मुंह छिपाकर अपशब्द नहीं कह सकेंगे फुटबॉलर: रेफरी से लड़कर मैदान छोड़ा तो रेड कार्ड; 11 जून से FIFA वर्ल्ड कप का आगाज
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 तीन देश अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजबानी में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई तक होगा। ऐसा पहली बार होगा, जब किसी एक FIFA वर्ल्ड कप में 48 टीमें खेलेंगी। पिछले वर्ल्ड कप में 32 टीमें थीं। वर्ल्ड कप से पहले द इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (IFAB) ने 8 नए रूल्स भी लागू किए हैं।
अब कोई भी प्लेयर मैच के दौरान हाथ या टीशर्ट से मुंह छिपाकर किसी को भी अपशब्द नहीं कह सकेगा। इसके अलावा किसी फैसले को लेकर रेफरी से विवाद हुआ और प्लेयर ने मैदान छोड़ा तो उसे भी रेड कार्ड दिया जाएगा। इसी तरह IFAB ने 8 नियम बदले हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में...

मुंह ढकना मना रहेगा
बदले गए नियम में एक यह भी है कि किसी विवाद की स्थिति में यदि कोई प्लेयर हाथ या टीशर्ट से मुंह ढकता है तो उसे तुरंत ही रेड कार्ड दिया जाएगा। हालांकि क्लब के साथी खिलाड़ी, जो दूसरे देश से खेल रहे हैं, उनसे फ्रेंडली बात करने के दौरान मुंह ढक सकते हैं।
दरअसल, एक मैच में बेनफिका के गियानलुका प्रेस्टियानी पर आरोप लगे थे कि उन्होंने विनिशियस जूनियर पर रेसिस्ट कमेंट किया। प्रेस्टियानी को बाद में 6 मैच के लिए सस्पेंड किया गया था। इसी मामले को ध्यान में रखते हुए यह नियम लाया गया।
मैदान छोड़ना मना है
यदि कोई प्लेयर किसी कारण से रेफरी के खिलाफ विरोध जताते हुए मैदान छोड़कर बाहर जाता है तो उसे रेड कार्ड दिया जाएगा। यदि टीम का कोई ऑफिशियल किसी प्लेयर को मैदान छोड़ने के लिए उकसाता है तो उस पर भी यह नियम लागू होगा। यदि पूरी टीम ही मैच खेलने से मना करती है तो उसे हारा हुआ माना जाएगा।
थ्रो इन और गोल किक काउंटडाउन
थ्रो इन के समय रेफरी की सीटी बजने के बाद 5 सेकंड के अंदर प्लेयर को बॉल अंदर फेंकनी होगी। यदि वो ऐसा नहीं कर पाता है तो थ्रो इन का मौका विपक्षी टीम के प्लेयर को दिया जाएगा। दूसरा गोल किक का काउंटडाउन खत्म होने के बाद भी प्लेयर खेल शुरू नहीं कर पाता है तो विपक्षी टीम को कॉर्नर किक दी जाएगी।
सब्सटीट्यूशन प्रोटोकॉल
यदि सब्सटीट्यूशन बोर्ड दिखाया गया है तो मैदान के अंदर मौजूद प्लेयर को 10 सेकंड के अंदर मैदान छोड़ना होगा। उसके पास जो भी पास में बाउंड्री लाइन होगी, वहीं से उसे बाहर जाना होगा।यदि प्लेयर 10 सेकंड में बाहर नहीं आ पाता है तो फिर वो खेल शुरू होने के एक मिनट बाद ही बाहर जा सकेगा।

ऑफ-फील्ड ट्रीटमेंट
यदि किसी प्लेयर को चोट लगती है और मैदान पर ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है तो उसे एक मिनट के लिए बाहर जाना होगा। एक मिनट का खेल होने के बाद वो वापस आ सकता है। यदि गोलकीपर चोटिल होता है, गोलकीपर किसी दूसरे प्लेयर से टकराता है, एक ही टीम को दो प्लेयर टकराते हैं, ऐसी स्थिति में ये नियम लागू नहीं होगा।
वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) प्रोटोकॉल
VAR का इस्तेमाल पहली बार 2017 में FIFA के एक टूर्नामेंट में किया गया था। रूस 2018 एडिशन इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला पहला FIFA वर्ल्ड कप था। अब VAR का इस्तेमाल येलो और रेड कार्ड को सही तरीके से दिया गया या नहीं, इसे चेक करने के लिए भी किया जा सकेगा। कॉर्नर किक भी सही दी या नहीं, इसको भी चेक किया जा सकेगा।
साथ ही मैच के दौरान खेल किसी कारण से कुछ देर के लिए रुकता है और फिर दोबारा खेल शुरू होने की तैयारी हो। इसी बीच कोई फाउल होता है जो रेफरी नहीं देख पाता और VAR ने देख लिया तो वो रेफरी को बता सकता है। मिसाल के तौर पर कोई प्लेयर कॉर्नर किक लेने वाला होता है। इसी बीच कोई अटैकर किसी डिफेंडर को धक्का देता हो तो VAR यह फाउल रेफरी को बताएगा।

ड्रिंक्स ब्रेक
हर मैच के दोनों हाफ में 1-1 ड्रिंक्स ब्रेक होता है। यह 3 मिनट का होता है। नियमानुसार यह ड्रिंक्स ब्रेक हर हाफ टाइम के भी हाफ में लिया जाता है। यानी हर हाफ में करीब 22वें मिनट पर ड्रिंक्स ब्रेक लिया जाता है। अब नए नियमानुसार यह ब्रेक रेफरी अपनी मर्जी से जरूरत पड़ने पर 2-3 मिनट पहले भी ले सकते हैं। जैसे यदि कोई प्लेयर 20वें मिनट में चोटिल होता है और उसे ट्रीटमेंट की जरूरत है, तब रेफरी 2 मिनट पहले ही ड्रिंक्स ब्रेक ले सकता है।
गोलकीपर को चोटिल होने पर
यदि मैच में किसी गोलकीपर को चोट लगी है। उसका मैदान पर ही ट्रीटमेंट चल रहा है, तो इस कंडीशन में बाकी प्लेयर मैदान से बाहर जाकर कोच के साथ टाइमआउट नहीं ले सकेंगे। कोई भी प्लेयर मैदान से बाहर नहीं जा सकेगा।

