ट्रांजिशन फेज वाली बातें गलत: पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी बोले- इसी वजह से रोहित–कोहली टेस्ट क्रिकेट से हटे
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रोहित शर्मा और विराट कोहली ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया था। (फोटो सोर्स: X)
स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टीम इंडिया की हार के बाद ट्रांजिशन फेज यानी बदलाव के दौर की बात को गलत ठहराया था। उनका कहना था कि टीम की हार को इस बहाने से सही नहीं बताया जा सकता। अब इसी मुद्दे पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।
पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि यही बातें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर दबाव बनाने लगीं और इसी माहौल के कारण उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया।
रोहित और विराट टेस्ट खेलना चाहते थे
मनोज ने एक इंटरव्यू में कहा- भारतीय क्रिकेट को किसी भी तरह के ट्रांजिशन फेज की जरूरत नहीं है। क्योंकि यहाँ घरेलू क्रिकेट में पहले से बहुत टैलेंटेड प्लेयर तैयार बैठे होते हैं। ऐसी गलत चर्चाओं ने माहौल ऐसा कर दिया कि रोहित और कोहली को लगा कि शायद उनका समय खत्म हो गया है। वह दोनों अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते थे।
तिवारी ने आगे कहा- ये जो ट्रांजिशन फेज की बातें होती हैं। मैं इससे सहमत नहीं हूं। इंडिया को ट्रांजिशन की जरूरत ही नहीं है। न्यूजीलैंड या जिम्बाब्वे जैसी टीमों को ट्रांजिशन चाहिए। हमारे पास घरेलू क्रिकेट में काफी टैलेंट है जो मौका मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस बेवजह की चर्चा के चलते हमारी टीम की बैक बोन रोहित और विराट जो टेस्ट क्रिकेट को बचाए रखना चाहते थे, वो धीरे-धीरे पीछे हटने लगे।

2025 में दोनों ने लिया रिटायरमेंट
शर्मा और कोहली ने 2025 में साल मई महीने में, सिर्फ पांच दिन के अंतराल पर टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया था।

तिवारी ने कहा- गंभीर की गलती
तिवारी ने टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठाए। हाल ही में भारत ने साउथ अफ्रीका से पहला टेस्ट मुकाबला गंवा दिया था। इसके बाद गंभीर ने बल्लेबाजों की आलोचना की थी। तिवारी ने कहा- हार के बाद खिलाड़ियों की तकनीक पर सवाल उठाना गलत है। अगर बल्लेबाजों की तकनीक में कमी थी तो कोच का काम है कि पहले से इसकी तैयारी करवाए।

प्लेयर को सिखाना आपका काम
तिवारी ने आखिर में कहा- हारने के बाद खिलाड़ियों की तकनीक को दोष देना सही नहीं है। कोच का काम सिखाना है, आरोप लगाना नहीं। अगर बैटर्स की डिफेंस कमजोर थी तो मैच से पहले उनकी प्रैक्टिस क्यों नहीं करवाई गई? जब गंभीर खुद खेलते थे तो वे स्पिन को बहुत अच्छा खेलते थे। उन्हें बैटर को और अच्छे से तैयार करना चाहिए था।
भारत अब सीरीज में 0-1 से पीछे है और गुवाहाटी में होने वाले अंतिम टेस्ट को जीतकर सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगा। आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा।

