मैं आपसे बात नहीं करुंगी, आपने मेरे पापा को मारा: हरभजन ने श्रीसंत की बेटी से बातचीत का किस्सा सुनाया; 2008 IPL में भज्जी ने श्री को थप्पड़ मार दिया था
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हरभजन सिंह का कहना है कि वो 2008 की घटना के लिए श्रीसंत से 200 बार माफी मांग चुके हैं। ( फाइल )
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाल ही में रविचंद्रन अश्विन के साथ पॉडकास्ट किया। इसमें 2008 IPL में एस. श्रीसंत के साथ "स्लैप गेट" या थप्पड़ कांड को याद किया। उन्होंने कहा- मैं श्रीसंत के साथ कई साल पहले मैदान पर हुई लड़ाई को भुला देना चाहता हूं। भज्जी ने श्रीसंत की बेटी श्रीसंविका से साथ एक बातचीत का भी जिक्र किया। भज्जी का कहना है कि श्रीसंत की बेटी ने उनसे जो कहा था, उसके बाद वो बहुत टूट गए थे।
दरअसल, 2008 में मोहाली में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए हरभजन ने मैच के बाद किंग्स इलेवन पंजाब (उस दौर में यही नाम था) श्रीसंत को मैच के बाद कहासुनी के बाद थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद BCCI ने भज्जी को बाकी मैचों में खेलने से रोक दिया था।
ऐसी गलती दोबारा न हो
हरभजन ने अश्विन के साथ पॉडकास्ट में कहा – एक चीज जो मैं अपनी जिंदगी में बदलना चाहता हूं, वह है श्रीसंत के साथ हुई घटना। मैं उस घटना को अपने कॅरियर से हटाना चाहता हूं। जो हुआ वह गलत था और मुझे वह नहीं करना चाहिए था। हालांकि, जो हुआ या मैंने किया। उसके लिए मैं श्रीसंत से 200 बार माफी मांग चुका हूं। यह गलती थी। हम सभी गलती करते हैं। हम कोशिश करते हैं कि ऐसी गलती दोबारा न हो। वो मेरा टीममेट था
श्रीसंत की बेटी का जिक्र
हरभजन ने आगे बताया – कई साल बाद भी मुझे जो बात सबसे ज्यादा चुभती है, वह ये कि जब मैं श्रीसंत की बेटी से मिला और उससे प्यार से बात कर रहा था, तो उसने कहा कि मैं आपसे बात नहीं करना चाहती, आपने मेरे पापा को मारा था। मेरा दिल टूट गया और मैं रोने लगा था। मैं अब भी उनकी बेटी से माफी मांगता हूं कि मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं उनसे कहता हूं कि मैं उस तरह का इंसान नहीं हूं। काश वो बड़ी होकर मुझे उस नजर से न देखे। मैं चाहता हूं कि वो यह सोचे कि उसके चाचा हमेशा उसके साथ रहेंगे। उसकी हर मुमकिन मदद करेंगे। मैं इस चैप्टर को खत्म करना चाहता हूं।
अब श्री और भज्जी के रिश्ते बहुत अच्छे
बहरहाल, गुजरते वक्त के साथ श्रीसंत और हरभजन दोनों इस घटना को भुला चुके हैं। अब उनके बीच रिश्ते बेहतर हैं। दोनों ने भारत के लिए कई साल क्रिकेट खेला और ये दोनों ही 2011 की ODI वर्ल्ड कप विनर टीम का हिस्सा भी रहे। रिटायरमेंट के बाद भी दोनों कई वेटरन लीग में एक साथ खेल चुके हैं।

