वर्ल्ड कप इतिहास में 2 बार ट्रॉफी चोरी: एक ट्रॉफी अब तक नहीं मिली; 1950 सीजन में फाइनल ही नहीं हुआ था
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप की हिस्ट्री में कई इंटरेस्टिंग किस्से दर्ज हैं। टूर्नामेंट के इतिहास में 2 बार ट्रॉफी चोरी हुईं। इनमें से एक ट्रॉफी आज तक नहीं मिली। वहीं दूसरा किस्सा 1950 वर्ल्ड कप का है, जिसमें फाइनल मैच ही नहीं खेला गया था। बगैर फाइनल मुकाबले के उरुग्वे ने खिताब जीत लिया था। आइए जानते हैं इनके बारे में...
1983 में चोरी हुई ट्रॉफी
1930 से वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को जूल्स रिमे ट्रॉफी दी जाती थी। इसका नाम FIFA के पूर्व प्रेसिडेंट जूल्स रिमे के नाम पर रखा गया था। नियम था कि कोई देश 3 बार वर्ल्ड कप जीतेगा तो उसे यह ट्रॉफी हमेशा के लिए दे दी जाएगी।
1970 में पेले की अगुआई में ब्राजील ने तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतकर ट्रॉफी अपने पास रख ली। 1983 में ब्राजील फुटबॉल फेडरेशन के ऑफिस से यह ट्रॉफी चोरी हो गई। इसके बाद यह कभी नहीं मिली। माना जाता है कि ट्रॉफी को पिघला दिया गया था। हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
बता दें इससे पहले 1966 में भी जूल्स रिमे ट्रॉफी चोरी हुई थी। इंग्लैंड में एग्जीबिशन के दौरान ट्रॉफी गायब हो गई थी। 7 दिन बाद पिकल्स नाम के एक कुत्ते ने झाड़ियों के नीचे खोज निकाला था। उसी साल इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप भी जीता था।

1950 वर्ल्ड कप में फाइनल ही नहीं हुआ
1950 FIFA वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का इकलौता ऐसा एडिशन था, जिसमें फाइनल मैच नहीं खेला गया। उस समय चैंपियन का फैसला फाइनल राउंड रॉबिन ग्रुप से हुआ था। आखिरी मुकाबला ब्राजील और उरुग्वे के बीच खेला गया। ब्राजील को चैंपियन बनने के लिए मैच ड्रॉ करना था। उरुग्वे को जीत जरूरी थी।
माराकाना स्टेडियम में करीब 2 लाख दर्शकों के सामने ब्राजील ने पहला गोल किया। उरुग्वे ने कमबैक करते हुए मैच 2-1 से जीत लिया और वर्ल्ड चैंपियन बन गया। इस हार को फुटबॉल हिस्ट्री के सबसे बड़े अपसेट्स में गिना जाता है। इसे 'माराकानाजो' के नाम से जाना जाता है।

ब्राजील सबसे सफल टीम
वर्ल्ड कप हिस्ट्री में ब्राजील ने सबसे ज्यादा 5 टाइटल जीते हैं। जर्मनी और इटली ने 4-4 बार, अर्जेंटीना ने 3 बार, जबकि फ्रांस और उरुग्वे ने 2-2 बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया है।

