खून और पानी साथ नहीं बहेगा: हरभजन बोले- एशिया कप का बायकॉट करे BCCI; आदित्य ठाकरे ने पूछा- क्रिकेट बोर्ड क्या देश से ज्यादा अहमियत रखता है
Published:
5 min read

हरभजन सिंह ने 103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 टी20 खेले। इसमें कुल 711 विकेट अपने नाम किए। ( फाइल )
हरभजन सिंह ने एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बायकॉट की अपील की है। पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन ने कहा- भारत का, हमारी सरकार का रुख साफ है कि खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते। देश पहले है और क्रिकेट तो बहुत मामूली सी बात या मुद्दा है।
शिवसेना चीफ उद्दव ठाकरे के बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी BCCI पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- क्या क्रिकेट बोर्ड देश से ऊपर है। उसे जवाब देना होगा।
बतातें चले कि हाल ही में इंग्लैंड में वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) खेली गई थी। भज्जी भी टीम का हिस्सा थे। पूरी टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ऑर्गनाइजर्स ने भारतीय टीम और देश से माफी भी मांगी थी। पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चल रहा है।
शिखर धवन, युवराज सिंह और इरफान पठान जैसे खिलाड़ियों ने WCL में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद एशिया कप 2025 का शेड्यूल जारी हुआ। इसमें भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया। इंडिया-पाकिस्तान के मैच को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटरों और एक्सपर्ट के बीच चर्चा हुई। भज्जी इस फैसले से नाराज नजर आए। अपने बयान में कहा कि जब हमारे सैनिक पाकिस्तान से देश की रक्षा में जुटे हैं तो किसी भी स्तर पर भारत-पाकिस्तान मैच का कोई मतलब नहीं है।
सीमा पर सैनिकों के बलिदान के आगे क्रिकेट बहुत छोटा
हरभजन ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बातचीत में कहा — यह समझना होगा कि क्या जरूरी है और क्या नहीं। मेरे लिए हमारे सैनिक ज्यादा अहम हैं, जो सीमा पर खड़े हैं। इनकी फैमिली कई महीनों तक उन्हें देख नहीं पाती, जो देश के लिए अपना बलिदान दे देता है और घर नहीं लौट पाता। उसका बलिदान हम सबके लिए बहुत बड़ा है। इसके मुकाबले में ये बहुत छोटी सी बात है कि हम एक क्रिकेट मैच न खेलें। ये बहुत ही मामूली बात है।
उन्होंने कहा — हमारी सरकार का भी यही रुख है। खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। जब सीमा पर गोलियां चल रही हों, दोनों देशों के बीच तनाव हो, तो हम जाकर क्रिकेट नहीं खेल सकते। जब तक ये बड़े मुद्दे हल नहीं हो जाते, क्रिकेट बहुत छोटा मामला है। देश हमेशा पहले आता है।
BCCI के पास अपने क्रिकेटिंग कारण, लेकिन देश से बड़ा कुछ भी नहीं
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट हैट्रिक ले चुके इस ऑफ स्पिनर ने कहा — हम जो भी हैं, इस देश की वजह से हैं। चाहे आप खिलाड़ी हों, फिल्मी स्टार हों या कोई और। कोई भी देश से बड़ा नहीं होता। देश पहले आता है और उसके लिए हमारे फर्ज सबसे ऊपर हैं। कोई क्रिकेट मैच न खेलना देश के सामने बहुत छोटी सी बात है।
उन्होंने कहा —हमारी सरहद पर हमारे भाई खड़े हैं। ये हमें और हमारे देश को बचाने के लिए तैयार हैं। उनका साहस देखिए, कितना बड़ा दिल लेकर वो वहां खड़े रहते हैं। और सोचिए उनके परिवार पर क्या गुजरती है, जब वे वापस नहीं लौटते। हम यहां क्रिकेट खेलने चले जाते हैं।
टर्बनेटर के नाम से मशहूर भज्जी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं — मीडिया को भी पाकिस्तान की किसी बात को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। जैसा कि मैंने कहा, खिलाड़ियों को पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाना चाहिए, वैसे ही मीडिया को भी उन्हें और उनके बयानों को टीवी पर नहीं दिखाना चाहिए। वो अपने देश में बैठकर कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन हमें उन्हें बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे भी विरोध में
शिवसेना उद्दव ठाकरे गुट (UBT) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का विरोध किया है। मीडिया से बातचीत में ठाकरे ने कहा — पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर धमकी दे रहे हैं, लेकिन BJP सरकार क्या जवाब दे रही है? जवाब है कि BCCI पाकिस्तान के साथ क्रिकेट क्यों खेल रही है? आपने पिछले साल देखा होगा कि BCCI के टॉप ऑफिसर शाहिद अफरीदी और पाकिस्तान के बाकी क्रिकेटरों के साथ पार्टी कर रहे थे।
ठाकरे ने बांग्लादेश का भी जिक्र करते हुए कहा —BCCI ने उस देश के साथ मैच कराने की खबर दी थी, जहां हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आई थीं। पिछले साल हमने बताया था कि बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बावजूद BCCI ने उसी बांग्लादेश को आमंत्रित किया और भारत में टेस्ट मैच खेला। सवाल ये है कि क्या BCCI देश से ऊपर है? क्या BCCI हिंदुओं से ऊपर है? क्या BCCI सैनिकों की शहादत से ऊपर है? BCCI को जवाब देना चाहिए।
एशिया कप 2025 शेड्यूल


आखिरी फैसला सरकार का
एशिया कप क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने भले ही शेड्यूल जारी कर दिया हो, लेकिन भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के साथ मैच खेलेगी या नहीं? आखिरी फैसला भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लेगा। दरअसल, BCCI एक क्रिकेट गवर्निंग बॉडी है। यह अपने मामलों में तो फैसला कर सकती है, लेकिन दूसरे देश में खेलने के लिए इसे भारत सरकार की मंजूरी लेनी होती है। अगर सरकार किसी भी स्तर पर मंजूरी देने से इनकार कर देती है तो BCCI इसे किसी प्लेटफॉर्म पर चैलेंज भी नहीं कर सकती, क्योंकि यह मामले सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी से जुड़े होते हैं और यहां सरकार का फैसला ही आखिरी होता है।

