एशिया कप ट्रॉफी किसी की जागीर नहीं: हरभजन बोले- आज नहीं तो कल, भारत को ट्रॉफी सौंपनी होगी, नकवी की हैसियत नहीं कि वो इसे अपने पास रख लें
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हरभजन सिंह ने इंडिया के लिए 711 इंटरनेशनल विकेट लिए है।(फोटो क्रेडिट:सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. एशिया कप 2025 के फाइनल के बाद ट्रॉफी अब तक भारत को नहीं मिली है। इस पर बयानबाजी भी जारी है। भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता, लेकिन प्लेयर्स ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले पर तीखा रुख अपनाया है।
असली जीत मैदान में होती है
भज्जी ने एक इंटरव्यू में कहा- भारत के लिए असली ट्रॉफी वही है, जो मैदान में जीती गई है। नकवी की इतनी हैसियत नहीं है कि वह ट्रॉफी न दें और न ही ये उनकी जागीर है। हरभजन ने आगे कहा- नकवी इतने बड़े नहीं हैं कि वो तय करें कि ट्रॉफी देनी है या नहीं। अगर आज नहीं दी तो कल सही, लेकिन ट्रॉफी हमें मिलेगी जरूर। पूरे टूर्नामेंट में बहुत विवाद हुए। जैसे कि हैंडशेक ना करना, रेफरी को बाहर करना आदि। मैं सब विवाद खारिज करता हूं। हालांकि सबसे जरूरी बात है कि टीम इंडिया ने खिताब जीता और वह उसे मिलना चाहिए।

पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया
28 सितंबर को एशिया कप फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था। इसमें सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। लेकिन जीत के बाद जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया।
UAE क्रिकेट बोर्ड के ऑफिस में ट्रॉफी
मैच खत्म होने के बाद टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथों से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। नकवी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन हैं।
इसके बाद नकवी ट्रॉफी को लेकर स्टेडियम से होटल चले गए। अब ट्रॉफी UAE क्रिकेट बोर्ड के ऑफिस में रखी हुई है।

17 साल बाद विवाद क्यों उठाया?
हरभजन ने IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी पर भी नाराजगी जताई। हाल ही में ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में 2008 के IPL के दौरान हुए हरभजन और श्रीसंत के बीच के थप्पड़ विवाद का वीडियो वायरल किया था। इस पर हरभजन ने कहा- मुझे समझ नहीं आया कि उसे फिर से दिखाने की क्या जरूरत थी। मैंने पहले ही अपनी गलती मानी है और माफी भी मांग ली थी। जो हुआ वो गलत था और अगर मुझे उस वक्त समझ होती, तो मैं ऐसा नहीं करता।

