गंभीर 2027 वर्ल्ड कप तक कोच रहेंगे: BCCI सेक्रेटरी की दो टूक- हम बगैर सोचे समझे फैसला नहीं लेते
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स्पोर्ट्स डेस्क. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 टेस्ट की सीरीज में भारतीय टीम की हालत बेहद खराब नजर आई थी। टीम को 0-2 के क्लीन स्वीप से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना हुई। मीडिया रिपोर्ट्स में आया कि गंभीर का पद छीना जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया है।
उन्होंने TOI से कहा कि भारतीय बोर्ड अचानक से बगैर सोचे समझे कोई फैसला नहीं लेता है। बोर्ड ने लंबा प्लान बनाया है। एक निश्चित तारीख के बाद ही इस मामले में कोई फैसला लिया जाएगा।
गंभीर वर्ल्ड कप तक कोच रहेंगे
सैकिया के इस बयान से साफ है कि गंभीर का कार्यकाल पूरा होने से पहले उनकी जॉब को कोई खतरा नहीं है। गंभीर को वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक के लिए कोच बनाया गया था। सैकिया ने संकेत दिए हैं कि गंभीर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
BCCI सेक्रेटरी ने कहा- बोर्ड बिना सोचे-समझे कोई फैसला नहीं लेता। हमने एक लंबा प्लान बनाया है और उसी के हिसाब से चल भी रहे हैं। हार-जीत तो खेल का हिस्सा हैं। हम हर बार (हारने पर) बदलाव नहीं करते हैं। यदि किसी तरह के बदलाव की जरूरत लगेगी तो समय आने पर फैसला किया जाएगा।
गंभीर ने जुलाई 2024 में कोच पद संभाला था। इसके बाद पहली ही घरेलू सीरीज में न्यूजीलैंड ने 3-0 से भारतीय टीम को हराया था। अब साउथ अफ्रीका ने 2-0 से क्लीन स्वीप किया है। इस तरह भारत ने घर में खेले गए सात टेस्ट मैचों में से पांच गंवाए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस क्या हुआ
सीरीज हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने गंभीर से पूछा- क्या आपको लगता है कि आप इस पोस्ट के लिए सही हैं? इस पर गंभीर ने कहा था- मैं वहीं कोच हूं, जिसने भारत को इंग्लैंड में जीत दिलाई और इसी साल टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप भी जीता है। कुछ लोग केवल हार को याद रखते हैं। जीत को भूल जाते हैं, लेकिन मैं पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं।
यह टीम पहले से बहुत अलग है। पिछले कुछ महीनों में टीम को कई बड़े बदलाव हुए है। रविचंद्रन अश्विन, रोहित शर्मा और विराट कोहली रिटायरमेंट ले चुके हैं। नई टीम के खिलाड़ियों के पास अनुभव कम है और कई बल्लेबाजों ने अभी तक 15 से भी कम टेस्ट मैच खेले हैं। युवा खिलाड़ियों को समय देना चाहिए ताकि वे सीख सकें और मजबूत बन सकें।
गंभीर आगे कहा- न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ जो भारतीय टीम उतरी थी, वह अनुभव के मामले में मौजूदा टीम से बिल्कुल अलग थी। इसलिए दोनों टीमों की तुलना करना सही नहीं है।

