमन की पोल गिरने से मौत हो गई थी। अमन एक सरकारी स्कूल के ग्राउंड में बास्केटबॉल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। इसी दौरान उसके ऊपर लोहे का खंभा गिरा, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। PGIMS रोहतक में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
रोहतक में हार्दिक की मौत
इसके दो दिन बाद यानी मंगलवार (25 नवंबर) को दूसरा बड़ा हादसा रोहतक में ही हो गया। यहां प्रैक्टिस के दौरान 16 साल के नेशनल प्लेयर हार्दिक राठी की छाती पर बास्केट पोल गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
यह CCTV में भी रिकॉर्ड हुआ। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि हार्दिक हूप यानी बास्केट पोल छूने के लिए जम्प करता है। वह उस पर जैसे ही लटकता है, पोल टूटकर उसके ऊपर गिर जाता है। पास में खेल रहे प्लेयर उसे पोल के नीचे से निकालते हैं और हॉस्पिटल में एडमिट करवाते हैं। हालांकि हार्दिक की जान नहीं बच पाती।
हार्दिक के भाई खड़क सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गांव में दो मैदान बनवाए और 2023 में अपनी सांसद निधि से 11 लाख रुपये आवंटित किए, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने बास्केटबॉल पोल की मरम्मत के लिए कुछ नहीं किया।
मंत्री बोले, करूंगा खेल उपकरणों का निरीक्षण
हरियाणा के विकास और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संबंधित अधिकारी निजी संस्थानों समेत सभी स्कूलों में जाकर स्पोर्ट्स सुविधाओं का जायजा लेंगे।
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस सरकार ने गांव स्तर तक स्टेडियम बनवाए थे। लेकिन भाजपा की मौजूदा सरकार ने कांग्रेस के बनाए खेल ढांचे का ध्यान नहीं रखा।

